{"_id":"5f3ae49b8ebc3e3ca603ff89","slug":"9-thousand-black-jaundice-patients-did-not-get-infection-will-do-research-on-pgims-170-rohtakcity-news-rtk5691864123","type":"story","status":"publish","title_hn":"9 हजार काला पीलिया के मरीजों को नहीं हुआ संक्रमण, पीजीआईएमएस 170 पर करेगा रिसर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
9 हजार काला पीलिया के मरीजों को नहीं हुआ संक्रमण, पीजीआईएमएस 170 पर करेगा रिसर्च
विज्ञापन
कोरोना संक्रमणकाल में वैक्सीन के आने से पहले काला पीलिया की दवा संक्रमण के मरीजों को बचाने में सस्ता व सुरक्षित साधन बन सकती है। हेल्थ विशेषज्ञ का कहना है कि प्रदेश में नौ हजार काला पीलिया के मरीजों को कोरोना का असर नहीं हुआ है, इसमें से 3500 वर्तमान में दवा खा रहे हैं और बाकी अपना कोर्स पूरा कर चुके हैं। पीजीआईएमएस को अब 170 संक्रमितों पर इस दवा की रिसर्च करनी है। यदि इसमें भी सब सही रहा तो यह दवा कोरोना महामारी की जंग में वरदान साबित हो सकती है।
पीजीआईएमएस की नैतिक समिति ने काला पीलिया की दवा को कोरोना के मरीजों पर ट्रायल करने की सहमति देते हुए डीसीजीआई ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को अंतिम मंजूरी के लिए भेजा है। यह मंजूरी जल्द संस्थान को मिलने वाली है, इस रिसर्च के लिए बजट पहले ही जारी हो चुका है। मरीजों का उपचार करने वाले डॉक्टरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस दवा का रिजल्ट कोरोना संक्रमितों पर बेहतर है, लेकिन इसकी पुष्टि बगैर रिसर्च नहीं कर सकते और न ही किसी को यह बोलने का अधिकार है। संस्थान रिसर्च की मंजूरी आते ही 70-70 कोरोना के मरीजों को अलग-अलग काला पीलिया की दवा देगा और 30 को यह दवा नहीं दी जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि किस मरीज पर कोरोना का क्या असर रहता है। वहीं काला पीलिया की दवाओं का वायरस पर असर जांचने के लिए पूणे की एक लैब रिसर्च कर रही है, जबकि फरीदाबाद का एक संस्थान इसके क्लचर पर रिसर्च कर रहा है।
काला पीलिया की दवा पर चल रहे ट्रायल
पीजीआईएमएस का गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रवीण मल्होत्रा के नेतृत्व में प्रदेश के काला पीलिया के मरीजों पर रिसर्च कर रहा है कि इस वायरस का उनके मरीजों पर क्या असर है। अभी तक सामने आए 9 हजार मरीजों में से कोई कोरोना से ग्रस्त नहीं हुआ। पीजीआईएमएस की ओर से 170 मरीजों पर इस दवा का जल्द ट्रायल होना है। इसके लिए डीसीजीआई की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
विज्ञापन
काला पीलिया की दवा को रिसर्च में शामिल करने के लिए डीसीजीआई को फाइल भेजी गई है। इसके लिए नैतिक समिति से फाइल पास हो कर जा चुकी है। उम्मीद है जल्द ही इसके लिए हरी झंडी मिल जाएगी। यह दवा कोरोना पर कितना असर कर रही है अभी कह नहीं सकते।
- डॉ. सविता वर्मा, प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर, कोवैक्सीन, पीजीआईएमएस
कोरोना के मरीजों को काला पीलिया की दवा दी जाएगी। इसके लिए 70-70 व 30 मरीजों का ग्रुप बनाया जाएगा। इस दवा का साइड इफेक्ट भी न के बराबर है। हमें उम्मीद है कि यह दवा कोरोना के मरीजों के उपचार में कामयाब हो सकती है। बाकी रिसर्च के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकेगा।
- डॉ. ध्रुव चौधरी, प्रदेश के प्रमुख नोडल अधिकारी, कोविड-19, पीजीआईएमएस
विज्ञापन
पीजीआईएमएस की नैतिक समिति ने काला पीलिया की दवा को कोरोना के मरीजों पर ट्रायल करने की सहमति देते हुए डीसीजीआई ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को अंतिम मंजूरी के लिए भेजा है। यह मंजूरी जल्द संस्थान को मिलने वाली है, इस रिसर्च के लिए बजट पहले ही जारी हो चुका है। मरीजों का उपचार करने वाले डॉक्टरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस दवा का रिजल्ट कोरोना संक्रमितों पर बेहतर है, लेकिन इसकी पुष्टि बगैर रिसर्च नहीं कर सकते और न ही किसी को यह बोलने का अधिकार है। संस्थान रिसर्च की मंजूरी आते ही 70-70 कोरोना के मरीजों को अलग-अलग काला पीलिया की दवा देगा और 30 को यह दवा नहीं दी जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि किस मरीज पर कोरोना का क्या असर रहता है। वहीं काला पीलिया की दवाओं का वायरस पर असर जांचने के लिए पूणे की एक लैब रिसर्च कर रही है, जबकि फरीदाबाद का एक संस्थान इसके क्लचर पर रिसर्च कर रहा है।
विज्ञापन
काला पीलिया की दवा पर चल रहे ट्रायल
पीजीआईएमएस का गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रवीण मल्होत्रा के नेतृत्व में प्रदेश के काला पीलिया के मरीजों पर रिसर्च कर रहा है कि इस वायरस का उनके मरीजों पर क्या असर है। अभी तक सामने आए 9 हजार मरीजों में से कोई कोरोना से ग्रस्त नहीं हुआ। पीजीआईएमएस की ओर से 170 मरीजों पर इस दवा का जल्द ट्रायल होना है। इसके लिए डीसीजीआई की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
विज्ञापन
काला पीलिया की दवा को रिसर्च में शामिल करने के लिए डीसीजीआई को फाइल भेजी गई है। इसके लिए नैतिक समिति से फाइल पास हो कर जा चुकी है। उम्मीद है जल्द ही इसके लिए हरी झंडी मिल जाएगी। यह दवा कोरोना पर कितना असर कर रही है अभी कह नहीं सकते।
- डॉ. सविता वर्मा, प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर, कोवैक्सीन, पीजीआईएमएस
कोरोना के मरीजों को काला पीलिया की दवा दी जाएगी। इसके लिए 70-70 व 30 मरीजों का ग्रुप बनाया जाएगा। इस दवा का साइड इफेक्ट भी न के बराबर है। हमें उम्मीद है कि यह दवा कोरोना के मरीजों के उपचार में कामयाब हो सकती है। बाकी रिसर्च के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकेगा।
- डॉ. ध्रुव चौधरी, प्रदेश के प्रमुख नोडल अधिकारी, कोविड-19, पीजीआईएमएस