{"_id":"68ed3675599c55429e0f24bc","slug":"anger-erupts-over-ips-y-puran-kumars-suicide-case-people-protest-rohtak-news-c-197-1-snp1001-143739-2025-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: आईपीएस वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले को लेकर फूटा गुस्सा, लोगों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: आईपीएस वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले को लेकर फूटा गुस्सा, लोगों ने किया प्रदर्शन
Mon, 13 Oct 2025 10:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 13 Oct 2025 10:57 PM IST
विज्ञापन
फोटो 07: सोनीपत के गोहाना में आंबेडकर चौक पर प्रदर्शन करते एससी समाज के लोग। स्रोत: पाठक
गोहाना। एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले में अनुसूचित जाति व अन्य वर्ग के लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। सोमवार को लोग गोहाना में सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किए। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारी जींद रोड, गोहाना स्थित पार्क में एकत्रित हुए और यहां से रोष मार्च निकालते हुए आंबेडकर चौक पर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पार्षद जगदीश राय, शमशेर भंडेरी, बंसी वाल्मीकि व डॉ. सीडी शर्मा ने कहा कि 15 दिन में अनुसूचित समाज के साथ अत्याचार की तीन बड़ी घटनाएं सामने आई हैं।
सीजेआई पर जूता फेंकने की घटना, रायबरेली में वाल्मीकि युवक की हत्या और अब आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की मौत हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अफसरशाही के दबाव और अत्याचारों के कारण वाई पूरण कुमार को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती अनुसूचित समाज चुप नहीं बैठेगा। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर 17 अक्तूबर से पहले न्याय नहीं मिला तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोनीपत में होने वाली रैली का विरोध किया जाएगा।
सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि एक ईमानदार अधिकारी को झूठे आरोपों में फंसाया गया जो पूरे समाज के सम्मान पर चोट है।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारी जींद रोड, गोहाना स्थित पार्क में एकत्रित हुए और यहां से रोष मार्च निकालते हुए आंबेडकर चौक पर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पार्षद जगदीश राय, शमशेर भंडेरी, बंसी वाल्मीकि व डॉ. सीडी शर्मा ने कहा कि 15 दिन में अनुसूचित समाज के साथ अत्याचार की तीन बड़ी घटनाएं सामने आई हैं।
विज्ञापन
सीजेआई पर जूता फेंकने की घटना, रायबरेली में वाल्मीकि युवक की हत्या और अब आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की मौत हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अफसरशाही के दबाव और अत्याचारों के कारण वाई पूरण कुमार को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती अनुसूचित समाज चुप नहीं बैठेगा। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर 17 अक्तूबर से पहले न्याय नहीं मिला तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोनीपत में होने वाली रैली का विरोध किया जाएगा।
सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि एक ईमानदार अधिकारी को झूठे आरोपों में फंसाया गया जो पूरे समाज के सम्मान पर चोट है।