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टेस्ट में नंबर कम आने की वजह मानसिक तौर पर परेशान था छात्रा

Thu, 17 Oct 2019 03:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 17 Oct 2019 03:12 AM IST
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a girl student commit sucide
रोहतक। सोनीपत रोड स्थित निजी गर्ल्स हॉस्टल की तीसरी मंजिल की छत से छलांग लगाने वाली छात्रा की बुधवार सुबह को निजी अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार छात्रा निजी इंस्टीट्यूट से नीट की तैयारी कर रही थी। टेस्ट में नंबर कम आने से परेशान होकर छात्रा होकर छात्रा ने यह कदम उठाया। वहीं अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने परिजनों के बयानों पर धारा 174 के तहत कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों का सौंप दिया।
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गोहाना की रहने वाली 19 वर्षीय छात्रा छह माह से शहर के एक निजी इंस्टीट्यूट से नीट की तैयारी कर रही थी। पुलिस को दिए बयान में पिता ने बताया कि छह माह में उसकी बेटी ने दो बार टेस्ट दिए। दोनों ही बार उसके नंबर कम आए थे। शनिवार को एक और टेस्ट हुआ था, जिसकी सोमवार को आंसर की आई थी। उसके हिसाब से भी उसके नंबर कम थे। बेटी ने घर पर फोन कर इस बारे में बताया, तो पिता ने उसे अच्छे से तैयारी करने की बात कही थी। इसके बाद मंगलवार रात को वह हॉस्टल में खाना खाना के बाद छत पर चली गई और वहां जाकर करीब 50 फीट से नीचे छलांग लगा ली। नीचे गिरने पर रक्त रिसाव नहीं हुआ और सिर के अंदर खून का थक्का जम गया। उसे इलाज के लिए पीजीआई ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद परिजनों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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नंबर कम आने की वजह से छात्रा मानसिक तौर पर परेशान थी। पिता ने अच्छे से तैयारी करने की हिदायत दी थी। इससे वह ज्यादा परेशान हो गई और इसके चलते छत से कूदकर जान दे दी। पिता के बयान पर 174 की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। - बलवंत सिंह, अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी।
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जल्द परेशान हो जाते हैं बच्चे, अभिभावक दें साथ : डॉ. राजीव गुप्ता
पीजीआईएमएस रोहतक के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव गुप्ता ने कहा कि पास-फेल होना किसी भी विद्यार्थी के जीवन का अहम हिस्सा है। ऐसे में उनके परिवार वालों को सकारात्मक रोल अदा करने का समय होता है। बच्चे बहुत जल्दी मानसिक तौर पर परेशान हो जाते हैं और विद्यार्थी जीवन में अक्सर ऐसा हो ही जाता है। परिवार वालों को भी बच्चों पर जरूरत से ज्यादा दबाव नहीं बनाना चाहिए। बल्कि बताना चाहिए कि वे उसके साथ हैं।
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