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Rohtak News: शहर में वेंडिंग के साथ नॉन वेंडिंग जोन भी बनेंगे
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शहर में वेंडिंग जोन के साथ नॉन वेंडिंग जोन भी बनाई जाएंगे, साथ ही फूड कोर्ट के लिए विशेष जगह तलाश की जाएगी। एक दिन पहले डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने स्ट्रीट वेंडिंग जोन योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को ये दिशा निर्देश दिए।
नगर निगम की ओर से करवाए गए सर्वे के मुताबिक, शहर में करीब 13 हजार पंजीकृत वेंडर हैं। कोरोना काल से पहले 3755 पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर ही थे। केंद्र सरकार की हिदायत के बाद नए सिरे से सर्वे हुआ, जिसके बाद वेंडर की संख्या बढ़ती चली गई। नगर निगम की तरफ से 10 वेंडिंग जोन चयनित किए गए हैं, जिनमें मौजूदा पंजीकृत वेंडर समायोजित नहीं हो पा रहे हैं।
सोमवार को डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें निगम आयुक्त धर्मेंद्र, संयुक्त आयुक्त भूपेंद्र सिंह, सीपीओ जगदीश चंद्र, एलओ संदीप बतरा के अलावा एडीसी नरेंद्र सिंह व डीटीपी सुमन भी मौजूद रहीं। डीसी ने निर्देश दिए कि शहर में भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए पंजीकृत रेहड़ी संचालकों के लिए पहले से निर्धारित स्थानों के अलावा नए वेंडिंग जोन चिह्नित करें। इसके साथ ही शहर में नो वेंडिंग जोन भी बनाए जाएं, ताकि वहां पर कोई किसी प्रकार की रेहड़ी न लगा सकें।
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डीसी ने वेंडिंग जोन में वैकल्पिक बिजली का कनेक्शन और पेयजल की सुविधा और वैकल्पिक शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने की हिदायत दी। जरूरी नहीं कि शहर में बड़े वेंडिंग जोन स्थापित हों, बल्कि पांच या 10 रेहड़ी की क्षमता के वेंडिंग जोन बनाए जा सकते हैं, डीसी ने कहा कि वेंडिंग जोन में केवल पंजीकृत रेहड़ी संचालकों को ही जगह दी जाए। रेहड़ी संचालकों को पहचान पत्र जारी किए जाएं। रेहड़ी संचालकों को यह निर्देश दिए जाएं कि वे वहां पर किसी प्रकार का पक्का निर्माण नहीं करेंगे, बल्कि उनको यह जगह केवल अस्थायी तौर पर दी जा रही है।
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नगर निगम की ओर से करवाए गए सर्वे के मुताबिक, शहर में करीब 13 हजार पंजीकृत वेंडर हैं। कोरोना काल से पहले 3755 पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर ही थे। केंद्र सरकार की हिदायत के बाद नए सिरे से सर्वे हुआ, जिसके बाद वेंडर की संख्या बढ़ती चली गई। नगर निगम की तरफ से 10 वेंडिंग जोन चयनित किए गए हैं, जिनमें मौजूदा पंजीकृत वेंडर समायोजित नहीं हो पा रहे हैं।
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सोमवार को डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें निगम आयुक्त धर्मेंद्र, संयुक्त आयुक्त भूपेंद्र सिंह, सीपीओ जगदीश चंद्र, एलओ संदीप बतरा के अलावा एडीसी नरेंद्र सिंह व डीटीपी सुमन भी मौजूद रहीं। डीसी ने निर्देश दिए कि शहर में भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए पंजीकृत रेहड़ी संचालकों के लिए पहले से निर्धारित स्थानों के अलावा नए वेंडिंग जोन चिह्नित करें। इसके साथ ही शहर में नो वेंडिंग जोन भी बनाए जाएं, ताकि वहां पर कोई किसी प्रकार की रेहड़ी न लगा सकें।
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डीसी ने वेंडिंग जोन में वैकल्पिक बिजली का कनेक्शन और पेयजल की सुविधा और वैकल्पिक शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने की हिदायत दी। जरूरी नहीं कि शहर में बड़े वेंडिंग जोन स्थापित हों, बल्कि पांच या 10 रेहड़ी की क्षमता के वेंडिंग जोन बनाए जा सकते हैं, डीसी ने कहा कि वेंडिंग जोन में केवल पंजीकृत रेहड़ी संचालकों को ही जगह दी जाए। रेहड़ी संचालकों को पहचान पत्र जारी किए जाएं। रेहड़ी संचालकों को यह निर्देश दिए जाएं कि वे वहां पर किसी प्रकार का पक्का निर्माण नहीं करेंगे, बल्कि उनको यह जगह केवल अस्थायी तौर पर दी जा रही है।