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Rohtak News: राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए 15 सितंबर तक मांगे आवेदन
Wed, 27 Aug 2025 02:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 27 Aug 2025 02:16 AM IST
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सोनीपत। केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in के माध्यम से राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए ऑनलाइन नामांकन मांगे गए हैं। इच्छुक पशुपालक 15 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। पुरस्कार राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि स्वदेशी गोजातीय नस्लों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और विकास करने के उद्देश्य से देश में पहली बार दिसंबर 2014 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) की शुरुआत की गई थी।
आरजीएम के तहत दूध उत्पादक किसानों, डेयरी सहकारी समितियों, एफपीओ और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों (एआईटी) को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभाग 2025 के दौरान भी तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार प्रदान करेगा।
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पुरस्कार के लिए पंजीकृत स्वदेशी मवेशी, मुर्रा भैंस नस्लों को पालने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान, सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति (डीसीएस), दूध उत्पादक कंपनी (एमपीसी), डेयरी किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) व सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी) शामिल हैं।
उपायुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार में पहली दो श्रेणियों यानी सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान और सर्वश्रेष्ठ डीसीएस, एफपीओ, एमपीसी को योग्यता प्रमाणपत्र, एक स्मृति चिह्न और नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
पुरस्कार में प्रथम स्थान पर रहने वाले को पांच लाख रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाले को तीन लाख और तीसरे स्थान पर रहने वाले को दो लाख रुपये दिए जाएंगे। सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी) श्रेणी के मामले में तीनों श्रेणियों के लिए पुरस्कार में योग्यता प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न दिया जाएगा।
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उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि स्वदेशी गोजातीय नस्लों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और विकास करने के उद्देश्य से देश में पहली बार दिसंबर 2014 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) की शुरुआत की गई थी।
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आरजीएम के तहत दूध उत्पादक किसानों, डेयरी सहकारी समितियों, एफपीओ और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों (एआईटी) को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभाग 2025 के दौरान भी तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार प्रदान करेगा।
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पुरस्कार के लिए पंजीकृत स्वदेशी मवेशी, मुर्रा भैंस नस्लों को पालने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान, सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति (डीसीएस), दूध उत्पादक कंपनी (एमपीसी), डेयरी किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) व सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी) शामिल हैं।
उपायुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार में पहली दो श्रेणियों यानी सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान और सर्वश्रेष्ठ डीसीएस, एफपीओ, एमपीसी को योग्यता प्रमाणपत्र, एक स्मृति चिह्न और नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
पुरस्कार में प्रथम स्थान पर रहने वाले को पांच लाख रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाले को तीन लाख और तीसरे स्थान पर रहने वाले को दो लाख रुपये दिए जाएंगे। सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी) श्रेणी के मामले में तीनों श्रेणियों के लिए पुरस्कार में योग्यता प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न दिया जाएगा।