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बगैर सामान ही दो फर्मों को जारी किए 75 करोड़ के फर्जी चालान, 13 करोड़ की जीएसटी का गबन

Wed, 25 Nov 2020 01:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 25 Nov 2020 01:08 AM IST
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75 crore fake invoices issued to two firms without goods, embezzlement of 13 crore GST
सरकार की सख्ती के बावजूद जीएसटी के नाम पर गड़बड़ी नहीं रुक रही हैं। ऐसा ही एक और मामला मंगलवार को सामने आया। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग ने बगैर सामान ही फर्जी चालान के जरिये करोड़ों रुपये के हेरफेर करने के मामले का पर्दाफाश करते हुए जींद निवासी विकास जैन को गिरफ्तार किया है। इसे अदालत में पेश किया गया। यहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। डायरेक्टर जनरल जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) के मुुताबिक विभाग ने 12 नवंबर को हिसार में सतेंद्र कुमार सिंगला को फर्जी चालान के जरिये गड़बड़ी करने के मामले में गिरफ्तार किया था। अब एक और आरोपी विकास जैन को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि दो फर्मों के जरिये फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। इनमें से एक जींद में अपने नाम से व दूसरी फर्म अपने ही एक मजदूर के नाम से बनाई थी। इन दोनों फर्मों को करीब 75 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग की गई थी। इन फर्मों को किसी तरह का कोई सामान नहीं दिया गया। एक फर्म के जरिए करीब 27.99 करोड़ रुपये की बिलिंग की गई। फर्जी चालान व इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिये करीब 13 करोड़ रुपये की जीएसटी गड़बड़ी सामने आई है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। इसके चलते इसे अदालत में पेश किया। यहां से अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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