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प्लास्टिक की बोतलों से लाइफ जैकेट बनाना सिखाया
Updated Wed, 21 Jun 2017 06:15 PM IST
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प्लास्टिक की बोतलों से लाइफ जैकेट बनाना सिखाया
पटवारी, ग्राम सचिवों, नंबरदार व पंचों-सरपंचों को दी बाढ़ से बचने की ट्रेनिंग
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। छछरौली के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बाढ़ सुरक्षा सप्ताह के तहत तीसरे दिन बाढ़ ग्रस्त गांवों के पटवारी, ग्राम सचिवों, नंबरदार व पंचों-सरपंचों को बाढ़ से बचने की ट्रेनिंग दी गई।
तीसरे दिन सिविल डिफेंस के प्लाटून कमांडर हरविंद्र सिंह ने बताया कि किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण लेने से जहां व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है वहीं, उसमें निपुणता आती है और जब भी बाढ़ जैसी आपदा आती है तो प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्ति ही बाढ़ में फंसे लोगों की बेहतर ढंग सेे सहायता कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आपदा जिस भी रूप में आए, उस के लिए पहले से ही पूर्ण रूप से तैयारियां करके बाखूबी निपटा जा सकता है। उन्होंने बाढ़ जैसी आपदा से बचने के लिए खाली प्लास्टिक की बोतलों से लाइफ जैकेट बनाने का प्रशिक्षण भी दिया। आपदा प्रबंधन के अनुसंधान अधिकारी गुरकरण सिंह ने खंड छछरौली में बाढ़ सुरक्षा सप्ताह में बोलते हुए कहा कि आपदा से निपटने हेतू प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है और प्रशिक्षणार्थी ही आपदा के समय बेहतर कार्य करते हुए आपदा में फंसे लोगों की मदद कर सकता है। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के गोताखोर रामकेश ने लोगों को बाढ़ से बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी।
पटवारी, ग्राम सचिवों, नंबरदार व पंचों-सरपंचों को दी बाढ़ से बचने की ट्रेनिंग
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। छछरौली के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बाढ़ सुरक्षा सप्ताह के तहत तीसरे दिन बाढ़ ग्रस्त गांवों के पटवारी, ग्राम सचिवों, नंबरदार व पंचों-सरपंचों को बाढ़ से बचने की ट्रेनिंग दी गई।
तीसरे दिन सिविल डिफेंस के प्लाटून कमांडर हरविंद्र सिंह ने बताया कि किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण लेने से जहां व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है वहीं, उसमें निपुणता आती है और जब भी बाढ़ जैसी आपदा आती है तो प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्ति ही बाढ़ में फंसे लोगों की बेहतर ढंग सेे सहायता कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आपदा जिस भी रूप में आए, उस के लिए पहले से ही पूर्ण रूप से तैयारियां करके बाखूबी निपटा जा सकता है। उन्होंने बाढ़ जैसी आपदा से बचने के लिए खाली प्लास्टिक की बोतलों से लाइफ जैकेट बनाने का प्रशिक्षण भी दिया। आपदा प्रबंधन के अनुसंधान अधिकारी गुरकरण सिंह ने खंड छछरौली में बाढ़ सुरक्षा सप्ताह में बोलते हुए कहा कि आपदा से निपटने हेतू प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है और प्रशिक्षणार्थी ही आपदा के समय बेहतर कार्य करते हुए आपदा में फंसे लोगों की मदद कर सकता है। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के गोताखोर रामकेश ने लोगों को बाढ़ से बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी।
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