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प्रोबेशन पीरियड बढ़ने से खफा महिला डॉक्टर ने निदेशक कार्यालय पर किया हंगामा
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Angry over increase in probation period, female doctor creates ruckus on director's office
पीजीआईएमएस के बायो केमिस्ट्री विभाग की सहायक प्रोफेसर (महिला डॉक्टर) ने अपने प्रोबेशन पीरियड बढ़ाए जाने से खफा होकर वीरवार को निदेशक कार्यालय पर हंगामा कर दिया। आरोप है कि मौके पर तैनात महिला सुरक्षा गार्डों के साथ गाली-गलौज व मारपीट भी की। घटना के बाद निदेशक व सुरक्षा गार्डों की ओर से महिला डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत कुलपति को भेज दी है।
महिला डॉक्टर का आरोप है कि निदेशक और विभागाध्यक्ष उसे परेशान कर रहे हैं। हंगामा बढ़ने पर जब महिला सुरक्षा कर्मचारियों ने उसे समझाने का प्रयास किया तो वह हाथापाई पर आ गई। महिला डॉक्टर के खिलाफ महिला गार्ड संगीता, राकेश, सुमन, निशा व टीना ने कुलपति को लिखित में सौंपी है। महिला गार्डों ने बताया कि निदेशक कार्यालय में बिना अनुमति कोई भी प्रवेश नहीं कर सकता। जबकि महिला डॉक्टर जबरदस्ती अंदर घुस गई। समझाने पर हाथापाई की। इस पर अधिकारी की सुरक्षा और नियमों के तहत हलका बल प्रयोग भी करना पड़ा। इस बारे में जब महिला डॉक्टर से संपर्क करना चाहा तो उसने फोन नहीं उठाया। बायो केमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. सिम्मी खरब ने इबताया कि वह अवकाश पर हैं, उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
सितंबर 2018 में हुई थी नियुक्ति
महिला डॉक्टर की नियुक्ति सितंबर 2018 में संस्थान में हुई थी। बताया जा रहा है कि उनका प्रोबेशन पीरियड बढ़ाए जाने से वह खफा थी और इसका विरोध कर रही थी। महिला के पति बालरोग विभाग में तैनात हैं। इस घटना पर महिला के पति ने संस्थान को बताया है कि वह उनकी पत्नी की हालत ठीक नहीं है। हालांकि इस मामले में कुछ डॉक्टरों ने रोष जताया है कि निजी सुरक्षा गार्डों को डॉक्टर पर हाथ नहीं उठाना था। वीरवार को हुए घटनाक्रम पर सभी प्रशासनिक अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। देर रात तक किसी अधिकारी ने इस मामले पर अपना पक्ष नहीं रखा। निदेशक कार्यालय के सूत्रों के अनुसार निदेशक ने महिला डॉक्टर की स्थिति को देखते हुए केस पुलिस को देने की बजाय विभागीय जांच के लिए कहा है।
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महिला डॉक्टर का आरोप है कि निदेशक और विभागाध्यक्ष उसे परेशान कर रहे हैं। हंगामा बढ़ने पर जब महिला सुरक्षा कर्मचारियों ने उसे समझाने का प्रयास किया तो वह हाथापाई पर आ गई। महिला डॉक्टर के खिलाफ महिला गार्ड संगीता, राकेश, सुमन, निशा व टीना ने कुलपति को लिखित में सौंपी है। महिला गार्डों ने बताया कि निदेशक कार्यालय में बिना अनुमति कोई भी प्रवेश नहीं कर सकता। जबकि महिला डॉक्टर जबरदस्ती अंदर घुस गई। समझाने पर हाथापाई की। इस पर अधिकारी की सुरक्षा और नियमों के तहत हलका बल प्रयोग भी करना पड़ा। इस बारे में जब महिला डॉक्टर से संपर्क करना चाहा तो उसने फोन नहीं उठाया। बायो केमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. सिम्मी खरब ने इबताया कि वह अवकाश पर हैं, उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
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सितंबर 2018 में हुई थी नियुक्ति
महिला डॉक्टर की नियुक्ति सितंबर 2018 में संस्थान में हुई थी। बताया जा रहा है कि उनका प्रोबेशन पीरियड बढ़ाए जाने से वह खफा थी और इसका विरोध कर रही थी। महिला के पति बालरोग विभाग में तैनात हैं। इस घटना पर महिला के पति ने संस्थान को बताया है कि वह उनकी पत्नी की हालत ठीक नहीं है। हालांकि इस मामले में कुछ डॉक्टरों ने रोष जताया है कि निजी सुरक्षा गार्डों को डॉक्टर पर हाथ नहीं उठाना था। वीरवार को हुए घटनाक्रम पर सभी प्रशासनिक अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। देर रात तक किसी अधिकारी ने इस मामले पर अपना पक्ष नहीं रखा। निदेशक कार्यालय के सूत्रों के अनुसार निदेशक ने महिला डॉक्टर की स्थिति को देखते हुए केस पुलिस को देने की बजाय विभागीय जांच के लिए कहा है।
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