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Rohtak News: अंकित का देर शाम पहुंचा शव, रात में ही किया अंतिम संस्कार
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रोहतक। सदर थानाक्षेत्र के कान्ही गांव निवासी अंकित का परिवार काफी सामान्य है। वह दो बहनों का इकलौता भाई था और चार माह पहले ही उसने प्रेम विवाह किया था। उसके पिता गांव में परचून आदि की दुकान चलाकर परिवार का लालन-पालन कर रहे थे।
देर शाम जब शव आया तो परिवार में कोहराम मच गया और रात करीब 10 बजे उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अंकित पर चोरी, लूट और डकैती एवं आर्म्स एक्ट के विभिन्न जिलों में पांच मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने बताया कि अंकित अपने ममेरे भाई सोनीपत के जागसी निवासी रवि और जंगेठी गिरोह के संपर्क में भी था।
अंकित ने चार माह पहले ही पलवल निवासी युवती से प्रेम विवाह किया था। ग्रामीणों ने बताया कि वह रवि को बेकसूर मानता था और पुलिस पर उसे (रवि को) फंसाने का आरोप लगाता था। वह अकसर उसे छुड़ाने की बात करता था, लेकिन उनको यह पता नहीं था कि वह इस तरह पुलिस हिरासत से उसे छुड़ाएगा। वह समझते थे कि कोर्ट-कचहरी में पैरवी करके उसे छुटाने की बात करता है। ग्रामीणों ने बताया कि अंकित के पिता नरेंद्र लगातार उसे समझाते थे कि वह रवि और दूसरों के चक्कर में न आए, लेकिन उसने एक नहीं सुनी और अंत में परिवार को अकेला छोड़ गया। हालांकि उस पर सोनीपत, झज्जर और रोहतक में पांच मुकदमे दर्ज थे।
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देर शाम जब शव आया तो परिवार में कोहराम मच गया और रात करीब 10 बजे उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अंकित पर चोरी, लूट और डकैती एवं आर्म्स एक्ट के विभिन्न जिलों में पांच मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने बताया कि अंकित अपने ममेरे भाई सोनीपत के जागसी निवासी रवि और जंगेठी गिरोह के संपर्क में भी था।
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अंकित ने चार माह पहले ही पलवल निवासी युवती से प्रेम विवाह किया था। ग्रामीणों ने बताया कि वह रवि को बेकसूर मानता था और पुलिस पर उसे (रवि को) फंसाने का आरोप लगाता था। वह अकसर उसे छुड़ाने की बात करता था, लेकिन उनको यह पता नहीं था कि वह इस तरह पुलिस हिरासत से उसे छुड़ाएगा। वह समझते थे कि कोर्ट-कचहरी में पैरवी करके उसे छुटाने की बात करता है। ग्रामीणों ने बताया कि अंकित के पिता नरेंद्र लगातार उसे समझाते थे कि वह रवि और दूसरों के चक्कर में न आए, लेकिन उसने एक नहीं सुनी और अंत में परिवार को अकेला छोड़ गया। हालांकि उस पर सोनीपत, झज्जर और रोहतक में पांच मुकदमे दर्ज थे।
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