फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   चरखी दादरी के अस्पताल में उपचार मिलता तो बचाई जा सकती थी बच्चों की जान

चरखी दादरी के अस्पताल में उपचार मिलता तो बचाई जा सकती थी बच्चों की जान

Tue, 01 May 2018 02:40 AM IST
Updated Tue, 01 May 2018 02:40 AM IST
विज्ञापन
चरखी दादरी के अस्पताल में उपचार मिलता तो बचाई जा सकती थी बच्चों की जान
चरखी दादरी के अस्पताल में उपचार मिलता तो बचाई जा सकती थी बच्चों की जान
विज्ञापन

- पूर्व मंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री से की बात, फोन पर ही पूर्व मंत्री की सीएम से हुई नोकझोंक

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
चरखी दादरी में हुए हादसे के तुरंत बाद ही पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान भी पीजीआई पहुंचे। बच्चों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि यदि चरखी दादरी के अस्पताल में घायलों को उपचार दिया जाता तो दो बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।

पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने बताया कि उन्होंने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी इस संबंध में बात की तथा घायलों को उपचार देने को कहा। चरखी दादरी में बच्चों को उपचार नहीं देने को लेकर फोन पर ही उनकी स्वास्थ्य मंत्री से बहस भी हुई। हालांकि कहा कि पीजीआई में चिकित्सकों ने घायलों को तुरंत ही उपचार दिया । कहा कि यदि चरखी दादरी के अस्पताल में बच्चों को उपचार दिया जाता तो दो बच्चों की जान बचाई जा सक ती थी। स्वास्थ्य मंत्री से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया मगर बात नहीं हो सकी।
विज्ञापन



रेफर अस्पताल बना चरखी दादरी का अस्पताल
पूर्व मंत्री ने कहा कि चरखी दादरी का जिला अस्पताल रेफर अस्पताल बन चुका है। यहां पर आने वाले मरीजों को चेकअप किए बिना ही रेफर कर दिया जाता है। शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी लापरवाह चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अवैध दौड़ रहे 400 से अधिक डंफर
पूर्व मंत्री नेक कहा कि हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर 400 से अधिक अवैध डंफर दौड़ रहे है। जिन्हें बंद कराने की तरफ विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसके कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed