{"_id":"5a5287b84f1c1bd3178b57b0","slug":"91515358136-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन क्षेत्र को बचाने के लिए संघर्ष करेंगे कर्मचारी व मजदूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन क्षेत्र को बचाने के लिए संघर्ष करेंगे कर्मचारी व मजदूर
Updated Mon, 08 Jan 2018 02:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वन क्षेत्र को बचाने के लिए संघर्ष करेंगे कर्मचारी व मजदूर
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सुखपुरा चौक स्थित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के मुख्यालय में संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक दोनों संगठनों की विशेष मीटिंग हुई, जिसमें फैसला हुआ कि प्रदेश के अंदर घटते वनक्षेत्र को बचाने के लिए कर्मचारी और मजदूर मिलकर संघर्ष करेंगे।
संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक के संबोधित करते हुए वन कर्मचारी संघ के राज्य वरिष्ठ प्रधान जोगेन्द्र ने बताया कि सरकार के वन वन्य प्राणी, पर्यावरण को बचाने, बढ़ाने व संरक्षण के प्रति उदासीन रवैये तथा प्रशासन द्वारा गैर कानूनी, अव्यवहारिक, असंवैधानिक व तानाशाही पूर्ण रवैये का विरोध करने के लिए 23 जनवरी को वन मंडल अधिकारी कार्यालय, 23 फरवरी को परिमंडल कार्यालयों व 24 मार्च को गुड़गांव स्थित निवास पर धरने व प्रदर्शन करके मांग पत्र दिए जाएंगे। जब तक आपसी बातचीत से समाधान नहीं किया जाता, तब तक गुडगांव में पड़ाव अनिश्चितकालीन तक जारी रहेगा। इसी मध्य 30 जनवरी को जिला मुख्यालयों पर सत्याग्रह करके सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के साथ मिल कर गिरफ्तारियां देकर जेल भरो कार्यक्रम में वन कर्मचारी व मजदूर बढ़ चढ़कर भाग लेंगे। इस मौके पर प्रधान जीवन सिंह, विजय शर्मा, महासचिव विनित कुमार व राजकुमार, करतार सिंह, कमल सिंह, दलबीर सिंह, कर्मबीर शर्मा, टेकराम, कायम खां, फतेह मोहमद, आनन्द शर्मा, सुनील शर्मा, कर्ण सिंह मलिक, महाबीर निर्माण, सोहन लाल सिहाग व भूपेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
ये हैं मुख्य मांगें
कर्मचारियों ने टेंडर प्रणाली, उत्पादन शाखा का निगम में समायोजन, राष्ट्रीय पार्क व अभारण्य की सुरक्षा वन्य प्रणाली शाखा को देने के आदेश रद्द करने, समाप्त किए गए पदों का पुन:सृजन व खाली पदों पर भर्ती करने, श्रमिक पद के लिए 2 उच्चतर पदों पर पदोन्नति का प्रावधान, वन भूमि से कब्जे छुड़वाने, नए प्रोजक्ट बनाने व एग्रो फोरेस्टी में उगाए पौधों की उचित कीमत की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सुखपुरा चौक स्थित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के मुख्यालय में संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक दोनों संगठनों की विशेष मीटिंग हुई, जिसमें फैसला हुआ कि प्रदेश के अंदर घटते वनक्षेत्र को बचाने के लिए कर्मचारी और मजदूर मिलकर संघर्ष करेंगे।
संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक के संबोधित करते हुए वन कर्मचारी संघ के राज्य वरिष्ठ प्रधान जोगेन्द्र ने बताया कि सरकार के वन वन्य प्राणी, पर्यावरण को बचाने, बढ़ाने व संरक्षण के प्रति उदासीन रवैये तथा प्रशासन द्वारा गैर कानूनी, अव्यवहारिक, असंवैधानिक व तानाशाही पूर्ण रवैये का विरोध करने के लिए 23 जनवरी को वन मंडल अधिकारी कार्यालय, 23 फरवरी को परिमंडल कार्यालयों व 24 मार्च को गुड़गांव स्थित निवास पर धरने व प्रदर्शन करके मांग पत्र दिए जाएंगे। जब तक आपसी बातचीत से समाधान नहीं किया जाता, तब तक गुडगांव में पड़ाव अनिश्चितकालीन तक जारी रहेगा। इसी मध्य 30 जनवरी को जिला मुख्यालयों पर सत्याग्रह करके सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के साथ मिल कर गिरफ्तारियां देकर जेल भरो कार्यक्रम में वन कर्मचारी व मजदूर बढ़ चढ़कर भाग लेंगे। इस मौके पर प्रधान जीवन सिंह, विजय शर्मा, महासचिव विनित कुमार व राजकुमार, करतार सिंह, कमल सिंह, दलबीर सिंह, कर्मबीर शर्मा, टेकराम, कायम खां, फतेह मोहमद, आनन्द शर्मा, सुनील शर्मा, कर्ण सिंह मलिक, महाबीर निर्माण, सोहन लाल सिहाग व भूपेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
ये हैं मुख्य मांगें
कर्मचारियों ने टेंडर प्रणाली, उत्पादन शाखा का निगम में समायोजन, राष्ट्रीय पार्क व अभारण्य की सुरक्षा वन्य प्रणाली शाखा को देने के आदेश रद्द करने, समाप्त किए गए पदों का पुन:सृजन व खाली पदों पर भर्ती करने, श्रमिक पद के लिए 2 उच्चतर पदों पर पदोन्नति का प्रावधान, वन भूमि से कब्जे छुड़वाने, नए प्रोजक्ट बनाने व एग्रो फोरेस्टी में उगाए पौधों की उचित कीमत की मांग की।
विज्ञापन