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मां बनभौरी धाम मंदिर पर लिया फैसला नहीं लिया वापस तो समाज करेगा भाजपा का बहिष्कार
Updated Mon, 18 Dec 2017 12:30 AM IST
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मां बनभौरी धाम मंदिर पर लिया फैसला नहीं लिया वापस तो समाज करेगा भाजपा का बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। मां बनभौरी धाम मंदिर को सरकार द्वारा अपने अधीन करने के नोटिस के विरोध में ब्रह्म कल्याण समिति ने प्रधान रतन लाल शर्मा ने कहा है कि अगर सरकार ने मंदिर की तरफ देखा तो प्रदेश का ब्राह्मण समाज भाजपा की तरफ नहीं देखेगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने यह कुचेष्ठा की तो होने वाले चुनाव में ब्राह्मण समाज भाजपा पार्टी का विरोध करेगा। रतन लाल जनकपुरी कालोनी स्थित राजकुमार मुदगिल के निवास पर समिति की मासिक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले के विरोध में ब्राह्मण समाज में रोष है। समाज का मानना है कि जब करीब 300 वर्षों से कौशिक परिवार हिसार जिले के मां बनभौरी धाम की सेवा करता आ रहा है तो ऐसी स्थिति में सरकार का नियंत्रण करने का इरादा ब्राह्मण समाज पर कुठाराघात है। प्रधान ने कहा कि पूर्व में भी सरकार ने ऐसा ही करने की गलती की थी जिसका सारा ब्राह्मण समाज ने विरोध किया था और सरकार को सत्ता से हाथ धोना पड़ा था। यदि भाजपा सरकार भी पूर्व में कांग्रेस सरकार की लती को दोहराएगी तो सरकार के विरोध में सारा ब्राह्मण समाज सडक़ों पर उतरने में भी गुरेज नहीं करेगा। पूर्व सरकार की भांति भाजपा को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। समिति के चेयरमैन परमात्मा राय कौशिक व उप चेयरमैन कृष्ण कौशिक ने कहा कि बनभौरी धाम की जमीन कौशिक परिवार की पुश्तैनी जमीन है। इस तरह से पुश्तैनी जमीन को सरकार अधिग्रहण नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म की पक्षधर होने का दंम भरने वाली सरकार हिंदू संस्कृति को ही उजाडऩे पर तुली है। समिति के सदस्य मा. जोगीराम, एडवोकेट राजेश ने कहा कि जब मां बनभौरी धाम कौशिक परिवार की पुश्तैनी जमीन पर व उन्हीं के पैसे से बना है और सरकार ने किसी तरह की डोनेशन भी नहीं दी है तो सरकार इसे नियंत्रित कैसे कर सकती है। इसके बाद सभा की बैठक में मा. सत्यनारयण, हरिराम शर्मा ने भजनों के माध्यम से सामाजिक बुराइयों पर प्रहार किया। कार्यक्रम के अंत में राजकुमार मुदगिल के परिवार को समिति की ओर से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुरेश पाल, डॉ. सहीराम, रणधीर सांघन, हुक्मचंद अरड़ाना, कोषाध्यक्ष सतबीर थुआ, शिव कुमार, सुभाष रोहेड़ा, संजय शर्मा, विजय शर्मा भी उपस्थित रहे।
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। मां बनभौरी धाम मंदिर को सरकार द्वारा अपने अधीन करने के नोटिस के विरोध में ब्रह्म कल्याण समिति ने प्रधान रतन लाल शर्मा ने कहा है कि अगर सरकार ने मंदिर की तरफ देखा तो प्रदेश का ब्राह्मण समाज भाजपा की तरफ नहीं देखेगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने यह कुचेष्ठा की तो होने वाले चुनाव में ब्राह्मण समाज भाजपा पार्टी का विरोध करेगा। रतन लाल जनकपुरी कालोनी स्थित राजकुमार मुदगिल के निवास पर समिति की मासिक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले के विरोध में ब्राह्मण समाज में रोष है। समाज का मानना है कि जब करीब 300 वर्षों से कौशिक परिवार हिसार जिले के मां बनभौरी धाम की सेवा करता आ रहा है तो ऐसी स्थिति में सरकार का नियंत्रण करने का इरादा ब्राह्मण समाज पर कुठाराघात है। प्रधान ने कहा कि पूर्व में भी सरकार ने ऐसा ही करने की गलती की थी जिसका सारा ब्राह्मण समाज ने विरोध किया था और सरकार को सत्ता से हाथ धोना पड़ा था। यदि भाजपा सरकार भी पूर्व में कांग्रेस सरकार की लती को दोहराएगी तो सरकार के विरोध में सारा ब्राह्मण समाज सडक़ों पर उतरने में भी गुरेज नहीं करेगा। पूर्व सरकार की भांति भाजपा को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। समिति के चेयरमैन परमात्मा राय कौशिक व उप चेयरमैन कृष्ण कौशिक ने कहा कि बनभौरी धाम की जमीन कौशिक परिवार की पुश्तैनी जमीन है। इस तरह से पुश्तैनी जमीन को सरकार अधिग्रहण नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म की पक्षधर होने का दंम भरने वाली सरकार हिंदू संस्कृति को ही उजाडऩे पर तुली है। समिति के सदस्य मा. जोगीराम, एडवोकेट राजेश ने कहा कि जब मां बनभौरी धाम कौशिक परिवार की पुश्तैनी जमीन पर व उन्हीं के पैसे से बना है और सरकार ने किसी तरह की डोनेशन भी नहीं दी है तो सरकार इसे नियंत्रित कैसे कर सकती है। इसके बाद सभा की बैठक में मा. सत्यनारयण, हरिराम शर्मा ने भजनों के माध्यम से सामाजिक बुराइयों पर प्रहार किया। कार्यक्रम के अंत में राजकुमार मुदगिल के परिवार को समिति की ओर से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुरेश पाल, डॉ. सहीराम, रणधीर सांघन, हुक्मचंद अरड़ाना, कोषाध्यक्ष सतबीर थुआ, शिव कुमार, सुभाष रोहेड़ा, संजय शर्मा, विजय शर्मा भी उपस्थित रहे।