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Rohtak News: एक ही मोहल्ले में एक साल में नशे से 7 मौत
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कस्बे में हर रोज नशा युवाओं को अपनी चपेट में ले रहा है। चौबीसी के चबूतरे के पास बसी कॉलोनियों के युवा उसकी तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। चबूतरा व इसके आसपास पड़ी सरकारी इमारत नशेड़ी युवाओं का आरामगाह बनता जा रहा है। चौबीसी के चबूतरे के पास स्थित परस वाले मोहल्ला में वीरवार को 7वीं मौत हुई।
वहां के निवासी एवं समाजसेवी रोशन फाैजी ने बताया कि एक ही दंपती के दो बेटे थे। एक साल के अंतराल में दोनों को नशा लील गया। एक साल पहले बड़े बेटे की मौत हुई थी। अब छोटे बेटे सतविंदर की मौत नशे के कारण हुई है। बताया कि नशे में युवक इस कदर फंस चुके हैं कि ओवरडोज के कारण मौत हो जाती है। रोशन फौजी का कहना है कि युवक पहले महंगा नशा कर उसके आदि हो जाते हैं, उसके बाद वे मेडिकल स्टोर से नशे की गोली लाते हैं। इसे कूटकर पानी में मिलाकर सीरिंज से टीका लगाना शुरू कर देते हैं। बताया कि इससे पहले भी कई युवकों की मौत नशे के कारण हो चुकी है। वीरवार को सतविंदर की हालत खराब हुई तो उसे अस्पताल लेकर गए। उस समय भी उसकी जेब में इंजेक्शन पाया गया।
मृतक के पिता अतर सिंह का कहना है कि प्रशासन को नशे के खिलाफ अभियान चलाकर इसे समाप्त करना चाहिए, ताकि किसी और के बेटे की नशे के कारण मौत न हो। उन्हें जो नशे के कारण दुख मिला है, वे नहीं चाहते कि किसी और को यह दुख देखना पड़े।
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फोटो 01 मृतक सतविंदर का फाइल फोटो
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वहां के निवासी एवं समाजसेवी रोशन फाैजी ने बताया कि एक ही दंपती के दो बेटे थे। एक साल के अंतराल में दोनों को नशा लील गया। एक साल पहले बड़े बेटे की मौत हुई थी। अब छोटे बेटे सतविंदर की मौत नशे के कारण हुई है। बताया कि नशे में युवक इस कदर फंस चुके हैं कि ओवरडोज के कारण मौत हो जाती है। रोशन फौजी का कहना है कि युवक पहले महंगा नशा कर उसके आदि हो जाते हैं, उसके बाद वे मेडिकल स्टोर से नशे की गोली लाते हैं। इसे कूटकर पानी में मिलाकर सीरिंज से टीका लगाना शुरू कर देते हैं। बताया कि इससे पहले भी कई युवकों की मौत नशे के कारण हो चुकी है। वीरवार को सतविंदर की हालत खराब हुई तो उसे अस्पताल लेकर गए। उस समय भी उसकी जेब में इंजेक्शन पाया गया।
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मृतक के पिता अतर सिंह का कहना है कि प्रशासन को नशे के खिलाफ अभियान चलाकर इसे समाप्त करना चाहिए, ताकि किसी और के बेटे की नशे के कारण मौत न हो। उन्हें जो नशे के कारण दुख मिला है, वे नहीं चाहते कि किसी और को यह दुख देखना पड़े।
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फोटो 01 मृतक सतविंदर का फाइल फोटो