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चेते अफसर, निजी अस्पतालों के डेंगू का टेरर फैलाने से रोकने के लिए लिखा पत्र
Updated Sat, 28 Oct 2017 01:04 AM IST
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चेते अफसर, निजी अस्पतालों के डेंगू का टेरर फैलाने से रोकने के लिए लिखा पत्र
प्राइवेट अस्पतालों और लैब संचालकों के मनमर्जी की रिपोर्ट के सुर्खियां बनने पर हरकत में आए अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। डेंगू के डंक के हव्वे और प्राइवेट अस्पतालों और लैब संचालकों के मनमर्जी की रिपोर्ट देने के मामलों के सुर्खियां बनने पर अब अफसर चेते हैं। इसको लेकर जिला मलेरिया अधिकारी ने आईएमए को पत्र लिखकर निजी अस्पताल संचालकों को डेंगू के नाम पर टेरर न फैलाने की चेतावनी दी है। मलेरिया अधिकारी ने ऐसे अस्पताल संचालकों के खिलाफ मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया में जाने की भी बात कही है। वहीं आईएमए ने भी अस्पताल संचालकों को अपने फायदे के लिए अफवाह न फैलाने की हिदायत दी है।
डेंगू का डंक लगातार फैलता जा रहा है और जांच में भी लोगों के प्लेटलेट्स गिरने की रिपोर्ट आ रही है। ऐसे में सिविल अस्पताल के साथ प्राइवेट अस्पतालों से भी डेंगू के संदेह में मरीजों की जांच कराई जा रही है, वहीं प्राइवेट अस्पतालों से ऐसे केस ज्यादा सामने आ रहे हैं। इस बीच कई प्राइवेट अस्पताल व लैब संचालकों द्वारा मनमर्जी की रिपोर्ट तैयार करने के मामले सामने आए थे, इस पर माई सिटी के शुक्रवार के अंक में लैब में प्लेटलेट्स का खेल, दे रहे उल्टी-सीधी रिपोर्ट हेडिंग से समाचार प्रकाशित किया था। इस पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. शशी गर्ग ने इन मामलों के सामने आने के बाद आईएमए के प्रधान डॉ. श्यामलाल कालड़ा को पत्र लिखा है।
अस्पताल संचालक ठीक से काम करें
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. शशी गर्ग ने कहा कि कई निजी अस्पताल व लैब संचालक डेंगू के नाम पर लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। उनकी स्वास्थ्य विभाग को दी जाने वाली रिपोर्ट व मरीजों को डेंगू बताने के मामलों में बड़ा अंतर है। वे या तो स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट छुपा रहे हैं या फिर लोगों को भटका रहे हैं। अस्पताल संचालक अपनी आदतों से बाज नहीं आए तो उनके खिलाफ मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया में अपील दायर की जाएगी।
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17 सौ घरों में लार्वा मिला, विभाग ने जारी किया नोटिस
स्वास्थ्य विभाग द्वारा फॉगिंग कम कर दी है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि फॉगिंग से डेंगू का मच्छर नहीं मरता। वह एक स्थान से दूसरे स्थान पर चला जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे में शहर व गांवों में विशेष जांच अभियान शुरू किया है। विभाग के तीन दिन के अभियान में 17 सौ घरों में डेंगू का लार्वा मिला है। विभाग द्वारा इन सबको नोटिस जारी कर दिया गया है। वहीं इसमें स्वास्थ्य निरीक्षण से लेकर आशा वर्कर तक जागरूक अभियान में लगी हुई हैं।
आईएमए को जिला मलेरिया अधिकारी का डेंगू को लेकर पत्र मिला है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले भी निजी अस्पताल संचालकों की बैठक लेकर डेंगू या कोई अन्य बीमारी के मरीज आने पर रिपोर्ट देने की कही थी। कुछ अस्पताल संचालक डॉक्टर रिपोर्ट नियमित रूप से नहीं दे रहे। यह सब चिंता का विषय है। अस्पताल संचालकों को विभाग के अभियान व लोगों को डेंगू को लेकर जागरूक करने में सहयोग करना चाहिए।
डॉ. श्यामलाल कालड़ा, प्रधान, आईएमए, पानीपत।
कई अस्पताल व लैब संचालक डेंगू को लेकर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं और डेंगू की पूरी जांच बिना ही व्यक्ति को डेंगू घोषित कर देते हैं। अस्पताल संचालकों के इस तरह की अनदेखी के चलते लोगों में डेंगू का हव्वा सा बन गया है। आईएमए के प्रधान को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है। अस्पताल संचालक कंट्रोल में नहीं आते हैं तो मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया को शिकायत की जाएगी।
डॉ. शशि गर्ग, जिला मलेरिया अधिकारी, पानीपत।
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प्राइवेट अस्पतालों और लैब संचालकों के मनमर्जी की रिपोर्ट के सुर्खियां बनने पर हरकत में आए अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। डेंगू के डंक के हव्वे और प्राइवेट अस्पतालों और लैब संचालकों के मनमर्जी की रिपोर्ट देने के मामलों के सुर्खियां बनने पर अब अफसर चेते हैं। इसको लेकर जिला मलेरिया अधिकारी ने आईएमए को पत्र लिखकर निजी अस्पताल संचालकों को डेंगू के नाम पर टेरर न फैलाने की चेतावनी दी है। मलेरिया अधिकारी ने ऐसे अस्पताल संचालकों के खिलाफ मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया में जाने की भी बात कही है। वहीं आईएमए ने भी अस्पताल संचालकों को अपने फायदे के लिए अफवाह न फैलाने की हिदायत दी है।
डेंगू का डंक लगातार फैलता जा रहा है और जांच में भी लोगों के प्लेटलेट्स गिरने की रिपोर्ट आ रही है। ऐसे में सिविल अस्पताल के साथ प्राइवेट अस्पतालों से भी डेंगू के संदेह में मरीजों की जांच कराई जा रही है, वहीं प्राइवेट अस्पतालों से ऐसे केस ज्यादा सामने आ रहे हैं। इस बीच कई प्राइवेट अस्पताल व लैब संचालकों द्वारा मनमर्जी की रिपोर्ट तैयार करने के मामले सामने आए थे, इस पर माई सिटी के शुक्रवार के अंक में लैब में प्लेटलेट्स का खेल, दे रहे उल्टी-सीधी रिपोर्ट हेडिंग से समाचार प्रकाशित किया था। इस पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. शशी गर्ग ने इन मामलों के सामने आने के बाद आईएमए के प्रधान डॉ. श्यामलाल कालड़ा को पत्र लिखा है।
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अस्पताल संचालक ठीक से काम करें
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. शशी गर्ग ने कहा कि कई निजी अस्पताल व लैब संचालक डेंगू के नाम पर लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। उनकी स्वास्थ्य विभाग को दी जाने वाली रिपोर्ट व मरीजों को डेंगू बताने के मामलों में बड़ा अंतर है। वे या तो स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट छुपा रहे हैं या फिर लोगों को भटका रहे हैं। अस्पताल संचालक अपनी आदतों से बाज नहीं आए तो उनके खिलाफ मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया में अपील दायर की जाएगी।
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17 सौ घरों में लार्वा मिला, विभाग ने जारी किया नोटिस
स्वास्थ्य विभाग द्वारा फॉगिंग कम कर दी है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि फॉगिंग से डेंगू का मच्छर नहीं मरता। वह एक स्थान से दूसरे स्थान पर चला जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे में शहर व गांवों में विशेष जांच अभियान शुरू किया है। विभाग के तीन दिन के अभियान में 17 सौ घरों में डेंगू का लार्वा मिला है। विभाग द्वारा इन सबको नोटिस जारी कर दिया गया है। वहीं इसमें स्वास्थ्य निरीक्षण से लेकर आशा वर्कर तक जागरूक अभियान में लगी हुई हैं।
आईएमए को जिला मलेरिया अधिकारी का डेंगू को लेकर पत्र मिला है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले भी निजी अस्पताल संचालकों की बैठक लेकर डेंगू या कोई अन्य बीमारी के मरीज आने पर रिपोर्ट देने की कही थी। कुछ अस्पताल संचालक डॉक्टर रिपोर्ट नियमित रूप से नहीं दे रहे। यह सब चिंता का विषय है। अस्पताल संचालकों को विभाग के अभियान व लोगों को डेंगू को लेकर जागरूक करने में सहयोग करना चाहिए।
डॉ. श्यामलाल कालड़ा, प्रधान, आईएमए, पानीपत।
कई अस्पताल व लैब संचालक डेंगू को लेकर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं और डेंगू की पूरी जांच बिना ही व्यक्ति को डेंगू घोषित कर देते हैं। अस्पताल संचालकों के इस तरह की अनदेखी के चलते लोगों में डेंगू का हव्वा सा बन गया है। आईएमए के प्रधान को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है। अस्पताल संचालक कंट्रोल में नहीं आते हैं तो मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया को शिकायत की जाएगी।
डॉ. शशि गर्ग, जिला मलेरिया अधिकारी, पानीपत।