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ककक

Sat, 24 Jun 2017 12:59 AM IST
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:59 AM IST
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आईजीयू से जुड़े महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी के कॉलेज
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के विद्यार्थियों की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। इन दोनों जिलों के कॉलेजों के विद्यार्थियों का दक्षिण हरियाणा की एकमात्र स्टेट यूनिवर्सिटी आईजीयू (इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी) से संबद्ध होने का गजट नोटिफिकेशन जारी हो गया है। इससे इन दोनों जिलों के 110 कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब 50 हजार विद्यार्थियों को लाभ पहुंचेगा। अब इन्हें अपने छोटे-छोटे कामों के लिए रोहतक की एमडीयू यूनिवर्सिटी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे इससे आईजीयू का भी दायरा बढ़ेगा।
आईजीयू को शुरू हुए करीब साढ़े चार साल हो चुका है। यह केवल रीजनल सेंटर की तरह की काम कर रही थी। कॉलेज अटैच नहीं होने के कारण इसका भी विकास नहीं हो पा रहा था। हालांकि समय-समय पर समीपवर्ती जिलों के कॉलेज यूनिवर्सिटी से अटैच होने की मांगें चलती रहीं। गत वर्ष सितंबर माह में शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के कॉलेज आईजीयू से संबद्ध करने की घोषणा की। इसके बाद कैबिनेट की मीटिंग में इसे पास कराया गया। सरकार की तरफ से सारे काम होने के बाद यह फाइल कुलाधिपति एवं राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के पास गई। वहां से हस्ताक्षर होने के बाद इसे मंजूरी मिल गई। इससे पूर्व 18 मई को आईजीयू में हुए वार्षिकोत्सव में भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के सामने रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने इन कॉलेजों को आईजीयू से संबद्ध कराने की मांग की थी। जिस पर उन्होंने फाइल राज्यपाल के पास होने की बात कही थी। इसके बाद पिछले दिनों नए सत्र के एडमिशन शुरू होने के बाद एक बार फिर मामला खटाई में पड़ता दिखा। इस संबंध में 19 जून को अमर उजाला ने ‘नए सत्र ने पकड़ी रफ्तार लेकिन टूटी नहीं आस’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद हायर एजूकेशन से रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों के कॉलेजों को आईजीयू से संबद्ध कराने का गजट नोटिफिकेशन जारी हो गया।
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यह होगा लाभ
आईजीयू से संबद्ध होने के बाद अब रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों के कॉलेजों के विद्यार्थियों को अपने छोटे-छोटे काम के लिए एमडीयू के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यहीं आईजीयू में ही इनका काम हो जाएगा। वहीं कॉलेज अटैच होने से आईजीयू को भी वित्तीय लाभ होगा। इनकी फीस सहित अन्य मदों से आने वाले पैसों से यूनिवर्सिटी अन्य कार्य कर सकेगी। हालांकि अभी आवेदन शुरू हो गए हैं। यह एमडीयू के माध्यम से हो रहे हैं। इसके बाद सारा रिकॉर्ड आईजीयू में आ जाएगा। इनके रजिस्ट्रेशन आईजीयू में ही होंगे।
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बनेगा प्रोफार्मा मिलेगा पुरस्कार
हालांकि नए सत्र के आवेदन शुरू हो गए थे, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन को इन दोनों कॉलेजों के संबद्ध होने की पूरी आस थी। इसी के चलते यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 29 मई को विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अध्यापकों और अधिकारियों के 10 सदस्यों की मीटिंग लेकर अपना काम शुरू कर दिया था। अब गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन इस पर काम करेगा। इसके लिए एक प्रोफार्मा बनाया जाएगा। प्रोफार्मा के हिसाब से हर कॉलेज को अंक मिलेंगे। इसके लिए यूनिवर्सिटी की ओर से इनकी समय-समय पर जांच की जाएगी। श्रेष्ठ आने वाले कॉलेज को सम्मानित किया जाएगा। वहीं यूनिवर्सिटी अपना एक पोर्टल भी बनाएगी।


हमारी मांग पूरी हो गई है। रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों के कॉलेज अब आईजीयू से संबद्ध होंगे। इसके लिए गजट नोटिफिकेशन जारी हो गया है। इसके लिए सभी को बधाई। - प्रो. एसपी बंसल, कुलपति, आईजीयू
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