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सजायाफ्ता पटवारी नौकरी से बर्खास्त
Rohtak
Updated Tue, 19 Nov 2013 05:45 AM IST
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रोहतक। जिला उपायुक्त डॉ. अमित अग्रवाल ने नरेंद्र सिंह पटवारी को सजायाफ्ता होने के कारण तुरंत प्रभाव से सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक नरेंद्र सिंह पटवारी के विरुद्ध भगवतीपुर की अनीता ने पति की एक एकड़ 7 कैनाल भूमि का इंतकाल अपने लड़कों संजीव व मंजीत के नाम करवाने के लिए एक हजार रुपये की रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने उसे दोषी मानते हुए भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 7 के तहत एक साल का कठोर कारावास और 3 हजार रुपये जुर्माना व भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13 (1) (डी) 1988 के तहत 2 वर्ष का कठोर कारावास व सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कार्यालय द्वारा नरेंद्र सिंह पटवारी को दोषी मानते हुए सजा व जुर्माना सुनाए जाने पर 9 सितंबर 2013 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।
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कलेक्टर द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक नरेंद्र सिंह पटवारी के विरुद्ध भगवतीपुर की अनीता ने पति की एक एकड़ 7 कैनाल भूमि का इंतकाल अपने लड़कों संजीव व मंजीत के नाम करवाने के लिए एक हजार रुपये की रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने उसे दोषी मानते हुए भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 7 के तहत एक साल का कठोर कारावास और 3 हजार रुपये जुर्माना व भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13 (1) (डी) 1988 के तहत 2 वर्ष का कठोर कारावास व सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कार्यालय द्वारा नरेंद्र सिंह पटवारी को दोषी मानते हुए सजा व जुर्माना सुनाए जाने पर 9 सितंबर 2013 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।