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भारतीय वायुसेना और एमडीयू रोहतक के बीच डॉक्टरल प्रोग्राम के लिए करार, होंगे ये छह फायदे
Thu, 12 Dec 2019 03:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2019 03:26 PM IST
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वायुसेना और एमडीयू रोहतक के बीच करार
- फोटो : अमर उजाला
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वायु सेना के अकादमिक आउटरिच पहल के तहत एमडीयू से हुआ एमओयू कई मायनों में महत्वपूर्ण है। भारतीय वायु सेना ने पहली बार देश के किसी विश्वविद्यालय के साथ डॉक्टरल प्रोग्राम (पीएचडी) के लिए करार किया है। यह कहना है भारतीय वायु सेना के अस्सिटेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (एजूकेशन) एयर वाइस मार्शल एनएन शर्मा का।
एमओयू पर एमडीयू के कुल सचिव प्रो. गुलशन लाल तनेजा व एयर वाइस मार्शल एलएन शर्मा ने हस्ताक्षर किए हैं। उनका मानना है कि इससे मानव संसाधन के क्षमता संवर्धन का रास्ता प्रशस्त होगा। वायु सेना एमडीयू परिसर में मोटीवेशनल लेक्चर प्रोग्राम व करिअर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। इससे डिफेंस के विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल अनुभव मिलेगा। साथ ही एयर फोर्स के अधिकारी पढ़ाने व व्याख्यान के लिए संस्थान में आएंगे।
एयर वाइस मार्शल एनएन शर्मा बुधवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में भारतीय वायु सेना के साथ एमडीयू के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहभागिता के लिए करार करने पहुंचे। इस संदर्भ में एमडीयू और भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने एमओयू (मैमोरेंडम ऑफ अंडर स्टेंडिंग) पर हस्ताक्षर किए। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि संस्थान व भारतीय वायु सेना के मध्य यह एमओयू एक ऐतिहासिक पहल है। इससे विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
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भारतीय वायु सेना के प्रोफेशनल अनुभव व एमडीयू के शैक्षणिक अनुभव का सम मिश्रण इस एमओयू के जरिए होगा। कार्यक्रम में एमडीयू के शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. एके राजन ने इस शैक्षणिक एवं शोध करार की पृष्ठ भूमि प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह एमओयू एमडीयू की शैक्षणिक एवं शोध उत्कृष्टता के प्रयासों की एक अनूठी पहल है। भविष्य में एमडीयू व भारतीय वायु सेना के मध्य वैमानिकी, अभियांत्रिकी, संचार, मनोविज्ञान, कृत्रिम मेधा, सूचना विज्ञान, मीडिया अध्ययन तथा शिक्षा आदि विषयों में शैक्षणिक सहभागिता के लिए कार्य किया जाएगा।
इस मौके पर प्रो. गुलशन लाल तनेजा, सामाजिक विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. नीना सिंह, निदेशक जनसंपर्क सुनीत मुखर्जी, शोध निदेशक प्रो. एएस छिल्लर, पंडित लख्मी चंद शोध पीठ के निदेशक प्रो. जेएस हुड्डा, निदेशक यूनिवर्सिटी आउटरिच प्रो. महताब सिंह, सहायक कुल सचिव मदन लाल बतरा, वायु सेना अधिकारी विंग कमांडर विश्व क्रांति बंधु, ग्रुप कैप्टन शक्ति शर्मा, टीपीओ यूआईईटी अरूण हुड्डा, पीआरओ पंकज नैन, आईएचटीएम प्राध्यापक डॉ. संदीप मलिक, खैराती लाल आदि उपस्थित रहे।
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एमओयू पर एमडीयू के कुल सचिव प्रो. गुलशन लाल तनेजा व एयर वाइस मार्शल एलएन शर्मा ने हस्ताक्षर किए हैं। उनका मानना है कि इससे मानव संसाधन के क्षमता संवर्धन का रास्ता प्रशस्त होगा। वायु सेना एमडीयू परिसर में मोटीवेशनल लेक्चर प्रोग्राम व करिअर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। इससे डिफेंस के विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल अनुभव मिलेगा। साथ ही एयर फोर्स के अधिकारी पढ़ाने व व्याख्यान के लिए संस्थान में आएंगे।
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एयर वाइस मार्शल एनएन शर्मा बुधवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में भारतीय वायु सेना के साथ एमडीयू के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहभागिता के लिए करार करने पहुंचे। इस संदर्भ में एमडीयू और भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने एमओयू (मैमोरेंडम ऑफ अंडर स्टेंडिंग) पर हस्ताक्षर किए। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि संस्थान व भारतीय वायु सेना के मध्य यह एमओयू एक ऐतिहासिक पहल है। इससे विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
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भारतीय वायु सेना के प्रोफेशनल अनुभव व एमडीयू के शैक्षणिक अनुभव का सम मिश्रण इस एमओयू के जरिए होगा। कार्यक्रम में एमडीयू के शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. एके राजन ने इस शैक्षणिक एवं शोध करार की पृष्ठ भूमि प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह एमओयू एमडीयू की शैक्षणिक एवं शोध उत्कृष्टता के प्रयासों की एक अनूठी पहल है। भविष्य में एमडीयू व भारतीय वायु सेना के मध्य वैमानिकी, अभियांत्रिकी, संचार, मनोविज्ञान, कृत्रिम मेधा, सूचना विज्ञान, मीडिया अध्ययन तथा शिक्षा आदि विषयों में शैक्षणिक सहभागिता के लिए कार्य किया जाएगा।
इस मौके पर प्रो. गुलशन लाल तनेजा, सामाजिक विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. नीना सिंह, निदेशक जनसंपर्क सुनीत मुखर्जी, शोध निदेशक प्रो. एएस छिल्लर, पंडित लख्मी चंद शोध पीठ के निदेशक प्रो. जेएस हुड्डा, निदेशक यूनिवर्सिटी आउटरिच प्रो. महताब सिंह, सहायक कुल सचिव मदन लाल बतरा, वायु सेना अधिकारी विंग कमांडर विश्व क्रांति बंधु, ग्रुप कैप्टन शक्ति शर्मा, टीपीओ यूआईईटी अरूण हुड्डा, पीआरओ पंकज नैन, आईएचटीएम प्राध्यापक डॉ. संदीप मलिक, खैराती लाल आदि उपस्थित रहे।
एमओयू के बाद यह रहेगा विशेष
- वायु सेना की अनुमति के बाद अधिकारी व कर्मचारी कर सकेंगे एमडीयू में पीएचडी
- भविष्य में अन्य विभागों में हो सकता है स्पेशल कोर्स शुरू
- एयर फोर्स के अधिकारी पढ़ाने व व्याख्यान के लिए आएंगे संस्थान में
- एमडीयू के विद्यार्थियों को फील्ड में काम करने वालों का मिलेगा अनुभव
- डिफेंस के विद्यार्थियों को मिलेगा प्रेक्टिकल अनुभव
- एयर फोर्स की टीम कैंपस में आएगी और मोटिवेशनल लेक्चर देगी व करियर गाइड करेगी
- भविष्य में अन्य विभागों में हो सकता है स्पेशल कोर्स शुरू
- एयर फोर्स के अधिकारी पढ़ाने व व्याख्यान के लिए आएंगे संस्थान में
- एमडीयू के विद्यार्थियों को फील्ड में काम करने वालों का मिलेगा अनुभव
- डिफेंस के विद्यार्थियों को मिलेगा प्रेक्टिकल अनुभव
- एयर फोर्स की टीम कैंपस में आएगी और मोटिवेशनल लेक्चर देगी व करियर गाइड करेगी