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Rohtak News: सुपवा में दिखा असम के शास्त्रीय नृत्य सत्रिया, संगीत व अंतरराष्ट्रीय रंगमंच का अनूठा संगम
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14-रोहतक के सुपवा में सारंग महोत्सव के समापन सत्र में अतिथियों का सम्मान करते कुलपति डॉ. अमित आ
रोहतक। दादा लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (सुपवा) में आयोजित सारंग महोत्सव व नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) के भारत रंग महोत्सव भारंगम का वीरवार को रंगारंग कार्यक्रमों के साथ समापन हुआ। कला उत्सव के अंतिम दिन असम के शास्त्रीय नृत्य, संगीत व अंतरराष्ट्रीय रंगमंच का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह के सत्र में असम के प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य सत्रिया की प्रस्तुति दी गई।
चार दिन तक चले कार्यक्रम के अंतिम दिन दिल्ली के सुधीर रेखरी ने अपने म्यूजिक बैंड के साथ मंच संभाला और गीतों की मधुर धुनों से माहौल को सुरमय बना दिया। सुबह के सत्र में सीएम के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा के साथ भारतीय चित्र साधना फिल्म महोत्सव के संयोजक नरेंद्र ठाकुर, चिल्ड्रन फाउंडेशन के हेड अनिल पांडे, एबीवीपी के संगठन मंत्री संजय कुशवाहा, अभिनेत्री सुमित्रा हुड्डा पेडनेकर, फिल्म निर्देशक अतुल गंगवार मौजूद रहे।
सीएम के ओएसडी ने इस शानदार आयोजन के लिए कुलपति डॉ. अमित आर्य के साथ पूरे स्टाफ व छात्रों को बधाई दी। शाम को भारंगम के मंच पर श्रीलंका की टीम ने नाटक कोलंबा हठे थोरणा का मंचन किया। तीन भागों में विभाजित यह नाटक प्रेम, विवाह और संघर्ष की संवेदनशील कहानी को प्रस्तुत करता है। कलाकारों ने सामाजिक रिश्तों और मानवीय भावनाओं को प्रभावी ढंग से मंच पर उतारा।
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लोक गायिका मालिनी अवस्थी के गीतों पर झूमे दर्शक
समापन समारोह में पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने अवधी भाषा में अपने गीतों पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर पर दिया। उनके साथ ना आना इस देश लाडो फेम अभिनेत्री मेघना मलिक, बॉलीवुड अभिनेता सुनील चितकारा व अभिनेता विक्रम कोचर, सनसनी फेम श्रीवर्धन त्रिवेदी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
वैष्णव भक्ति आंदोलन से जुड़ा है सत्रिया
ग्रुप के दो कलाकारों ने असम के शास्त्रीय नृत्य सत्रिया का मंचन किया। यह डांस वैष्णव भक्ति आंदोलन से जुड़ा है। इसमें कृष्ण भगवान की अलग-अलग लीलाओं का मंचन किया गया। नृत्य में चेहरे के भाव, हाथों व शरीर की मुद्रा के साथ अभिनय का शानदार समावेश देखने को मिला। सुधीर रेखरी के बैंड की शानदार म्यूजिक प्रस्तुति देखने को मिली। अलग-अलग गीतों की धुन पर बैंड ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मालिनी अवस्थी ने पूर्वांचल में शादी के अवसर पर महिलाओं की ओर से गाए जाने वाले गीत गाए। नखरे वाली बन्नो आई पिया गीत प्रस्तुत किया। चार दिवसीय भारंगम में दिल्ली, पंजाब व श्रीलंका से आए कलाकारों ने चार नाटकों का मंचन किया गया। एनएसडी की तरफ से 107 लोग इन नाटकों में हिस्सा लेने के लिए यूनिवर्सिटी पहुंचे। इनमें कलाकार, टेक्निशियन, म्यूजिशियन व अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहा।
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नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा ने हमारे संस्थान को चुना, यह हमारे लिए गर्व की बात है। आयोजन को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया। आयोजन में यूनिवर्सिटी परिसर के सभी सदस्यों ने भरपूर सहयोग दिया। इस तरह के आयोजन यूनिवर्सिटी करती रहेगी। इसके लिए रोड मैप तैयार किया जा रहा है। - अमित आर्य, कुलपति, सुपवा
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चार दिन तक चले कार्यक्रम के अंतिम दिन दिल्ली के सुधीर रेखरी ने अपने म्यूजिक बैंड के साथ मंच संभाला और गीतों की मधुर धुनों से माहौल को सुरमय बना दिया। सुबह के सत्र में सीएम के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा के साथ भारतीय चित्र साधना फिल्म महोत्सव के संयोजक नरेंद्र ठाकुर, चिल्ड्रन फाउंडेशन के हेड अनिल पांडे, एबीवीपी के संगठन मंत्री संजय कुशवाहा, अभिनेत्री सुमित्रा हुड्डा पेडनेकर, फिल्म निर्देशक अतुल गंगवार मौजूद रहे।
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सीएम के ओएसडी ने इस शानदार आयोजन के लिए कुलपति डॉ. अमित आर्य के साथ पूरे स्टाफ व छात्रों को बधाई दी। शाम को भारंगम के मंच पर श्रीलंका की टीम ने नाटक कोलंबा हठे थोरणा का मंचन किया। तीन भागों में विभाजित यह नाटक प्रेम, विवाह और संघर्ष की संवेदनशील कहानी को प्रस्तुत करता है। कलाकारों ने सामाजिक रिश्तों और मानवीय भावनाओं को प्रभावी ढंग से मंच पर उतारा।
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लोक गायिका मालिनी अवस्थी के गीतों पर झूमे दर्शक
समापन समारोह में पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने अवधी भाषा में अपने गीतों पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर पर दिया। उनके साथ ना आना इस देश लाडो फेम अभिनेत्री मेघना मलिक, बॉलीवुड अभिनेता सुनील चितकारा व अभिनेता विक्रम कोचर, सनसनी फेम श्रीवर्धन त्रिवेदी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
वैष्णव भक्ति आंदोलन से जुड़ा है सत्रिया
ग्रुप के दो कलाकारों ने असम के शास्त्रीय नृत्य सत्रिया का मंचन किया। यह डांस वैष्णव भक्ति आंदोलन से जुड़ा है। इसमें कृष्ण भगवान की अलग-अलग लीलाओं का मंचन किया गया। नृत्य में चेहरे के भाव, हाथों व शरीर की मुद्रा के साथ अभिनय का शानदार समावेश देखने को मिला। सुधीर रेखरी के बैंड की शानदार म्यूजिक प्रस्तुति देखने को मिली। अलग-अलग गीतों की धुन पर बैंड ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मालिनी अवस्थी ने पूर्वांचल में शादी के अवसर पर महिलाओं की ओर से गाए जाने वाले गीत गाए। नखरे वाली बन्नो आई पिया गीत प्रस्तुत किया। चार दिवसीय भारंगम में दिल्ली, पंजाब व श्रीलंका से आए कलाकारों ने चार नाटकों का मंचन किया गया। एनएसडी की तरफ से 107 लोग इन नाटकों में हिस्सा लेने के लिए यूनिवर्सिटी पहुंचे। इनमें कलाकार, टेक्निशियन, म्यूजिशियन व अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहा।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा ने हमारे संस्थान को चुना, यह हमारे लिए गर्व की बात है। आयोजन को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया। आयोजन में यूनिवर्सिटी परिसर के सभी सदस्यों ने भरपूर सहयोग दिया। इस तरह के आयोजन यूनिवर्सिटी करती रहेगी। इसके लिए रोड मैप तैयार किया जा रहा है। - अमित आर्य, कुलपति, सुपवा