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Rohtak News: राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 15 हजार 225 मुकदमों का किया निपटारा
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षा नीरजा कुलवंत कलसन और प्राधिकरण के सचिव और सीजेएम अनिल कौशिक ने जिला न्यायालय परिसर में इस वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए चार बेंच गठित की गई, इसमें सत्र डिविजन में एक बेंच रजनी यादव, एडीजे के न्यायालय में और जूनियर डिविजन में पहले बेंच पर हिमांशु, दूसरे बेंच पर करणदीप और तीसरे बेंच पर रवलीन कौर के न्यायालयों में तीन बेंचों का आयोजन किया गया।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 15 हजार 225 मुकदमों का निपटारा किया गया। एक करोड़ 83 लाख 48 हजार 619 रुपये बतौर समझौता रकम दी गई। प्राधिकरण के सचिव अनिल कौशिक ने कहा लोगों को जल्द से जल्द न्याय दिलवाने के लिए यह सुनिश्चित किया जाए कि देश का कोई भी नागरिक आर्थिक या अयोग्यता के आधार पर न्याय और न्यायालय से दूर न रहे। इसी कर्तव्य को निभाने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 पारित किया गया। यह अधिनियम 9 नवम्बर 1995 को लागू हुआ था।
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इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 15 हजार 225 मुकदमों का निपटारा किया गया। एक करोड़ 83 लाख 48 हजार 619 रुपये बतौर समझौता रकम दी गई। प्राधिकरण के सचिव अनिल कौशिक ने कहा लोगों को जल्द से जल्द न्याय दिलवाने के लिए यह सुनिश्चित किया जाए कि देश का कोई भी नागरिक आर्थिक या अयोग्यता के आधार पर न्याय और न्यायालय से दूर न रहे। इसी कर्तव्य को निभाने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 पारित किया गया। यह अधिनियम 9 नवम्बर 1995 को लागू हुआ था।
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