फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   ADG of Intelligence Department sent letters for action, names of seven officers and employees exposed

गुप्तचर विभाग के एडीजी ने कार्रवाई के लिए भेजे पत्र, सात अधिकारी और कर्मचारियों के नाम किए उजागर

Fri, 29 Jul 2022 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jul 2022 11:51 PM IST
विज्ञापन
ADG of Intelligence Department sent letters for action, names of seven officers and employees exposed
गुप्तचर विभाग द्वारा भेजा गया पत्र। - फोटो : Narnol
नारनौल। जिले में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अरावली की पहाड़ियों में खनन का खेल चल रहा है। इसका खुलासा करते हुए गुप्तचर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) विजय प्रताप ने कार्रवाई के लिए 29 जून को महानिदेशक खनन एवं भू विज्ञान, प्रधान मुख्य वन संरक्षक तथा पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा है। यह पत्र उपायुक्त के पास भी आया है। इसमें खनन में संलिप्त खनन, वन विभाग और पुलिस महकमे के चार अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम भी उजागर किए गए हैं।
विज्ञापन

पत्र में एक दलाला का नाम भी उजागर किया गया है जिसके माध्यम से लेनदेन होता है। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर अवैध खनन करने वाले 35 लोगों के नाम, पता एवं मोबाइल नंबरों का उल्लेख किया गया है। खनन की कुछ तस्वीरें भी पत्र के साथ संलग्न की गई हैं। साथ ही तीनों विभाग के अधिकारियों को संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई कर सूचित करने की बात कही गई है। एडीजी ने पत्र में लिखा है कि सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि अरावली की पहाड़ियों में एनजीटी की ओर से प्रतिबंध लगाने के बाद भी स्थानीय ग्रामीणों द्वारा अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। वे पत्थर नजदीक के गांवों में भवन निर्माण, पत्थर का पाउडर बनाने की ग्राइंडिंग यूनिटों में बेच देते हैं। जिले में अवैध खनन का कार्य खनन विभाग, वन विभाग व स्थानीय पुलिस के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा है जो अवैध खनन करने वालों के संपर्क में रहते हैं। जब कोई टीम इनको पकड़ने जाती है तो इन्हें सूचित कर दिया जाता है। इसलिए इनकी जांच करा कर कार्रवाई की जाए और कार्रवाई से सूचित किया जाए। यह लेटर उपरोक्त विभाग के आला अधिकारियों ने जिला स्तर के अधिकारियों को भेजा है। इसके अलावा उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक को भी पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन

-
खनन करने का तरीका
पत्र में बताया गया है कि अवैध खनन करने वाले बारूद राजस्थान सीकर जिले के पाटन से लेकर लाते हैं। ड्रील मशीन लगाकर पहाड़ से सुराग बनाकर और उनमें बारूद भरकर ब्लास्टिंग की जाती है। टूटे पत्थरों को जेसीबी एवं मजदूरों की सहायता से ट्रैक्टर ट्राली में भरवा दिए जाते हैं। इन ट्रैक्टर ट्रालियों में 10-12 टन अवैध पत्थर भरे जाते हैं। अरावली की पहाड़ियों से प्रतिदिन 24 घंटे के दौरान 60 से 70 ट्रैक्टर ट्राली भरी जाती है। इसके बाद एक ट्रॉली तीन हजार रुपये से लेेेेकर चार हजार रुपये में बेची जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
बाक्स:
इन गांवों में होता अवैध खनन
जिले के गांव मुकुंदपुरा, बसीरपुर, बायल, पांचनौता, मुसनौता, राजावास, सोहला, जेरपुर, उष्मापुर आदि गांवों में अवैध खनन होता है। इन गांवों के अंदर अरावली की पहाड़ियां हैं।

वर्जन:
मेरे पास उच्चाधिकारियों का पत्र आया है। कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर अवैध खनन में संलिप्त होने के आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। रात में खनन की जांच कराई जाएगी। प्रयास होगा की वीडियोग्राफी कराई जाए। ड्रोन से भी जांच होगी। वे और पुलिस अधीक्षक जांच करेंगे और एसडीएम, अन्य टीमों की ड्यूटी की लगाई जाएगी।- डॉ. जेके आभीर, उपायुक्त महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed