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गांधी कैंप में मकान की छत गिरी, पिता-पुत्र की मौत
Rohtak
Updated Sat, 02 Mar 2013 05:31 AM IST
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रोहतक। गांधी कैंप में शुक्रवार सुबह एक मकान की छत गिरने से आठ साल के बच्चे और उसके पिता की मौत हो गई। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर से बाहर गए हुए थे। आसपास के लोगों ने दोनों को मलबे के नीचे से निकालकर पीजीआई पहुंचाया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
शुक्रवार सुबह करीब सात बजे गांधी कैंप निवासी प्रेम कुमार के मकान में किराये पर रह रहे सीहावा जिला गाजीपुर के हवलदार पुत्र घरभरण और उनका आठ साल का बेटा प्रिंस चौबारे पर सो रहे थे। अचानक छत गिरने से वो मलबे के नीचे दब गए। उस समय हवलदार की पत्नी मंजू बेटे तरुण, वरुण के साथ नीचे गई हुई थी। धमाके की आवाज सुनकर मंजू और अन्य लोग छत पर पहुंचे। किसी तरह बीस मिनट बाद दोनों को बाहर निकालकर पीजीआई पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेडिकल पुलिस चौकी द्वारा सूचना मिलने पर सिविल लाइन पुलिस पीजीआई पहुंची और दोनों के शवों को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। चौबारे की छत कच्ची व जर्जर होने के कारण यह हादसा हुआ है। संयोग था कि मंजू कुछ समय पहले ही वरुण व तरुण को लेकर नीचे आ गई थी। दोपहर बाद पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया।
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शुक्रवार सुबह करीब सात बजे गांधी कैंप निवासी प्रेम कुमार के मकान में किराये पर रह रहे सीहावा जिला गाजीपुर के हवलदार पुत्र घरभरण और उनका आठ साल का बेटा प्रिंस चौबारे पर सो रहे थे। अचानक छत गिरने से वो मलबे के नीचे दब गए। उस समय हवलदार की पत्नी मंजू बेटे तरुण, वरुण के साथ नीचे गई हुई थी। धमाके की आवाज सुनकर मंजू और अन्य लोग छत पर पहुंचे। किसी तरह बीस मिनट बाद दोनों को बाहर निकालकर पीजीआई पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेडिकल पुलिस चौकी द्वारा सूचना मिलने पर सिविल लाइन पुलिस पीजीआई पहुंची और दोनों के शवों को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। चौबारे की छत कच्ची व जर्जर होने के कारण यह हादसा हुआ है। संयोग था कि मंजू कुछ समय पहले ही वरुण व तरुण को लेकर नीचे आ गई थी। दोपहर बाद पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया।
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