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देशभर के दस सेंटरों पर पहुंची आंसर-की

Thu, 11 Jun 2015 02:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 11 Jun 2015 02:36 AM IST
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एआईपीएमटी परचा लीक मामले में खुलासे पर खुलासे हो रहे हैं।
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अभी तक की जांच में सामने आया है कि देशभर में अलग-अलग प्रदेशों के कुल 10 सेंटरों पर आंसर-की पहुंचाई गई। पुलिस ने इस सभी सेंटरों की फेहरिस्त तैयार की है।

अब तक हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, प. बंगाल और उड़ीसा और चंडीगढ़ के सेंटर सामने आए हैं।

अकेेले सिलीगुड़ी सेंटर से ही 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कुल गिरफ्तार 24 लोगों में 3 छात्राएं भी हैं और पेपर हल करने के दो आरोपी गोहाना से पकड़े गए हैं। पुलिस का कहना है कि अभी तक जो भी लोग इस मामले में सामने आए हैं, उनकी लिस्ट बना ली गई है। इनमें लाभार्थी (आंसर-की पाने वाले अभ्यर्थी) भी शामिल हैं।
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बुधवार को डीएसपी अमित भाटिया ने प्रेसवार्ता में दावा किया कि अब तक की जांच में पेपर लीक होने के पुख्ता सबूत आ चुके हैं। हालांकि पुलिस अभी तक गिरोह के सरगना रूप सिंह दांगी तक नहीं पहुंच पाई है, लेकिन जल्द ही उसको पकड़ लिया जाएगा। भाटिया ने दावा किया कि अब तक की कार्रवाई से कोर्ट भी संतुष्ट है और 12 तारीख को सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने से पहले तक हमें कई कामयाबी मिलने की उम्मीद है। एसआईटी की टीमों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी की है। तीन टीमें अभी भी राज्य के बाहर कार्रवाई कर रही हैं।  यूं करते थे सेटिंग
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अभ्यर्थियों को फांसने के लिए गिरोह कोचिंग इंस्टीट्यूट और अन्य संस्थाओं के लोगों को अपने में शामिल कर लेता था। संस्थानों के ये लोग अभ्यर्थियों और अभिभावकों को फांसते थे। जो जाल में फंसता, उन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स मुहैया कराए जाते और फिर लीक आंसर-की के जरिये नकल कराई जाती। कई अभ्यर्थी ऐसे भी थे, जिन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स लिए, लेकिन टेस्ट से हट गए।

चंद्रशेखर बोला, मैं तो सिर्फ बिचौलिया
इधर, नागपुर के पूर्व विधायक के दामाद गिरफ्तार आरोपी परिमल चंद्रशेखर ने रिमांड में बताया है कि मैं तो सिर्फ बिचौलिया हूं। मैंने एक अभ्यर्थी को ही गिरोह से मिलाया है। इसके बदले मुझे कोई पैसा नहीं मिला है।
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