{"_id":"6a59081429db93b18306ea74","slug":"a-zero-tolerance-policy-will-be-adopted-to-ensure-a-child-labour-free-environment-rohtak-news-c-17-roh1020-889458-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: बाल श्रममुक्त के लिए अपनाएंगे शून्य सहनशीलता नीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: बाल श्रममुक्त के लिए अपनाएंगे शून्य सहनशीलता नीति
Thu, 16 Jul 2026 10:04 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 16 Jul 2026 10:04 PM IST
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। रोहतक को बाल श्रम मुक्त बनाने हेतु प्रशासन शून्य सहनशीलता नीति अपनाएगा। वीरवार को अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार व राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के वरिष्ठ अधिकारी केपीजे जेरल्ड ने उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को बाल श्रम मामलों में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य कराना संज्ञेय अपराध है। जानकारी पर तत्काल एफआईआर व कानूनी कार्रवाई होगी। बैठक में बाल श्रम की रोकथाम, बचाव और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा हुई।
विभागों व जिला बाल कल्याण समिति को समन्वय से कार्य करने को कहा। बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कर उनके पुनर्वास व शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया। बाल कल्याण समिति की पीठासीन अधिकारी सतीश कौशिक ने बेहतर कार्य का आश्वासन दिया। सार्वजनिक स्थानों, फैक्ट्रियों, रेस्तरां व ढाबों पर बाल श्रम रोकने हेतु नियमित निरीक्षण और विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। रोहतक को बाल श्रम मुक्त बनाने हेतु प्रशासन शून्य सहनशीलता नीति अपनाएगा। वीरवार को अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार व राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के वरिष्ठ अधिकारी केपीजे जेरल्ड ने उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को बाल श्रम मामलों में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य कराना संज्ञेय अपराध है। जानकारी पर तत्काल एफआईआर व कानूनी कार्रवाई होगी। बैठक में बाल श्रम की रोकथाम, बचाव और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा हुई।
विज्ञापन
विभागों व जिला बाल कल्याण समिति को समन्वय से कार्य करने को कहा। बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कर उनके पुनर्वास व शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया। बाल कल्याण समिति की पीठासीन अधिकारी सतीश कौशिक ने बेहतर कार्य का आश्वासन दिया। सार्वजनिक स्थानों, फैक्ट्रियों, रेस्तरां व ढाबों पर बाल श्रम रोकने हेतु नियमित निरीक्षण और विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन