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बिजली विभाग के कैशियर से दिनदहाड़े 25 लाख लूटे
Rohtak
Updated Tue, 18 Feb 2014 05:30 AM IST
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बाढड़ा (भिवानी)। बिजली विभाग के कैशियर से 25 लाख रुपये लूट कर भाग रहे दो बदमाशों को बिजली विभाग के कर्मचारी व पुलिस कर्मियों ने पकड़ लिया जबकि दो फरार हो गए।
दबोचे गए बदमाशों से 13 लाख 94 हजार रुपये बरामद भी कर लिये। करीब दो घंटे की आंख-मिचौली के दौरान बदमाशों ने पांच फायर भी किया। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस अधीक्षक सहित जिले भर से भारी संख्या में पुलिस बल डेरा डाले हुए है।
कस्बे में रहने वाले राजेन्द्र सिंह पुत्र धर्मपाल सिंह यहां बिजली कार्यालय में कैशियर के पद पर तैनात हैं। सोामवार सुबह प्लाट की रजिस्ट्री कराने के लिए उन्होंने पीएनबी बैंक से 25 लाख रुपये निकलवाए थे। रजिस्ट्री के समय तक राजेंद्र अपने कार्यालय के बाहर बैठ कर चाय पीने लगा। इसी दौरान दो अज्ञात युवक पीछे से आए और रुपयों से भरा बैग उठा कर बाइक पर सवार दूसरे साथी के साथ भागने लगे। इस वारदात के बाद बिजली कार्यालय में बैठे कर्मचारियों में भगदड़ मच गई।
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इसी दौरान वहां बैठे चालक प्रदीप कुमार ने पिकअप वाहन को स्टार्ट कर आधा दर्जन अन्य कर्मचारियों को साथ लिया और जुई रोड पर उनका पीछा करना शुरू कर दिया। उनका पिकअप अभी काकड़ौली हुक्मी के साथ के पास जगरामबास जाने वाली नहर पर पहुंचा तो रुपये छीनने वाले युवकों ने अपनी बाइक को जगरामबास माइनर होते हुए हड़ौदी मोड़ पर पहुंच गए।
उनका वाहन सड़क के समीप पहुंचा था कि उन्हें वहां पर दो मोटरसाइकिल खड़ी मिली और वहां सरसों के खेत में चार युवक पैसे का बैग लेते नजर आए। इन्होंने उनको ललकारा तो सभी ने हाथों में रिवाल्वर ले ली और गाड़ी की तरफ गोली चलाते हुए दोनों मोटरसाइकिलों लेकर चरखी दादरी की तरफ अलग-अलग दिशा से भागने लगे। बिजली कर्मियों ने पुलिस स्टेशन में फोन कर दिया तथा हड़ौदी के मुख्य स्टैंड के समीप ही उन्होंने अपने पिकअप वाहन से एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी।
मोटरसाइकिल पर सवार एक डकैत नीचे गिर गया और उन्होंने पीछा कर रहे वाहन चालक पर गोली दाग दी, जिससे वह बाल-बाल बच गया। इसी बीच डकैतों ने सड़क पर खड़े एक बुजुर्ग को धक्का देकर उसकी बाइक छिन ली और अपनी बाइक छोड़ कर वहां से भगाने लगे लेकिन हड़ौदी गांव के बीच में पिकअप में सवार बिजली कर्मियों ने उनके सामने से तीसरी बार टक्कर मारी तो उनका हौसला जवाब दे गया और वे हड़ौदी गांव के लावारिश मकान में घुस गए और हवाई फायर करने लगे। इसी बीच बाढड़ा पुलिस व ग्रामीणों की संख्या भी बढ़ने लगी और पुलिस ने कई बार उनको आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन वे अंदर से पास आने पर गोली मारने की धमकी देते रहे।
इसी बीच एसआई महेन्द्रसिंह व पुलिस कांस्टेबल रोहताश चांदवास ने पीछे से घुस कर उनको दबोच लिया। पुलिस ने दोनों युवकों से एक बैग व दो पिस्तौल बरामद किया है।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र गुप्ता, चरखी दादरी के डीएसपी इंद्रजीत सिंह, डीएसपी रमेश कुमार, थाना प्रभारी देशराज, तहसीलदार जयबीर मलिक, एसआई दानसिंह, महेन्द्रसिहं श्योराण व लोहारु व चरखी दादरी के थाना प्रभारी सहित अनेक आला अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए हैं।
बहादुर कर्मचारियों को सम्मानित करेगी पुलिस
पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि इस मामले में बिजली विभाग के सभी कर्मचारियों ने बहुत साहस दिखाया है और उन्होंने निहत्थे होते हुए गोलियों का सामना किया है जिसके लिए दर्जन भर पुलिस व बिजली कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। इस घटना में प्रथम तौर राजेन्द्रसिंह नामक भूतपूर्व सैनिक जो बिजली विभाग में कार्यरत है उससे 25 लाख की राशि छीनी गई थी जिसमें कर्मचारियों व पुलिस की मुस्तैदी से दो युवक काबू में आ गए पुलिस ने उनसे 13 लाख 94 हजार की राशि बरामद की है वहीं उनके दो साथी 11 लाख छह हजार रुपये लेकर फरार हैं, जिनको जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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दबोचे गए बदमाशों से 13 लाख 94 हजार रुपये बरामद भी कर लिये। करीब दो घंटे की आंख-मिचौली के दौरान बदमाशों ने पांच फायर भी किया। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस अधीक्षक सहित जिले भर से भारी संख्या में पुलिस बल डेरा डाले हुए है।
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कस्बे में रहने वाले राजेन्द्र सिंह पुत्र धर्मपाल सिंह यहां बिजली कार्यालय में कैशियर के पद पर तैनात हैं। सोामवार सुबह प्लाट की रजिस्ट्री कराने के लिए उन्होंने पीएनबी बैंक से 25 लाख रुपये निकलवाए थे। रजिस्ट्री के समय तक राजेंद्र अपने कार्यालय के बाहर बैठ कर चाय पीने लगा। इसी दौरान दो अज्ञात युवक पीछे से आए और रुपयों से भरा बैग उठा कर बाइक पर सवार दूसरे साथी के साथ भागने लगे। इस वारदात के बाद बिजली कार्यालय में बैठे कर्मचारियों में भगदड़ मच गई।
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इसी दौरान वहां बैठे चालक प्रदीप कुमार ने पिकअप वाहन को स्टार्ट कर आधा दर्जन अन्य कर्मचारियों को साथ लिया और जुई रोड पर उनका पीछा करना शुरू कर दिया। उनका पिकअप अभी काकड़ौली हुक्मी के साथ के पास जगरामबास जाने वाली नहर पर पहुंचा तो रुपये छीनने वाले युवकों ने अपनी बाइक को जगरामबास माइनर होते हुए हड़ौदी मोड़ पर पहुंच गए।
उनका वाहन सड़क के समीप पहुंचा था कि उन्हें वहां पर दो मोटरसाइकिल खड़ी मिली और वहां सरसों के खेत में चार युवक पैसे का बैग लेते नजर आए। इन्होंने उनको ललकारा तो सभी ने हाथों में रिवाल्वर ले ली और गाड़ी की तरफ गोली चलाते हुए दोनों मोटरसाइकिलों लेकर चरखी दादरी की तरफ अलग-अलग दिशा से भागने लगे। बिजली कर्मियों ने पुलिस स्टेशन में फोन कर दिया तथा हड़ौदी के मुख्य स्टैंड के समीप ही उन्होंने अपने पिकअप वाहन से एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी।
मोटरसाइकिल पर सवार एक डकैत नीचे गिर गया और उन्होंने पीछा कर रहे वाहन चालक पर गोली दाग दी, जिससे वह बाल-बाल बच गया। इसी बीच डकैतों ने सड़क पर खड़े एक बुजुर्ग को धक्का देकर उसकी बाइक छिन ली और अपनी बाइक छोड़ कर वहां से भगाने लगे लेकिन हड़ौदी गांव के बीच में पिकअप में सवार बिजली कर्मियों ने उनके सामने से तीसरी बार टक्कर मारी तो उनका हौसला जवाब दे गया और वे हड़ौदी गांव के लावारिश मकान में घुस गए और हवाई फायर करने लगे। इसी बीच बाढड़ा पुलिस व ग्रामीणों की संख्या भी बढ़ने लगी और पुलिस ने कई बार उनको आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन वे अंदर से पास आने पर गोली मारने की धमकी देते रहे।
इसी बीच एसआई महेन्द्रसिंह व पुलिस कांस्टेबल रोहताश चांदवास ने पीछे से घुस कर उनको दबोच लिया। पुलिस ने दोनों युवकों से एक बैग व दो पिस्तौल बरामद किया है।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र गुप्ता, चरखी दादरी के डीएसपी इंद्रजीत सिंह, डीएसपी रमेश कुमार, थाना प्रभारी देशराज, तहसीलदार जयबीर मलिक, एसआई दानसिंह, महेन्द्रसिहं श्योराण व लोहारु व चरखी दादरी के थाना प्रभारी सहित अनेक आला अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए हैं।
बहादुर कर्मचारियों को सम्मानित करेगी पुलिस
पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि इस मामले में बिजली विभाग के सभी कर्मचारियों ने बहुत साहस दिखाया है और उन्होंने निहत्थे होते हुए गोलियों का सामना किया है जिसके लिए दर्जन भर पुलिस व बिजली कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। इस घटना में प्रथम तौर राजेन्द्रसिंह नामक भूतपूर्व सैनिक जो बिजली विभाग में कार्यरत है उससे 25 लाख की राशि छीनी गई थी जिसमें कर्मचारियों व पुलिस की मुस्तैदी से दो युवक काबू में आ गए पुलिस ने उनसे 13 लाख 94 हजार की राशि बरामद की है वहीं उनके दो साथी 11 लाख छह हजार रुपये लेकर फरार हैं, जिनको जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।