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रोडवेज बसें न रुकने पर भड़कीं छात्राएं, ट्रैक्टर ट्रॉली सड़क पर खड़ी कर लगाया जाम
Updated Sun, 13 Aug 2017 12:52 AM IST
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रोडवेज बसें न रुकने पर भड़कीं छात्राएं, ट्रैक्टर ट्रॉली सड़क पर खड़ी कर लगाया जाम
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। रोडवेज बसें न रुकने पर गांव उर्जनी की छात्राएं भड़क गईं। गुस्साई छात्राओं ने शनिवार को ग्रामीणों के साथ मिलकर ट्रैक्टर ट्रॉली नेशनल हाईवे 73ए पर खड़ी करा दी। इसके बाद हाईवे पर यातायात ठप हो गया। छात्राओं का कहना था कि पहले प्राइवेट बसें बंद कर दी गईं, अब महिलाओं की बस भी बंद कर दी गई। वहीं रोडवेज की ओर से बसें उनके बस स्टॉप पर रुककर नहीं जाती। ऐसे में वे अपने स्कूल और कॉलेज कैसे जाएं। नेशनल हाईवे पर जाम लगने की सूचना मिलते ही रोडवेज के डीआई और छछरौली एसएचओ राजीव मिगलानी मौके पर पहुंचे। छात्राओं व ग्रामीणों को समझाने में अधिकारियों के पसीने छूट गए। डीआई ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि अब से हर बस स्टॉप पर रोडवेज बस रुकेंगी। यदि बस नहीं रुकी तो वे संबंधित चालक के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। जिसके बाद छात्राएं और ग्रामीण शांत हुए और जाम खोल दिया। इस दौरान करीब एक घंटे तक नेशनल हाईवे 73ए पर जाम लगा रहा। जाम से नेशनल हाईवे पर पांच-पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लगी रहीं।
गांव उर्जनी निवासी छात्रा, पूजा, ज्योति, स्वाति, अनु ने बताया कि वे पढ़ने के लिए छछरौली, जगाधरी और यमुनानगर के कॉलेज व स्कूलों में जाती हैं। पहले केवल महिलाओं के लिए एक बस खिजराबाद से यमुनानगर तक जाती थी। यह बस सुबह चलती थी। इसके चलने से क्षेत्र की सभी छात्राओं और महिलाओं को काफी फायदा था। इससे वे समय पर कालेज पहुंच जाती थी, परंतु करीब 15 दिन पहले ही रोडवेज की ओर से इस स्पेशल बस को बंद कर दिया है। इससे पहले भी रूट पर प्राइवेट बसों को बंद कर दिया गया। प्राइवेट व केवल महिलाओं की बसें बंद होने से अब उन्हें समय पर बस नहीं मिलती। रोडवेज बस चालक उनके बस स्टॉप पर बस नहीं रोकते। कई बार तो बस के इंतजार में दो घंटे खड़े रहना पड़ता है। ग्रामीण अजमेर, गौरव, शुभम ने बताया कि गांव के बस स्टॉप पर काफी समय से रोडवेज की कोई भी बस नहीं रुक रही। बसों के न रुकने से विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज जाने में देरी होती है। बसें न रुकने पर विद्यार्थी और ग्रामीण शनिवार को सड़क पर आ गए और जाम लगा दिया।
चालकों ने बस नहीं रोकी तो फूटा गुस्सा
शनिवार सुबह रोडवेज बस चालकों ने जब काफी देर तक बसें नहीं रोकी तो विद्यार्थियों के सब्र का बांध टूट गया। विद्यार्थियों ने ग्रामीणों संग मिलकर नेशनल हाईवे के बीच में ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी कर दी। इससे दोनों तरफ का यातायात बाधित हो गया। मामले की सूचना पाते ही थाना छछरौली एसएचओ राजीव मिगलानी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाया परंतु वे जाम खोलने को तैयार नहीं थे। जाम की सूचना एसडीएम बिलासपुर नवीन आहूजा को दी गई। उन्होंने फोन कर बीडीपीओ जगाधरी को मौके पर भेजा। कुछ ही देर में रोडेवज के इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि अब जब भी यहां से बस गुजरेंगी वो यहां रुक कर जाएगी।
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जीएम और स्पीकर तक को दी शिकायत
ग्रामीणों ने बताया कि बसों के न रुकने की शिकायत उन्होंने रोडवेज जीएम को दी थी। उसके बाद वह विधानसभा स्पीकर कंवरपाल के खुले दरबार में भी अपनी समस्या लेकर गए थे। यहां भी उन्होंने स्पीकर को शिकायत दी थी, लेकिन कहीं से भी उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। वह बच्चों की पढ़ाई रोज-रोज बाधित हो रही थी बच्चे सुबह तैयार होकर भी गांव के बस स्टॉप पर खड़े हो जाते थे और कई कई घंटे वहां पर खड़े रहने के बाद जब कोई बस नहीं रुकती तो बच्चे वापस आ जाते थे। इससे हमारे गांव के बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है।
रोजाना छूटते है लेक्चर
विद्यार्थी सौरभ, मोहन, राहुल, रोहित, गौरव, शुभम, तमन्ना, वंदना, पारूल ने बताया कि बसें न रुकने पर उनके लिए स्कूल, कालेज जाना मुश्किल हो गया है। पहले रूट पर प्राइवेट बसें भी चलती थी। इन बसों का उन्हें काफी फायदा था। क्योंकि रोडवेज की बस नहीं मिलती थी तो वे प्राइवेट बस में चले जाते थे। परंतु जब से प्राइवेट बसें बंद ह़ुई हैं तब से समय पर कालेज नहीं पहुंच पाते। इससे उनके लेक्चर छूट रहे हैं और पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। रोडवेज बस चालकों को रूकने का इशारा करते हैं तो वे बस नहीं रोकते, बल्कि बस की गति और तेज कर लेते है।
शुक्रवार को बैठक में डीसी ने रोडवेज जीएम को दिए थे निर्देश
शुक्रवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक में डीसी ने ग्रामीण आंचल से शहर में पढ़ने आ रही छात्राओं के लिए बस सेवाएं सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए थे। डीसी ने कहा कि था लड़कियों की शिक्षा को लेकर सरकार गंभीर है। सरकार लड़कियों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध करा रही है। वहीं उन्हें नि:शुल्क बस सेवाएं भी शिक्षा ग्रहण करने के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। इसलिए छात्राओं को नि:शुल्क बस सेवा दी जाए।
जाम लगने की सूचना पर रोडवेज डीआई को मौके पर भेजा गया था। लोगों को समझाकर शांत करा दिया गया है। रोडवेज चालकों को निर्देश दिए गए है कि बस स्टॉप पर गाड़ी रोक कर चलें। सभी सवारियों को बसों में लेकर उनके गंतव्य तक पहुंचाए।
रविंद्र पाठक, जीएम, रोडवेज यमुनानगर।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। रोडवेज बसें न रुकने पर गांव उर्जनी की छात्राएं भड़क गईं। गुस्साई छात्राओं ने शनिवार को ग्रामीणों के साथ मिलकर ट्रैक्टर ट्रॉली नेशनल हाईवे 73ए पर खड़ी करा दी। इसके बाद हाईवे पर यातायात ठप हो गया। छात्राओं का कहना था कि पहले प्राइवेट बसें बंद कर दी गईं, अब महिलाओं की बस भी बंद कर दी गई। वहीं रोडवेज की ओर से बसें उनके बस स्टॉप पर रुककर नहीं जाती। ऐसे में वे अपने स्कूल और कॉलेज कैसे जाएं। नेशनल हाईवे पर जाम लगने की सूचना मिलते ही रोडवेज के डीआई और छछरौली एसएचओ राजीव मिगलानी मौके पर पहुंचे। छात्राओं व ग्रामीणों को समझाने में अधिकारियों के पसीने छूट गए। डीआई ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि अब से हर बस स्टॉप पर रोडवेज बस रुकेंगी। यदि बस नहीं रुकी तो वे संबंधित चालक के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। जिसके बाद छात्राएं और ग्रामीण शांत हुए और जाम खोल दिया। इस दौरान करीब एक घंटे तक नेशनल हाईवे 73ए पर जाम लगा रहा। जाम से नेशनल हाईवे पर पांच-पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लगी रहीं।
गांव उर्जनी निवासी छात्रा, पूजा, ज्योति, स्वाति, अनु ने बताया कि वे पढ़ने के लिए छछरौली, जगाधरी और यमुनानगर के कॉलेज व स्कूलों में जाती हैं। पहले केवल महिलाओं के लिए एक बस खिजराबाद से यमुनानगर तक जाती थी। यह बस सुबह चलती थी। इसके चलने से क्षेत्र की सभी छात्राओं और महिलाओं को काफी फायदा था। इससे वे समय पर कालेज पहुंच जाती थी, परंतु करीब 15 दिन पहले ही रोडवेज की ओर से इस स्पेशल बस को बंद कर दिया है। इससे पहले भी रूट पर प्राइवेट बसों को बंद कर दिया गया। प्राइवेट व केवल महिलाओं की बसें बंद होने से अब उन्हें समय पर बस नहीं मिलती। रोडवेज बस चालक उनके बस स्टॉप पर बस नहीं रोकते। कई बार तो बस के इंतजार में दो घंटे खड़े रहना पड़ता है। ग्रामीण अजमेर, गौरव, शुभम ने बताया कि गांव के बस स्टॉप पर काफी समय से रोडवेज की कोई भी बस नहीं रुक रही। बसों के न रुकने से विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज जाने में देरी होती है। बसें न रुकने पर विद्यार्थी और ग्रामीण शनिवार को सड़क पर आ गए और जाम लगा दिया।
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चालकों ने बस नहीं रोकी तो फूटा गुस्सा
शनिवार सुबह रोडवेज बस चालकों ने जब काफी देर तक बसें नहीं रोकी तो विद्यार्थियों के सब्र का बांध टूट गया। विद्यार्थियों ने ग्रामीणों संग मिलकर नेशनल हाईवे के बीच में ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी कर दी। इससे दोनों तरफ का यातायात बाधित हो गया। मामले की सूचना पाते ही थाना छछरौली एसएचओ राजीव मिगलानी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाया परंतु वे जाम खोलने को तैयार नहीं थे। जाम की सूचना एसडीएम बिलासपुर नवीन आहूजा को दी गई। उन्होंने फोन कर बीडीपीओ जगाधरी को मौके पर भेजा। कुछ ही देर में रोडेवज के इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि अब जब भी यहां से बस गुजरेंगी वो यहां रुक कर जाएगी।
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जीएम और स्पीकर तक को दी शिकायत
ग्रामीणों ने बताया कि बसों के न रुकने की शिकायत उन्होंने रोडवेज जीएम को दी थी। उसके बाद वह विधानसभा स्पीकर कंवरपाल के खुले दरबार में भी अपनी समस्या लेकर गए थे। यहां भी उन्होंने स्पीकर को शिकायत दी थी, लेकिन कहीं से भी उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। वह बच्चों की पढ़ाई रोज-रोज बाधित हो रही थी बच्चे सुबह तैयार होकर भी गांव के बस स्टॉप पर खड़े हो जाते थे और कई कई घंटे वहां पर खड़े रहने के बाद जब कोई बस नहीं रुकती तो बच्चे वापस आ जाते थे। इससे हमारे गांव के बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है।
रोजाना छूटते है लेक्चर
विद्यार्थी सौरभ, मोहन, राहुल, रोहित, गौरव, शुभम, तमन्ना, वंदना, पारूल ने बताया कि बसें न रुकने पर उनके लिए स्कूल, कालेज जाना मुश्किल हो गया है। पहले रूट पर प्राइवेट बसें भी चलती थी। इन बसों का उन्हें काफी फायदा था। क्योंकि रोडवेज की बस नहीं मिलती थी तो वे प्राइवेट बस में चले जाते थे। परंतु जब से प्राइवेट बसें बंद ह़ुई हैं तब से समय पर कालेज नहीं पहुंच पाते। इससे उनके लेक्चर छूट रहे हैं और पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। रोडवेज बस चालकों को रूकने का इशारा करते हैं तो वे बस नहीं रोकते, बल्कि बस की गति और तेज कर लेते है।
शुक्रवार को बैठक में डीसी ने रोडवेज जीएम को दिए थे निर्देश
शुक्रवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक में डीसी ने ग्रामीण आंचल से शहर में पढ़ने आ रही छात्राओं के लिए बस सेवाएं सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए थे। डीसी ने कहा कि था लड़कियों की शिक्षा को लेकर सरकार गंभीर है। सरकार लड़कियों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध करा रही है। वहीं उन्हें नि:शुल्क बस सेवाएं भी शिक्षा ग्रहण करने के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। इसलिए छात्राओं को नि:शुल्क बस सेवा दी जाए।
जाम लगने की सूचना पर रोडवेज डीआई को मौके पर भेजा गया था। लोगों को समझाकर शांत करा दिया गया है। रोडवेज चालकों को निर्देश दिए गए है कि बस स्टॉप पर गाड़ी रोक कर चलें। सभी सवारियों को बसों में लेकर उनके गंतव्य तक पहुंचाए।
रविंद्र पाठक, जीएम, रोडवेज यमुनानगर।