{"_id":"59594b6b4f1c1be4618b45ee","slug":"91499024235-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संदिग्\nध हालत में युवक ने फंदा लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संदिग् ध हालत में युवक ने फंदा लगाया
Updated Mon, 03 Jul 2017 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संदिग्ध हालात में युवक ने लगाया फंदा
उपमंडल के गांव हड़ौदी निवासी एक नवविवाहित युवक ने संदिग्ध हालात में फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। पुलिस ने परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार हड़ौदी निवासी 27 वर्षीय परमजीत शनिवार देर रात तक घर पर टीवी देख रहा था। परिजन उसे वहां छोड़कर सोने चले गए। जब परिजनों ने सुबह उठकर देखा तो परमजीत फांसी के फंदे से झूल रहा था। सूचना पाकर बाढड़ा पुलिस ने मौके पर पंहुच कर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दादरी के सिविल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस को दिए बयान में मृतक के चाचा सुरेश कुमार ने बताया कि परमजीत की शादि करीब दो साल पहले ही हुई थी और वह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उन्होंने बताया कि पमरजीत पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था जिसके चलते उसने यह कदम उठाया है। पुलिस ने सुरेश के बयानों के आधार पर मामले में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है।
विज्ञापन
उपमंडल के गांव हड़ौदी निवासी एक नवविवाहित युवक ने संदिग्ध हालात में फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। पुलिस ने परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार हड़ौदी निवासी 27 वर्षीय परमजीत शनिवार देर रात तक घर पर टीवी देख रहा था। परिजन उसे वहां छोड़कर सोने चले गए। जब परिजनों ने सुबह उठकर देखा तो परमजीत फांसी के फंदे से झूल रहा था। सूचना पाकर बाढड़ा पुलिस ने मौके पर पंहुच कर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दादरी के सिविल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस को दिए बयान में मृतक के चाचा सुरेश कुमार ने बताया कि परमजीत की शादि करीब दो साल पहले ही हुई थी और वह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उन्होंने बताया कि पमरजीत पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था जिसके चलते उसने यह कदम उठाया है। पुलिस ने सुरेश के बयानों के आधार पर मामले में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है।
विज्ञापन