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नियम 134ए के तहत दाखिले के लिए भटकते रहे बच्चे, जाम लगाने के बाद एसडीएम ने 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम

Fri, 27 Apr 2018 02:24 AM IST
Updated Fri, 27 Apr 2018 02:24 AM IST
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नियम 134ए के तहत दाखिले के लिए भटकते रहे बच्चे, जाम लगाने के बाद एसडीएम ने 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम
फोटो : 7 से 16
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नियम 134-ए
दाखिले के लिए भटकते रहे बच्चे, तीन घंटे तक नहीं मिले मंत्री तो लगाया जाम
- मानसरोवर पार्क पार्क के पास पौन घंटे जाम लगाने के बाद एसडीएम ने दिया घंटे में एडमीशन का आश्वासन

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
नियम 134-ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए बच्चे दिन भर भटकते रहे। इसके बाद आहत अभिभावक दोपहर को दो जमा पांच संगठन पदाधिकारियों के साथ सहकारिता मंत्री से मिलने पहुंचे। करीब तीन घंटे के इंतजार के बाद भी मुलाकात नहीं होने से नाराज होकर लोगाें ने सोनीपत रोड पर मानसरोवर पार्क के पास जाम लगा दिया। जाम करीब पौने घंटे रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में एसडीएम से मिलने पहुंचे अभिभावकों को 24 घंटे में बच्चों को दाखिला दिलाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद भी दाखिला नहीं दिया गया तो स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द की जा सकती है।

मंत्री के कार्यालय पर किया तीन घंटे इंतजार
बच्चों को निजी स्कूलों में वीरवार को भी दाखिला नहीं मिला। इससे आहत होकर अभिभावक व दो जमा पांच संगठन पदाधिकारी सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर से मिलने मानसरोवर पार्क स्थित उनके कार्यालय पहुंचे। यहां मंत्री के नहीं होने के चलते उन्हें कुछ देर इंतजार करने को कहा गया। मंत्री के कार्यालय में 15 मिनट-15 मिनट की बात कह कर करीब दो घंटे बैठाए रखा। लोगों के पूछने पर स्टाफ ने उनके एमडीयू कार्यक्रम में होने बात कही। इसके करीब एक घंटे बाद भी मंत्री उनकी समस्या सुनने नहीं आए। इससे लोग बिफर गए और जाम दिया।
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मंत्री और सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
अभिभावकों ने नियम 134ए व कोर्ट के निर्देश लागू कराने की मांग करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। नारेबाजी करते हुए लोग सड़क पर ही बैठक गए। यहां करीब पौने घंटे रोष प्रदर्शन के बाद पुलिस ने उन्हें एसडीएम से मिलवाने का समय दिलाया। इसके बाद अभिभावक जाम हटाकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां एसडीएम ने शिक्षा अधिकारी से बातचीत के बाद अभिभावकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें 24 घंटे में बच्चों को दाखिला दिया जाना सुनिश्चित करते के निर्देश जारी करते हुए ऐसा नहीं होने पर स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी नियमाें की पालना नहीं हुई तो स्कूल की मान्यता रद्द की जाएगी।
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वोट लेने थे तो बड़े चले आए, अब टाइम नहीं है..
दाखिले को लेकर जाम लगाने सड़क पर पहुंची महिलाओं को वहां से हटाने के लिए महिला पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें रोका। इस दौरान महिलाएं बिफर पड़ी। उनके बीच तीखी नोक झोंक हुई। महिलाआें ने कहा कि जब वोट लेने थे तो हमारे घर तक बड़ा चला आया था, अब हमसे ही मिलने का टाइम नहीं है। तुम्हारी तो अच्छी सेलरी है। बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला मिल जाता है। दिक्कत तो हमें है। नियम हैं, पर स्कूल संचालक इन्हें मान नहीं रहे हैं।


पुलिस ने अभिभावकों को लिया हिरासत में
नियम 134-ए के तहत उपायुक्त कार्यालय पार्क में बैठक की गई। यहां परीक्षा में पास हुए बच्चों को स्कूलों में दाखिला नहीं दिए जाने की निंदा करते हुए अभिभावकाें ने सहकारिता मंत्री से मिलने का फैसला लिया। सीएम व मंत्री ने अभिभावकों को बच्चों के दाखिले का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद दाखिला नहीं मिल रहा है। इसीलिए सड़क पर उतरना पड़ा। इस दौरान कुछ अभिभावकों को हिरासत में लिया गया। इससे पूर्व तीन घंटे तक मंत्री का इंतजार भी किया। अब एसडीएम ने 27 अप्रैल की शाम तक सभी बच्चों के दाखिले होने का आश्वासन दिया है। ऐसा नहीं होने पर स्कूलों की मान्यता रद्द की जा सकती है।
- सत्यवीर सिंह हुड्डा, अध्यक्ष, दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन संगठन।
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