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बार में जमा नहीं हुआ एसोसिएशन का रिकॉर्ड, एसपी से मिले अधिवक्ता

Tue, 24 Apr 2018 02:48 AM IST
Updated Tue, 24 Apr 2018 02:48 AM IST
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बार में जमा नहीं हुआ एसोसिएशन का रिकॉर्ड, एसपी से मिले अधिवक्ता
नोट : कल प्रकाशित हुए समाचार की ईपीएस भी प्रयोग करें।
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फोटो : 102

बार में जमा नहीं हुआ एसोसिएशन का रिकॉर्ड, एसपी से मिले अधिवक्ता
- चैंबर निर्माण राशि में गोलमाल के अंदेशे के चलते हाउस की बैठक में सोमवार शाम तक बार का पुराना रिकॉर्ड जमा कराने पर हुआ था फैसला
वर्तमान और पूर्व प्रधान समेत छह लोगों के खिलाफ चैंबर राशि का गबन करने का है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
जिला बार एसोसिएशन की बैठक में पूर्व पदाधिकारियों पर लाखों रुपये के गोलमाल के आरोपों के बाद राजनीति गर्मा गई है। अब मामला एसपी दरबार तक पहुंच गया है। बार के ही सदस्यों ने एसपी से पूर्व पदाधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अपील की है। इसमें मौजूदा और पूर्व प्रधान भी शामिल हैं। इन पर एसोसिएशन का रिकॉर्ड बार में जमा नहीं कराने का आरोप लगाया गया है। इधर, एसोसिएशन के प्रधान ने रिकॉर्ड बार में ही होने का दावा किया है।
कोर्ट परिसर में वकीलों के चैंबर निर्माण के नाम पर जुटाए गए लाखों रुपये के घालमेल के अंदेशे को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बार के ही सदस्यों ने चैंबर घोटाले के खिलाफ आवाज उठाते हुए एसपी से कार्रवाई की मांग की है। इसी कड़ी में सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने एसपी से मुलाकात कर वर्तमान और पूर्व प्रधान समेत छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी को सौंपे पत्र में एसोसिएशन के महासचिव पुनीत पूनिया ने कहा है कि छह अप्रैल को बार चुनाव के बाद नई कार्यकारिणी ने उसे महासचिव का कार्यभार सौंपा।
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यह है बार के रिकॉर्ड का मामला
महासचिव के पास नियमानुसार बार का तमाम लेखा-जोखा, एकाउंट और कागजात का ब्योरा होता है। इसके चलते बार के तीन क्लर्कों से रिकॉर्ड मांगा। इसमें नए बन रहे चैंबर का रिकॉर्ड, चैंबर के ठेके का रिकॉर्ड, बार एसोसिएशन के धन का रिकॉर्ड और तमाम लेजर एकाउंट बुक, मिनिट्स बुक शामिल हैं। क्लर्कों ने रिकॉर्ड एसोसिएशन के कार्यालय में नहीं होने की बात कही। यह रिकॉर्ड पूर्व प्रधान के पास है। पूर्व प्रधान और सचिव से रिकॉर्ड मांगा गया तो यह रिकॉर्ड वर्तमान प्रधान के पास होने की बात कही गई। प्रधान ने भी इस बारे में गोलमोल जवाब दिया। इस बारे में 21 अप्रैल को जनरल हाउस की बैठक हुई। इसमें सभी ने 23 अप्रैल शाम तक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने पर इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने का फैसला लिया। सोमवार शाम पांच बजे तक भी यह रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। बार एसोसिएशन पंजीकृत संस्था है। इसका रिकॉर्ड बार एसोसिएशन कार्यालय से बाहर नहीं ले जाया जा सकता है। इसके बावजूद पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियाें ने साजिश के तहत यह रिकॉर्ड निकाल लिया। आरोप है कि इस रिकॉर्ड में चैंबर निर्माण की राशि में लाखों रुपये की हेराफेरी हुई है।
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एसोसिएशन के महासचिव पुनीत पूनिया ने कहा है कि बार एसोसिएशन में वकीलों के सबस्क्रिप्शन का पिछले तीन वर्षों का रुपया जमा नहीं कराया गया है। यह राशि इन्होंने अपने पास रखी हुई है। यह गलत है। एसोसिएशन की राशि खाते से नकद निकालकर ठेकेदार को देने की बात कही गई है, जबकि यह संभव नहीं है। इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। रिकॉर्ड नहीं होने की वजह से कमेटी के लिए जांच करना मुश्किल है। ऐसे में इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब कमेटी करेगी मामले की जांच
बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एवं वरिष्ठ अधिवक्ता बलवान सिंह हुड्डा ने बतौर कमेटी चेयरमैन सोमवार शाम को चैंबर राशि घोटाले के मामले की जांच के लिए कमेटी के सदस्य चुने। इसमें अधिवक्ता प्रदीप मलिक को सचिव, अनिल बुधवार और बलवान सिंह सुहाग को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी अपने स्तर पर मामले को खंगालेगी।

वर्जन :
बार के रिकॉर्ड को लेकर मुद्दा बनाया जा रहा है। एसोसिएशन का रिकॉर्ड बार में ही है। बार की किसी तरह की कमेटी बनाने या जांच किए जाने की जानकारी नहीं है। अपनी तरफ से कोई कमेटी नहीं बना सकता।
-लोकेंद्र फौगाट उर्फ जोजो, प्रधान, जिला बार एसोसिएशन
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