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जसिया
Updated Sat, 25 Nov 2017 02:50 AM IST
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फ्लैग : जसिया में भूमि पूजन व जाट महारैली कल
हेडिंग : तैयारियों के बीच रैली स्थल पर मलिक विरोधी गुट, पांच घंटे बाद पुलिस ने हटाया
: यशपाल मलिक ने विरोधी गुट से नहीं की बात, बोले प्रायोजित विरोध प्रदर्शन
: दोनों पक्षों में बातचीत रही बेनतीजा, शनिवार को सुबह 10 बजे दोबारा रैली स्थल प्रदर्शन की तैयारी
: फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र अस्वस्थ, कांग्रेस नेता किरण चौधरी व सुरजेवाला की गुजरात में लगी ड्यूटी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जसिया गांव में भूमि पूजन एवं जाट महारैली को लेकर जाट समुदाय के दोनों पक्षों में तनाव पैदा हो गया है। रैली से एक दिन पहले शुक्रवार दोपहर यशपाल मलिक से मिलने विरोधी गुट भी पहुंच गया, लेकिन यशपाल मलिक बिना बातचीत किए रवाना हो गए। पांच घंटे की जद्दोजहद के बाद विरोधी गुट को पुलिस व प्रशासन ने समझाबुझा कर रैली स्थल से हटा दिया। अब शनिवार को विरोधी गुट दोबारा रैली स्थल पर पहुंच कर भूमि पूजन का विरोध जताएंगे।
फरवरी 2016 से प्रदेश में जाट आरक्षण आंदोलन चल रहा है। जाट नेता यशपाल मलिक के नेतृत्व में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से आंदोलन की अगुवाई की जा रही है। साथ ही आंदोलन का केंद्र बिंदु रोहतक के जसिया गांव को बनाया गया। अब जाट समुदाय की ओर से जसिया गांव ही साढ़े 11 एकड़ जमीन में शिक्षण संस्थान बनाने की तैयारी चल रही है, जिसका 26 नवंबर को भूमि पूजन एवं जाट महा रैली है। यशपाल मलिक की जाट आरक्षण संघर्ष समिति के इस कदम का रोहतक ब्लॉक की सरपंच एसोसिएशन और खाप पंचायतें विरोध कर रही हैं। मामले को लेकर गुुरुवार को भालौठ गांव में पंचायत हुई थी, जिसमें कोई नतीजा नहीं निकल सका।
बाक्स
यशपाल मलिक निकल गए बिना बात किए
शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे यशपाल मलिक रैली की तैयारियां का जायजा लेने जसिया पहुंचे। मीडिया से बातचीत मलिक ने कहा कि रैली में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह डूमरखां व डाक्टर सतपाल सिंह और इनेलो नेता अभय चौटाला ने आने की पुष्टि कर दी है, जबकि कांग्रेस नेत्री किरण चौधरी व रणदीप सुरजेवाला ने गुजरात चुनाव में ड्यूटी के चलते आने में असमर्थता जताई है। भाजपा, इनेलो व कांग्रेस के विधायकों के आने की संभावना है। इसी बीच मकड़ौली गांव के सरपंच सुमित, भैंयापुर के सरपंच संजय, कंसाला के सरपंच अमरजीत, डाक्टर मूलचंद दहिया और बलियाणा गांव के पूर्व सरपंच योगानंद सहित अन्य लोग रैली स्थल पर पहुंच गए। विरोधी गुट को उम्मीद थी कि मलिक उनके सवालों का जवाब देंगे, लेकिन 3 बजे मलिक बिना बात किए निकल गए।
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रैली पर बनी सहमति, भूमि पूजन पर फंसा पेंच
जाट आरक्षण संघर्ष समिति और विरोधी गुट शाम पांच बजे तक अपने-अपने रुख पर अड़े रहे। शाम सवा पांच बजे एसडीएम अरविंद मल्हान और तहसीलदार गुलाब सिंह ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत करवाकर तनाव कम कराने का प्रयास किया। दोनों पक्ष बातचीत पर सहमत हो गए। जाट आरक्षण संघर्ष समिति की तरफ से कृष्णलाल हुड्डा, राजसिंह हुड्डा, पवन जसिया और विरोधी गुट की तरफ से कंसाला के सरपंच अमरजीत, बलियाणा के पूर्व सरपंच योगानंद और भैंयापुर के सरपंच संजय के बीच सवा छह बजे तक बातचीत हुई। दोनों पक्ष जेल से बाहर युवाओं की सहायता पर सहमत हो गई, लेकिन भूमि पूजन पर पेंच फंस गया। सरपंचों का कहना था कि आरक्षण मिलने और युवाओं के रिहा होने तक भूमि पूजन रोक दिया जाए, जबकि जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि वे भूमि पूजन के कार्ड वितरित कर चुके हैं। पूरा समाज साथ दे रहा है। ऐसे में भूमि पूजन रोकना संभव नहीं है। इस बाद बातचीत बेनतीजा खत्म हो गई।
बाक्स
प्रशासन ने बढ़ाया दबाव, विरोधी गुट रैली स्थल से हटा
रात करीब साढ़े 6 बजे पुलिस व प्रशासन ने यशपाल मलिक के विरोधी गुट पर दबाव बनाया कि वे यहां से हट जाएं, क्योंकि रात को ज्यादा तनाव पैदा हो सकता है। किसी तरह की घटना न हो जाए। विरोधी गुट की तरफ से बलियाना के पूर्व सरपंच योगानंद ने कहा कि दूसरा पक्ष भी हट जाए। बातचीत के बाद करीब पौने सात बजे विरोधी गुट रैली स्थल से हट गया। हालांकि साफ कहा कि वे शनिवार सुबह 10 बजे दोबारा रैली स्थल पर एकत्रित होेंगे। रैली में आने वाले लोेगों को बताएंगे कि चंदा का यूं दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
बाक्स
भूमि पूजन व रैली निर्धारित कार्यक्रम के तहत 26 नवंबर को सुबह 10 बजे शुरू होगी। इसके लिए ओपन रैली स्थल की व्यवस्था की गई है। 50 एकड़ से ज्यादा जमीन को खाली कराया गया है। इस तरह की रैली से पहले विरोध होना स्वाभाविक होता है।
यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष जाट आरक्षण संघर्ष समिति
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आंदोलन के दौरान चंदा आरक्षण और जेलों में बंद युवाओं की रिहाई के लिए एकत्रित किया गया था, लेकिन अब जसिया में जमीन खरीद और बिल्डिंग बनाकर पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। समाज यशपाल मलिक से इसका जवाब जरूर लेगा।
मूलचंद दहिया, जाट नेता यशपाल मलिक विरोधी गुट
बाक्स
दो कंपनी तैनात, विरोधी गुट की आपात मीटिंग
जसिया रैली को लेकर किसी तरह का माहौल खराब न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने दो कंपनी रैली स्थल पर तैनात कर रखी हैं। साथ ही खुफिया विभाग जाट नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। जसिया रैली को लेकर विरोधी गुट की देर रात तक जाट भवन में मीटिंग चलती रही। ऐसे में शनिवार को भी मामले को लेकर तनाव कायम रह सकता है।
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फ्लैग : जसिया में भूमि पूजन व जाट महारैली कल
हेडिंग : तैयारियों के बीच रैली स्थल पर मलिक विरोधी गुट, पांच घंटे बाद पुलिस ने हटाया
: यशपाल मलिक ने विरोधी गुट से नहीं की बात, बोले प्रायोजित विरोध प्रदर्शन
: दोनों पक्षों में बातचीत रही बेनतीजा, शनिवार को सुबह 10 बजे दोबारा रैली स्थल प्रदर्शन की तैयारी
: फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र अस्वस्थ, कांग्रेस नेता किरण चौधरी व सुरजेवाला की गुजरात में लगी ड्यूटी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जसिया गांव में भूमि पूजन एवं जाट महारैली को लेकर जाट समुदाय के दोनों पक्षों में तनाव पैदा हो गया है। रैली से एक दिन पहले शुक्रवार दोपहर यशपाल मलिक से मिलने विरोधी गुट भी पहुंच गया, लेकिन यशपाल मलिक बिना बातचीत किए रवाना हो गए। पांच घंटे की जद्दोजहद के बाद विरोधी गुट को पुलिस व प्रशासन ने समझाबुझा कर रैली स्थल से हटा दिया। अब शनिवार को विरोधी गुट दोबारा रैली स्थल पर पहुंच कर भूमि पूजन का विरोध जताएंगे।
फरवरी 2016 से प्रदेश में जाट आरक्षण आंदोलन चल रहा है। जाट नेता यशपाल मलिक के नेतृत्व में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से आंदोलन की अगुवाई की जा रही है। साथ ही आंदोलन का केंद्र बिंदु रोहतक के जसिया गांव को बनाया गया। अब जाट समुदाय की ओर से जसिया गांव ही साढ़े 11 एकड़ जमीन में शिक्षण संस्थान बनाने की तैयारी चल रही है, जिसका 26 नवंबर को भूमि पूजन एवं जाट महा रैली है। यशपाल मलिक की जाट आरक्षण संघर्ष समिति के इस कदम का रोहतक ब्लॉक की सरपंच एसोसिएशन और खाप पंचायतें विरोध कर रही हैं। मामले को लेकर गुुरुवार को भालौठ गांव में पंचायत हुई थी, जिसमें कोई नतीजा नहीं निकल सका।
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यशपाल मलिक निकल गए बिना बात किए
शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे यशपाल मलिक रैली की तैयारियां का जायजा लेने जसिया पहुंचे। मीडिया से बातचीत मलिक ने कहा कि रैली में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह डूमरखां व डाक्टर सतपाल सिंह और इनेलो नेता अभय चौटाला ने आने की पुष्टि कर दी है, जबकि कांग्रेस नेत्री किरण चौधरी व रणदीप सुरजेवाला ने गुजरात चुनाव में ड्यूटी के चलते आने में असमर्थता जताई है। भाजपा, इनेलो व कांग्रेस के विधायकों के आने की संभावना है। इसी बीच मकड़ौली गांव के सरपंच सुमित, भैंयापुर के सरपंच संजय, कंसाला के सरपंच अमरजीत, डाक्टर मूलचंद दहिया और बलियाणा गांव के पूर्व सरपंच योगानंद सहित अन्य लोग रैली स्थल पर पहुंच गए। विरोधी गुट को उम्मीद थी कि मलिक उनके सवालों का जवाब देंगे, लेकिन 3 बजे मलिक बिना बात किए निकल गए।
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रैली पर बनी सहमति, भूमि पूजन पर फंसा पेंच
जाट आरक्षण संघर्ष समिति और विरोधी गुट शाम पांच बजे तक अपने-अपने रुख पर अड़े रहे। शाम सवा पांच बजे एसडीएम अरविंद मल्हान और तहसीलदार गुलाब सिंह ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत करवाकर तनाव कम कराने का प्रयास किया। दोनों पक्ष बातचीत पर सहमत हो गए। जाट आरक्षण संघर्ष समिति की तरफ से कृष्णलाल हुड्डा, राजसिंह हुड्डा, पवन जसिया और विरोधी गुट की तरफ से कंसाला के सरपंच अमरजीत, बलियाणा के पूर्व सरपंच योगानंद और भैंयापुर के सरपंच संजय के बीच सवा छह बजे तक बातचीत हुई। दोनों पक्ष जेल से बाहर युवाओं की सहायता पर सहमत हो गई, लेकिन भूमि पूजन पर पेंच फंस गया। सरपंचों का कहना था कि आरक्षण मिलने और युवाओं के रिहा होने तक भूमि पूजन रोक दिया जाए, जबकि जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि वे भूमि पूजन के कार्ड वितरित कर चुके हैं। पूरा समाज साथ दे रहा है। ऐसे में भूमि पूजन रोकना संभव नहीं है। इस बाद बातचीत बेनतीजा खत्म हो गई।
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प्रशासन ने बढ़ाया दबाव, विरोधी गुट रैली स्थल से हटा
रात करीब साढ़े 6 बजे पुलिस व प्रशासन ने यशपाल मलिक के विरोधी गुट पर दबाव बनाया कि वे यहां से हट जाएं, क्योंकि रात को ज्यादा तनाव पैदा हो सकता है। किसी तरह की घटना न हो जाए। विरोधी गुट की तरफ से बलियाना के पूर्व सरपंच योगानंद ने कहा कि दूसरा पक्ष भी हट जाए। बातचीत के बाद करीब पौने सात बजे विरोधी गुट रैली स्थल से हट गया। हालांकि साफ कहा कि वे शनिवार सुबह 10 बजे दोबारा रैली स्थल पर एकत्रित होेंगे। रैली में आने वाले लोेगों को बताएंगे कि चंदा का यूं दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
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भूमि पूजन व रैली निर्धारित कार्यक्रम के तहत 26 नवंबर को सुबह 10 बजे शुरू होगी। इसके लिए ओपन रैली स्थल की व्यवस्था की गई है। 50 एकड़ से ज्यादा जमीन को खाली कराया गया है। इस तरह की रैली से पहले विरोध होना स्वाभाविक होता है।
यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष जाट आरक्षण संघर्ष समिति
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आंदोलन के दौरान चंदा आरक्षण और जेलों में बंद युवाओं की रिहाई के लिए एकत्रित किया गया था, लेकिन अब जसिया में जमीन खरीद और बिल्डिंग बनाकर पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। समाज यशपाल मलिक से इसका जवाब जरूर लेगा।
मूलचंद दहिया, जाट नेता यशपाल मलिक विरोधी गुट
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दो कंपनी तैनात, विरोधी गुट की आपात मीटिंग
जसिया रैली को लेकर किसी तरह का माहौल खराब न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने दो कंपनी रैली स्थल पर तैनात कर रखी हैं। साथ ही खुफिया विभाग जाट नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। जसिया रैली को लेकर विरोधी गुट की देर रात तक जाट भवन में मीटिंग चलती रही। ऐसे में शनिवार को भी मामले को लेकर तनाव कायम रह सकता है।