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नहीं छोड़ा जा रहा रेलवे स् टेशन का ठेका
Updated Mon, 09 Jul 2018 06:12 PM IST
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फोटो परिचय
एमए-5
रोहतक रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़े दुपहिया वाहन।
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20 बार पत्र भेजने के बाद भी नहीं छोड़ा जा रहा रेलवे स्टेशन पर पार्किंग का ठेका
-यात्री भी कई बार रेलवे विभाग से लगा चुके गुहार
-आए दिन बाइक चोरी की घटनाएं भी आ रहे सामने
-जीआरपी ने दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी देखभाल को लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। इसे रेलवे विभाग की अनदेखी ही कहा जाएगा कि चार महीने बीतने के बाद भी रोहतक रेलवे स्टेशन पर दुपहिया वाहनों की पार्किंग का ठेका नहीं छोड़ा जा रहा है। इस कारण यात्रियों की बाइक और अन्य वाहन चोरी हो रहे हैं। हालांकि जीआरपी ने वाहनों की सुरक्षा को दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी है। जीआरपी इस संबंध में 20 बार रेलवे विभाग को पत्र भेज चुका है। बावजूद इसके विभाग ठेका छोड़ने को तैयार नहीं है।
मार्च माह के अंत में रोहतक रेलवे स्टेशन पर दुपहिया वाहनों का ठेका खत्म हो गया था। इसके बाद से यात्री बिना ठेके ही पार्किंग में वाहन खड़ा करने को मजबूर हैं। अब तक आठ से अधिक यात्रियों की बाइक भी चोरी की जा चुकी है। हालांकि, जीआरपी अधिकतर मामलों का खुलासा कर चुकी है।
जीआरपी एसएचओ नरेश कुमार ने बताया कि वाहन पार्किंग का ठेका छुड़वाने के लिए अब तक बीस बार रेलवे अधिकारियों के पास पत्र भेजा जा चुका है। बावजूद इसके ठेका नहीं छोड़ा जा रहा। बाइक चोरी की वारदातों को देखते हुए दिन और रात में शिफ्ट वाइज दो पुलिसकर्मियों की डयूटी पार्किंग में लगाई जा रही है। बावजूद इसके ठेका नहीं छोड़ा जा रहा है। दैनिक रेल यात्री संघ के प्रवक्ता सतपाल सिंह का कहना है कि वह भी छह बार रेलवे अधिकारियों को पत्र भेजकर ठेका छुड़वाने की मांग कर चुके हैं मगर सुनवाई नहीं की जा रही है।
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दिल्ली से छोड़ा जाता है ठेका
स्टेशन अधीक्षक बीएस मीणा का कहना है कि वाहन पार्किं ग का ठेका दिल्ली से ही छोड़ा जाता है। स्थानीय स्तर से ठेका छोड़ने का कोई नियम नहीं है। अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा गया है।
---
बढ़ा दिए गए रेट
इस बार ठेके का रेट बढ़ा दिया गया है। इस कारण कोई भी व्यक्ति ठेका लेने को तैयार नहीं है। पहले साढ़े तीन लाख तक ठेका छोड़ा जाता था। इस बार चार लाख से अधिक मांगे जा रहे हैं।
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एमए-5
रोहतक रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़े दुपहिया वाहन।
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20 बार पत्र भेजने के बाद भी नहीं छोड़ा जा रहा रेलवे स्टेशन पर पार्किंग का ठेका
-यात्री भी कई बार रेलवे विभाग से लगा चुके गुहार
-आए दिन बाइक चोरी की घटनाएं भी आ रहे सामने
-जीआरपी ने दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी देखभाल को लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। इसे रेलवे विभाग की अनदेखी ही कहा जाएगा कि चार महीने बीतने के बाद भी रोहतक रेलवे स्टेशन पर दुपहिया वाहनों की पार्किंग का ठेका नहीं छोड़ा जा रहा है। इस कारण यात्रियों की बाइक और अन्य वाहन चोरी हो रहे हैं। हालांकि जीआरपी ने वाहनों की सुरक्षा को दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी है। जीआरपी इस संबंध में 20 बार रेलवे विभाग को पत्र भेज चुका है। बावजूद इसके विभाग ठेका छोड़ने को तैयार नहीं है।
मार्च माह के अंत में रोहतक रेलवे स्टेशन पर दुपहिया वाहनों का ठेका खत्म हो गया था। इसके बाद से यात्री बिना ठेके ही पार्किंग में वाहन खड़ा करने को मजबूर हैं। अब तक आठ से अधिक यात्रियों की बाइक भी चोरी की जा चुकी है। हालांकि, जीआरपी अधिकतर मामलों का खुलासा कर चुकी है।
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जीआरपी एसएचओ नरेश कुमार ने बताया कि वाहन पार्किंग का ठेका छुड़वाने के लिए अब तक बीस बार रेलवे अधिकारियों के पास पत्र भेजा जा चुका है। बावजूद इसके ठेका नहीं छोड़ा जा रहा। बाइक चोरी की वारदातों को देखते हुए दिन और रात में शिफ्ट वाइज दो पुलिसकर्मियों की डयूटी पार्किंग में लगाई जा रही है। बावजूद इसके ठेका नहीं छोड़ा जा रहा है। दैनिक रेल यात्री संघ के प्रवक्ता सतपाल सिंह का कहना है कि वह भी छह बार रेलवे अधिकारियों को पत्र भेजकर ठेका छुड़वाने की मांग कर चुके हैं मगर सुनवाई नहीं की जा रही है।
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दिल्ली से छोड़ा जाता है ठेका
स्टेशन अधीक्षक बीएस मीणा का कहना है कि वाहन पार्किं ग का ठेका दिल्ली से ही छोड़ा जाता है। स्थानीय स्तर से ठेका छोड़ने का कोई नियम नहीं है। अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा गया है।
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बढ़ा दिए गए रेट
इस बार ठेके का रेट बढ़ा दिया गया है। इस कारण कोई भी व्यक्ति ठेका लेने को तैयार नहीं है। पहले साढ़े तीन लाख तक ठेका छोड़ा जाता था। इस बार चार लाख से अधिक मांगे जा रहे हैं।