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श्रद्धांजलि सभा न्यूज 2
Updated Sat, 25 Aug 2018 03:04 AM IST
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फ्लैग : शिक्षा मंत्री, वित्त मंत्री, कृषि व परिवहन मंत्री को मिला संबोधन को मौका
हेडिंग :...जब लाहौर में अटल फिजा से बोले, कन्यादान में पूरा पाकिस्तान लेकर आती हैं तो निकाह भी मंजूर
: शहरी निकाय मंत्री कविता जैन, सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर व सांसदों को नहीं मिला संबोधन को मौका, पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सर्व दलीय श्रद्धांजलि सभा में मनोहर मंत्रिमंडल के चार मंत्रियों को ही मंच से अटल को श्रद्धांजलि देने का मौका मिला। शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि विश्वास, श्रद्धा, तपस्या और प्रेरणा का दूसरा नाम अटल था। 1971 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी बांग्लादेश की लड़ाई में जा रही थी। उस समय वाजपेयी अस्पताल से मिलने उनके पाए गए और बोले इंदिरा दुर्गा बनकर लड़ना। पूरा देश आपके साथ है। अटल ने कभी कभी अपने कहे शब्दों से वॉकआउट नहीं किया। जब वे पाकिस्तान गए तो वहां की कवि फिजा ने कहा कि अगर अटल मेहर में कश्मीर दें तो मैं उनके साथ निकाह करने के लिए तैयार हूं। जब अटल ने उसी अंदाज में जवाब दिया कि, मेरे यहां तक हिंदू रीति रिवाज से शादी होती है। साथ ही कन्यादान की रस्म अदा की जाती है। अगर कन्यादान में पूरा पाकिस्तान लेकर आती हैं तो मैं निकाह कर लूंगा।
बाक्स
हर किसी को लग रहा मेरा कोई अपना चला गया : कैप्टन अभिमन्यु
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि अटल ने 125 करोड़ जनता के पूरे परिवार को एक करने का कार्य किया। एक ही विचारधारा विपक्ष की बनाने के लिए अलग-अलग संगठनों को एक किया और पहली बार गठबंधन की पांच साल तक सरकार चलाई। साथ ही संसद में मजबूती के साथ विपक्ष की भूमिका अदा की। यहीं कारण है कि आज भाजपा सत्ता में है। वे एक आदर्श पुरुष के रूप में पहचाने जायेंगे।
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अटल कहते थे छोटे बन से कोई बड़ा, तो टूटे बन से कोई खड़ा नहीं होता : धनखड़
कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि अटल हमारे मध्य से कभी जा नहीं सकते, बल्कि उनका नश्वर शरीर गया है। उनकी वाणी प्रेरणा, कृतित्व, व्यक्तित्व सदियों तक सेवा देता रहेगा। वे कहते थे छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूट मन से कोई खड़ा नहीं होता। उनके हर शब्द में प्रेरणा थी। हर मोड़ पर उनकी काबलियत, वीरता, करुणा के भाषण और कविताएं सदैव सुनने को मिलती रहेगी। उन्होंने जय जवान-जय किसान, जय विज्ञान का नारा देकर शहीदों को तिरंगे के सम्मान के साथ संस्कार दिये।
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अटल के आदर्शों पर चल रहे सीएम : पंवार
परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि पहली बार अटल ने देश के सैनिकों को शहादत प्राप्त होने पर उनके आश्रितों को 10 लाख रुपए देकर सम्मान बढ़ाया। वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहीदों के आश्रितों को यह राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपये करके और अधिक सम्मान दिया है। इसके अलावा अर्धसैनिक बलों व पुलिस के जवानों को भी इस शहादत में शमिल करके उनके आश्रितों को भी यह राशि देने का कार्य किया है। महान सेना नायक को उनके पदचिंहों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
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अंग्रेजी के पीछे पड़ने वाले अटल से प्रेरणा लें : पूर्व सांसद कैप्टन इंद्रसिंह
इनेलो के पूर्व सांसद कैप्टन इंद्र सिंह ने कहा कि सर्वदलीय सियासत के रास्ते दिखाने वाले अटल ने कश्मीर की लड़ाई में शहीदों के पार्थिव शरीर को घर लाने की प्रथा शुरू करके देश का गौरव बढ़ाया। उनकी प्रतिभा, विचार देश व संस्कृति को आगे बढ़ाने वाले थे। हदृय से उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मातृ भाषा को गले लगाकर राजनीति को व्यवसाय नहीं बनाना चाहिए, बल्कि देश की भलाई के लिए सेवक बनना चाहिए।
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अटल के गुणों को अपनाने का समय : जिंदल
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांतीय संघ चालक पवन जिंदल ने कहा कि अटल चले गए। उनकी कहानियां सुनाने की बजाए, उनके दिखाए रास्ते पर चलकर उनके गुणों को अपनाने की जरूरत है। सोचे, मैं अटल के कितने गुण अपना सकता हूं।
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अध्यात्मवाद को जीवन में जगह दी अटल ने : भारत भूषण
ब्रह्मकुमारी के राजयोगी भारतभूषण ने कहा कि पूर्व पीएम अटल तीन बार माउंट आबू आए, जहां ब्रह्मकुमारी मिशन का मुख्य कार्यालय है। क्योंकि उन्हाेंने जीवन में अध्यात्मवाद को भी जगह दी।
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मृत्यु से परे थे अटल
महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव ने कहा कि अटल मृत्यु से परे थे। उनके जीते जी तो लोग प्रेरणा लेते ही थे, अब मरने के बाद और भी ज्यादा लगाव हो गया है। इससे साफ है कि मृत्यु भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकी।
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शांति के प्रतीक थे अटल
कैथोलिक चर्च के अध्यक्ष फादर आइवो ने कहा कि पूर्व पीएम अटल शांति के प्रतीक थे। हर धर्म, जाति व समुदाय से ऊपर उठकर उन्होंने सबके साथ समानता का व्यवहार किया।
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जब अटल ने हज यात्रियों को ग्रीन कार्ड दिया
प्रदेश की हज कमेटी के चेयरमैन औरंगजेब ने कहा कि पहले हज यात्रियों की एयरपोर्ट पर तलाशी आम लोगों की तरह ली जाती थी। इससे हज जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी महसूस होती थी। जब अटल प्रधानमंत्री थे, तब उन्होंने रेड कार्ड की जगह ग्रीन कार्ड दिया। इस कारण पहले की तरह सुरक्षा के नाम पर हज यात्रियों को परेशान नहीं होना पड़ा।
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इन्होंने भी दी श्रद्धांजलि
विधानसभा उपाध्यक्ष संतोष यादव, समाज कल्याण मंत्री कृष्ण लाल बेदी, जनस्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल, उद्योग मंत्री विपिन गोयल, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कम्बोज, महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन, सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, सांसद डीपी वत्स, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा, भाजपा सांसद रमेश कौशिक व विधायक नरेश कौशिक, कांग्रेस विधायक आनंद सिंह दांगी, पूर्व सांसद शादीलाल बतरा, पूर्व विधायक बीबी बतरा, सीएम के मीडिया सलाकार राजीव जैन, चेयरमैन प्रतिभा सुमन, रामश्रण गर्ग, अनिल जैन, सुभाष भट्ठ, संजय भाटिया, रामचंद्र जांगड़ा, वीरेंद्र चौहान, महंत दिलबाग सिंह, कपिल पुरी, कर्णपुरी, स्वामी दिव्यानंद योगी, महामंडलेश्वर जसमेर कल्याण, योगी स्वामी सहजानंद, पूर्व सांसद आईडी स्वामी, धर्मपाल मकडौली, बलवंत मायना, आरएसएस के विजय, सुरेश भट्ठ, सुरेंद्रपाल, सीताराम, देव प्रसाद भारद्वाज, जिला अध्यक्ष अजय बंसल, विकास रोहिल्ला, राजरानी शर्मा, सुभाष कत्याल, कर्नल राजेंद्र सुहाग व सीएम के भाई नरेंद्र खट्टर भी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने वालों में शामिल रहे।
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अटल के जीवन वृतचित्र दिखाकर शुरू की सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा
इससे पूर्व श्रद्धांजलि सभा की शुरूआत में पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन पर वृत चित्र दिखाकर की गई। इसमें उन्होंने 16 वर्ष की आयु में छात्र नेता के रूप में अपना राजनैतिक कैरियर के साथ समाज सेवा में पदार्पण किया। साथ ही सभा में सांघी मॉडल स्कूल की छात्राओं ने -भारत देश महान में चर्चा है जहान में हे अटल जी फिरसे जन्मों हिन्दुस्तान में- नामक शानदार श्रद्धांजलि गीत प्रस्तुत किया।
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हेडिंग :...जब लाहौर में अटल फिजा से बोले, कन्यादान में पूरा पाकिस्तान लेकर आती हैं तो निकाह भी मंजूर
: शहरी निकाय मंत्री कविता जैन, सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर व सांसदों को नहीं मिला संबोधन को मौका, पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सर्व दलीय श्रद्धांजलि सभा में मनोहर मंत्रिमंडल के चार मंत्रियों को ही मंच से अटल को श्रद्धांजलि देने का मौका मिला। शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि विश्वास, श्रद्धा, तपस्या और प्रेरणा का दूसरा नाम अटल था। 1971 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी बांग्लादेश की लड़ाई में जा रही थी। उस समय वाजपेयी अस्पताल से मिलने उनके पाए गए और बोले इंदिरा दुर्गा बनकर लड़ना। पूरा देश आपके साथ है। अटल ने कभी कभी अपने कहे शब्दों से वॉकआउट नहीं किया। जब वे पाकिस्तान गए तो वहां की कवि फिजा ने कहा कि अगर अटल मेहर में कश्मीर दें तो मैं उनके साथ निकाह करने के लिए तैयार हूं। जब अटल ने उसी अंदाज में जवाब दिया कि, मेरे यहां तक हिंदू रीति रिवाज से शादी होती है। साथ ही कन्यादान की रस्म अदा की जाती है। अगर कन्यादान में पूरा पाकिस्तान लेकर आती हैं तो मैं निकाह कर लूंगा।
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हर किसी को लग रहा मेरा कोई अपना चला गया : कैप्टन अभिमन्यु
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि अटल ने 125 करोड़ जनता के पूरे परिवार को एक करने का कार्य किया। एक ही विचारधारा विपक्ष की बनाने के लिए अलग-अलग संगठनों को एक किया और पहली बार गठबंधन की पांच साल तक सरकार चलाई। साथ ही संसद में मजबूती के साथ विपक्ष की भूमिका अदा की। यहीं कारण है कि आज भाजपा सत्ता में है। वे एक आदर्श पुरुष के रूप में पहचाने जायेंगे।
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अटल कहते थे छोटे बन से कोई बड़ा, तो टूटे बन से कोई खड़ा नहीं होता : धनखड़
कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि अटल हमारे मध्य से कभी जा नहीं सकते, बल्कि उनका नश्वर शरीर गया है। उनकी वाणी प्रेरणा, कृतित्व, व्यक्तित्व सदियों तक सेवा देता रहेगा। वे कहते थे छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूट मन से कोई खड़ा नहीं होता। उनके हर शब्द में प्रेरणा थी। हर मोड़ पर उनकी काबलियत, वीरता, करुणा के भाषण और कविताएं सदैव सुनने को मिलती रहेगी। उन्होंने जय जवान-जय किसान, जय विज्ञान का नारा देकर शहीदों को तिरंगे के सम्मान के साथ संस्कार दिये।
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अटल के आदर्शों पर चल रहे सीएम : पंवार
परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि पहली बार अटल ने देश के सैनिकों को शहादत प्राप्त होने पर उनके आश्रितों को 10 लाख रुपए देकर सम्मान बढ़ाया। वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहीदों के आश्रितों को यह राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपये करके और अधिक सम्मान दिया है। इसके अलावा अर्धसैनिक बलों व पुलिस के जवानों को भी इस शहादत में शमिल करके उनके आश्रितों को भी यह राशि देने का कार्य किया है। महान सेना नायक को उनके पदचिंहों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
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अंग्रेजी के पीछे पड़ने वाले अटल से प्रेरणा लें : पूर्व सांसद कैप्टन इंद्रसिंह
इनेलो के पूर्व सांसद कैप्टन इंद्र सिंह ने कहा कि सर्वदलीय सियासत के रास्ते दिखाने वाले अटल ने कश्मीर की लड़ाई में शहीदों के पार्थिव शरीर को घर लाने की प्रथा शुरू करके देश का गौरव बढ़ाया। उनकी प्रतिभा, विचार देश व संस्कृति को आगे बढ़ाने वाले थे। हदृय से उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मातृ भाषा को गले लगाकर राजनीति को व्यवसाय नहीं बनाना चाहिए, बल्कि देश की भलाई के लिए सेवक बनना चाहिए।
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अटल के गुणों को अपनाने का समय : जिंदल
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांतीय संघ चालक पवन जिंदल ने कहा कि अटल चले गए। उनकी कहानियां सुनाने की बजाए, उनके दिखाए रास्ते पर चलकर उनके गुणों को अपनाने की जरूरत है। सोचे, मैं अटल के कितने गुण अपना सकता हूं।
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अध्यात्मवाद को जीवन में जगह दी अटल ने : भारत भूषण
ब्रह्मकुमारी के राजयोगी भारतभूषण ने कहा कि पूर्व पीएम अटल तीन बार माउंट आबू आए, जहां ब्रह्मकुमारी मिशन का मुख्य कार्यालय है। क्योंकि उन्हाेंने जीवन में अध्यात्मवाद को भी जगह दी।
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मृत्यु से परे थे अटल
महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव ने कहा कि अटल मृत्यु से परे थे। उनके जीते जी तो लोग प्रेरणा लेते ही थे, अब मरने के बाद और भी ज्यादा लगाव हो गया है। इससे साफ है कि मृत्यु भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकी।
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शांति के प्रतीक थे अटल
कैथोलिक चर्च के अध्यक्ष फादर आइवो ने कहा कि पूर्व पीएम अटल शांति के प्रतीक थे। हर धर्म, जाति व समुदाय से ऊपर उठकर उन्होंने सबके साथ समानता का व्यवहार किया।
बाक्स
जब अटल ने हज यात्रियों को ग्रीन कार्ड दिया
प्रदेश की हज कमेटी के चेयरमैन औरंगजेब ने कहा कि पहले हज यात्रियों की एयरपोर्ट पर तलाशी आम लोगों की तरह ली जाती थी। इससे हज जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी महसूस होती थी। जब अटल प्रधानमंत्री थे, तब उन्होंने रेड कार्ड की जगह ग्रीन कार्ड दिया। इस कारण पहले की तरह सुरक्षा के नाम पर हज यात्रियों को परेशान नहीं होना पड़ा।
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इन्होंने भी दी श्रद्धांजलि
विधानसभा उपाध्यक्ष संतोष यादव, समाज कल्याण मंत्री कृष्ण लाल बेदी, जनस्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल, उद्योग मंत्री विपिन गोयल, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कम्बोज, महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन, सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, सांसद डीपी वत्स, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा, भाजपा सांसद रमेश कौशिक व विधायक नरेश कौशिक, कांग्रेस विधायक आनंद सिंह दांगी, पूर्व सांसद शादीलाल बतरा, पूर्व विधायक बीबी बतरा, सीएम के मीडिया सलाकार राजीव जैन, चेयरमैन प्रतिभा सुमन, रामश्रण गर्ग, अनिल जैन, सुभाष भट्ठ, संजय भाटिया, रामचंद्र जांगड़ा, वीरेंद्र चौहान, महंत दिलबाग सिंह, कपिल पुरी, कर्णपुरी, स्वामी दिव्यानंद योगी, महामंडलेश्वर जसमेर कल्याण, योगी स्वामी सहजानंद, पूर्व सांसद आईडी स्वामी, धर्मपाल मकडौली, बलवंत मायना, आरएसएस के विजय, सुरेश भट्ठ, सुरेंद्रपाल, सीताराम, देव प्रसाद भारद्वाज, जिला अध्यक्ष अजय बंसल, विकास रोहिल्ला, राजरानी शर्मा, सुभाष कत्याल, कर्नल राजेंद्र सुहाग व सीएम के भाई नरेंद्र खट्टर भी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने वालों में शामिल रहे।
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अटल के जीवन वृतचित्र दिखाकर शुरू की सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा
इससे पूर्व श्रद्धांजलि सभा की शुरूआत में पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन पर वृत चित्र दिखाकर की गई। इसमें उन्होंने 16 वर्ष की आयु में छात्र नेता के रूप में अपना राजनैतिक कैरियर के साथ समाज सेवा में पदार्पण किया। साथ ही सभा में सांघी मॉडल स्कूल की छात्राओं ने -भारत देश महान में चर्चा है जहान में हे अटल जी फिरसे जन्मों हिन्दुस्तान में- नामक शानदार श्रद्धांजलि गीत प्रस्तुत किया।