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अंत:वस्त्र जांच मामले की पीड़ित महिलाओं पर समझौते का दबाव बनाने के विरोध में एमडीयू में हुई पंचायत

Sun, 05 Apr 2026 02:47 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2026 02:47 AM IST
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A panchayat was held at MDU to protest the pressure on the women victims of the underwear investigation case to reach a settlement.
22-एमडीयू में महापंचायत के दौरान मौजूद अति​थि व छात्र नेता। संवाद

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रोहतक। महर्षि दयानंद महाविद्यालय की महिला सफाई कर्मचारियों के अंत:वस्त्र जांच के मामले में पीड़ित महिलाओं पर समझौते का दबाव बनाने के विरोध में शनिवार शाम छात्र संगठनों ने कैंपस में पंचायत की। यहां छात्र संगठनों ने रोष जताते हुए आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पंचायत में संत समाज व छात्र संगठनों ने विवि प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। यहां पीड़ित महिलाओं ने भी मुखर होकर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके काम में कमियां निकालकर जानबूझकर उन्हें टारगेट किया जा रहा है।
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महिलाओं का आरोप है कि 26 अक्तूबर 2025 को हुए मामले में न्याय नहीं मिला है। असिस्टेंट रजिस्ट्रार श्याम सुंदर निलंबित व दो सुपरवाइजर की नौकरी समाप्त की गई थी। इनमें से असिस्टेंट रजिस्ट्रार को बहाल कर दिया गया है। यह आहत करने वाला कदम है। गंभीर आरोपों के बावजूद आरोपी के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। यह अपने आपमें सवाल खड़े करता है।
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महापंचायत की अध्यक्षता डॉ. बुध प्रताप विनय ने की। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि एमडीयू प्रशासन की ओर से गठित कमेटी से पीड़ितों को न्याय नहीं मिला। जांच के दौरान महिलाओं पर ही दबाव बनाया गया इसलिए एसआईटी के खिलाफ कोर्ट जाने पर विचार किया जा रहा है।
यही नहीं, वायरल ऑडियो में दबाव बनाकर मामले को दबाने की बात सामने आई है। इस गंभीर मामले में तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। सबूत होने के बावजूद किसी को क्लीन चिट देना सांविधानिक रूप से अन्याय है।
सर्वसम्मति से कमेटी गठित करने, बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करने का लिया निर्णय

बैठक में सर्वसम्मति से कमेटी गठित करने व बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। छात्र संगठनों व सामाजिक प्रतिनिधियों ने पीड़ित महिलाओं के समर्थन में एकजुटता होते हुए कहा कि न्याय नहीं मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। यहां यूपी से भंते बुद्धि रतन, भंते संघ प्रिय कोलकाता, एएमवीए अध्यक्ष विक्रम सिंह डुमोलिया, शहीद भगत सिंह छात्र संगठन अध्यक्ष प्रदीप मोटा, दिनेश कांगड़ा, एकलव्य छात्र संगठन अध्यक्ष दीपक बोहर, हिमांशु देशवाल, सरपंच अनूप, ककराना सरपंच राकेश, आठगामा प्रधान राजवीर वाल्मीकि, प्रधान जोगिंदर वाल्मीकि, कृष्ण पहलवान मांडोठी समेत आदि मौजूद रहे।




असिस्टेंट रजिस्ट्रार श्याम सुंदर से सीधी बात...
क्या आपने महिलाओं के अंत:वस्त्रों की जांच व फोटो करने के आदेश दिए थे?
जवाब : नहीं।
26 अक्तूबर को वास्तव में क्या हुआ था?
जवाब : एमडीयू में राज्यपाल को आना था। वितेंद्र के समय पर नहीं पहुंचने के चलते विनोद की क्रिकेट पवेलियन में ड्यूटी लगाई थी। एसआईटी व आईसीसी कमेटी ने मुझे निर्दोष बताते हुए क्लीन चिट दी है। मेरा मामले से लेना-देना ही नहीं है।
क्या आपके पास कॉल आई थी?
जवाब : हां,। मैंने कहा था कि सफाई आपने करानी है। चाहे जैसे या किसी से कराओ।
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