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बिजली कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे तो ठेका कर्मी संभालेंगे काम
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 28 Jun 2016 02:04 AM IST
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बिजली कर्मियों ने निकाला मशाल जुलूस
- फोटो : amar ujala
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बिजली कर्मचारियों की 29-30 जून की प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर बिजली निगम और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। बिजली निगम अधिकारियों ने कहा है कि यदि कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल शांतिपूर्ण रहती है तो कोई बात नहीं, लेकिन वह बिजली बाधित करने का प्रयास करेंगे तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। वहीं, कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि हड़ताल होगी तो वह शांतिपूर्ण तरीके से की जाएगी। उनका कहना है कि हड़ताल के दिनों में यदि जनता को परेशानी होगी तो वह काम कर सकते हैं। वहीं, बिजली निगम ने कहा है कि यदि हड़ताल होती है तो उस दिन आपूर्ति में दिक्कत आने पर उसे सही करने की जिम्मेदारी ठेका कर्मियों की होगी।
सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का आंदोलन चल रहा है। इसी के तहत कर्मचारियों ने 29 -30 जून को हड़ताल की चेतावनी दी है। हड़ताल के दौरान आम जनता को परेशानी न हो इसके लिए तैयारी की जा रही है। व्यवस्था बनाने के लिए सोमवार को दिनभर बिजली निगम और प्रशासनिक अधिकारी बैठक करके मंथन करते रहे। एडीसी प्रदीप कुमार के साथ सोमवार सुबह प्रशासनिक व बिजली निगम अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि हड़ताल की वजह से हालात नहीं बिगड़ने चाहिए। स्थिति संभालने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए गए, जिनमें एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ और अन्य को लगाया गया है। साथ में पुलिस कर्मियों को रखा जाएगा। इस दौरान कोई कर्मी यदि बिजली व्यवस्था बाधित करने का प्रयास करता है तो उस पर कार्रवाई होगी। इसके बाद एसई ज्ञानचंद ने सभी एक्सईएन और एसडीओ के साथ बैठक की। बैठक में तय किया गया कि यदि हड़ताल होती है तो उस दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होती है या फाल्ट होता है तो उसे उसे प्राइवेट कर्मियों से ठीक कराया जाएगा।
बिजली कर्मियों ने निकाला मशाल जुलूस
सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सोमवार शाम शहर में मशाल जुलूस निकाला। बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता जुलूस के साथ डी पार्क पहुंचे और काले कानून की निंदा कर सरकार और अफ सरों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की।
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सोमवार शाम को बिजली निगम के कर्मचारी के समर्थन में मानसरोवर पार्क में सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान महावीर मलिक की अध्यक्षता में कई संगठनों के नेता और कर्मचारी एकत्रित हुए। पार्क से सभी हाथ में मशाल लेकर नारेबाजी करते हुए डी पार्क पहुंचे। यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एस्मा कानून की निंदा की गई। आरोप लगाया गया कि अंग्रेजों के बनाए साल 1889 के काले कानून को लागू करके कर्मचारियों की जायज मांगों को दबाया जा रहा है। इस दौरान 29-30 जून को बिजली कर्मियों की हड़ताल का पूर्ण समर्थन करने का ऐलान किया गया। जुलूस के समाप्त होने पर हड़ताल के समर्थन में 29 जून को 11 बजे हुडा सिटी पार्क में एकत्रित होने का आह्वान किया गया। इस दौरान जनवादी महिला समिति की जिला प्रधान सविता, किसान सभा के नेता प्रीत सिंह, सीटू के राज्य अध्यक्ष सुरेंद्र मलिक, सर्व कर्मचारी संघ के उप महासचिव जीवन सिंह, सचिव रमेश लोरा, एमडीयू के प्रधान रणधीर कटारिया, आईटीआई के प्रदेशाध्यक्ष प्रवीन देशवाल, नौजवान सभा के नेता संदीप, एसएफआई नेता सुमित, जोगेंद्र बल्हारा, बिजेंद्र गुलिया, सचिव संदीप लठवाल, कोषाध्यक्ष प्रेम घिलोड़िया, वरिष्ठ उपप्रधान शिव कुमार, ब्लाक प्रधान भजन सिंह गुलिया आदि मौजूद रहे।
ग्रामीण क्षेत्र में रहेगी भरपूर सप्लाई
पूर्व घोषणा के अनुसार बिजली कर्मचारी मंगलवार रात 12 बजे से हड़ताल पर चले जाएंगे। जिसके लिए उन्होंने पहले ही विभाग को सूचना दे दी है। इसके बाद किसी जगह की बिजली ना काटी जाएगी और ना जोड़ी जाएगी। इसका फायदा ग्रामीण क्षेत्रों में होगा। वहां की बिजली बुधवार सुबह 7 बजे काटी जानी है और कर्मचारी नहीं होने के कारण वह लगातार चलती रहेगी। बिजली आपूर्ति शुक्रवार सुबह सात बजे तक चलेगी। अधिकारियों का कहना है कि बिजली कट करने से बचा जाएगा, क्योंकि बिजली कट करके फिर चलाने से लाइन में फाल्ट आते हैं और उससे परेशानी हो सकती है।
बिजली आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आपूर्ति जारी रहेगी। बिजली में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई तो वह चलती रहेगी। कोई फाल्ट हुआ तो उसे ठीक करा लिया जाएगा।
- धर्मबीर छिकारा, एक्सईएन
हमारी हड़ताल शांतिपूर्ण रहेगी और आम जनता को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जल घर, स्वास्थ्य विभाग आदि की बिजली में कोई फाल्ट आता है तो उसे कर्मचारी ठीक करेंगे। आम जनता को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- बिजेंद्र बेनीवाल, वरिष्ठ नेता ज्वाइंट एक्शन कमेटी पावर
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सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का आंदोलन चल रहा है। इसी के तहत कर्मचारियों ने 29 -30 जून को हड़ताल की चेतावनी दी है। हड़ताल के दौरान आम जनता को परेशानी न हो इसके लिए तैयारी की जा रही है। व्यवस्था बनाने के लिए सोमवार को दिनभर बिजली निगम और प्रशासनिक अधिकारी बैठक करके मंथन करते रहे। एडीसी प्रदीप कुमार के साथ सोमवार सुबह प्रशासनिक व बिजली निगम अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि हड़ताल की वजह से हालात नहीं बिगड़ने चाहिए। स्थिति संभालने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए गए, जिनमें एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ और अन्य को लगाया गया है। साथ में पुलिस कर्मियों को रखा जाएगा। इस दौरान कोई कर्मी यदि बिजली व्यवस्था बाधित करने का प्रयास करता है तो उस पर कार्रवाई होगी। इसके बाद एसई ज्ञानचंद ने सभी एक्सईएन और एसडीओ के साथ बैठक की। बैठक में तय किया गया कि यदि हड़ताल होती है तो उस दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होती है या फाल्ट होता है तो उसे उसे प्राइवेट कर्मियों से ठीक कराया जाएगा।
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बिजली कर्मियों ने निकाला मशाल जुलूस
सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सोमवार शाम शहर में मशाल जुलूस निकाला। बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता जुलूस के साथ डी पार्क पहुंचे और काले कानून की निंदा कर सरकार और अफ सरों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की।
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सोमवार शाम को बिजली निगम के कर्मचारी के समर्थन में मानसरोवर पार्क में सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान महावीर मलिक की अध्यक्षता में कई संगठनों के नेता और कर्मचारी एकत्रित हुए। पार्क से सभी हाथ में मशाल लेकर नारेबाजी करते हुए डी पार्क पहुंचे। यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एस्मा कानून की निंदा की गई। आरोप लगाया गया कि अंग्रेजों के बनाए साल 1889 के काले कानून को लागू करके कर्मचारियों की जायज मांगों को दबाया जा रहा है। इस दौरान 29-30 जून को बिजली कर्मियों की हड़ताल का पूर्ण समर्थन करने का ऐलान किया गया। जुलूस के समाप्त होने पर हड़ताल के समर्थन में 29 जून को 11 बजे हुडा सिटी पार्क में एकत्रित होने का आह्वान किया गया। इस दौरान जनवादी महिला समिति की जिला प्रधान सविता, किसान सभा के नेता प्रीत सिंह, सीटू के राज्य अध्यक्ष सुरेंद्र मलिक, सर्व कर्मचारी संघ के उप महासचिव जीवन सिंह, सचिव रमेश लोरा, एमडीयू के प्रधान रणधीर कटारिया, आईटीआई के प्रदेशाध्यक्ष प्रवीन देशवाल, नौजवान सभा के नेता संदीप, एसएफआई नेता सुमित, जोगेंद्र बल्हारा, बिजेंद्र गुलिया, सचिव संदीप लठवाल, कोषाध्यक्ष प्रेम घिलोड़िया, वरिष्ठ उपप्रधान शिव कुमार, ब्लाक प्रधान भजन सिंह गुलिया आदि मौजूद रहे।
ग्रामीण क्षेत्र में रहेगी भरपूर सप्लाई
पूर्व घोषणा के अनुसार बिजली कर्मचारी मंगलवार रात 12 बजे से हड़ताल पर चले जाएंगे। जिसके लिए उन्होंने पहले ही विभाग को सूचना दे दी है। इसके बाद किसी जगह की बिजली ना काटी जाएगी और ना जोड़ी जाएगी। इसका फायदा ग्रामीण क्षेत्रों में होगा। वहां की बिजली बुधवार सुबह 7 बजे काटी जानी है और कर्मचारी नहीं होने के कारण वह लगातार चलती रहेगी। बिजली आपूर्ति शुक्रवार सुबह सात बजे तक चलेगी। अधिकारियों का कहना है कि बिजली कट करने से बचा जाएगा, क्योंकि बिजली कट करके फिर चलाने से लाइन में फाल्ट आते हैं और उससे परेशानी हो सकती है।
बिजली आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आपूर्ति जारी रहेगी। बिजली में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई तो वह चलती रहेगी। कोई फाल्ट हुआ तो उसे ठीक करा लिया जाएगा।
- धर्मबीर छिकारा, एक्सईएन
हमारी हड़ताल शांतिपूर्ण रहेगी और आम जनता को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जल घर, स्वास्थ्य विभाग आदि की बिजली में कोई फाल्ट आता है तो उसे कर्मचारी ठीक करेंगे। आम जनता को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- बिजेंद्र बेनीवाल, वरिष्ठ नेता ज्वाइंट एक्शन कमेटी पावर