{"_id":"596bd4074f1c1b407c8b4828","slug":"51500238855-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"rfv","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
rfv
Updated Mon, 17 Jul 2017 02:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पीजीआई में डिलीवरी के दौरान महिला की मौत, ससुराल और मायका पक्ष के लोग भिड़े
- बहादुरगढ़ के लाइनपार की महिला पिछले एक सप्ताह से थी भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआई में डिलीवरी के दौरान एक विवाहिता की मौत के बाद रविवार रात को हंगामा हो गया। यहां उपचाराधीन बहादुरगढ़ की एक महिला ने बच्चे को जन्म देने के बाद दम तोड़ दिया। विवाहिता के मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर सही से इलाज नहीं करवाने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। विवाद बढ़ता देखकर मौके पर पीजीआई थाने से पुलिस भी पहुंची। रात दो बचे तक विवाद को सुलझाने के प्रयास चल रहे थे।
दरअसल, झज्जर के गांव कसार की रहने वाली निशा की शादी जसोरखेड़ी निवासी सचिन के साथ हुई थी। वह वर्तमान में पति के साथ बहादुरगढ़ के लाइनपार क्षेत्र में रह रही थी। आठ माह के गर्भ के चलते महिला एक सप्ताह से पीजीआई में भर्ती थी। यहां रविवार देर रात उसने एक लड़की को जन्म दिया लेकिन इस दौरान निशा की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष के लोगों पर इलाज में लापरवाही और देरी का आरोप लगाकर हमला कर दिया। झगड़े की सूचना पाकर पीजीआई थाने से पुलिस भी मौके पर पहुंची। देर रात तक दोनों पक्षों को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे थे। निशा के पति सचिन और अन्य परिजनों ने बताया कि महिला की हालात गंभीर थी, इसके लिए निशा के मायके वालों को बता दिया था। लेबर रूम के बाहर हंगामे के बाद दोनों पक्षों को पुलिस थाने ले गई। पोस्टमार्टम होने के बाद पता चल सकेगा कि गलती किसकी है।
- बहादुरगढ़ के लाइनपार की महिला पिछले एक सप्ताह से थी भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआई में डिलीवरी के दौरान एक विवाहिता की मौत के बाद रविवार रात को हंगामा हो गया। यहां उपचाराधीन बहादुरगढ़ की एक महिला ने बच्चे को जन्म देने के बाद दम तोड़ दिया। विवाहिता के मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर सही से इलाज नहीं करवाने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। विवाद बढ़ता देखकर मौके पर पीजीआई थाने से पुलिस भी पहुंची। रात दो बचे तक विवाद को सुलझाने के प्रयास चल रहे थे।
दरअसल, झज्जर के गांव कसार की रहने वाली निशा की शादी जसोरखेड़ी निवासी सचिन के साथ हुई थी। वह वर्तमान में पति के साथ बहादुरगढ़ के लाइनपार क्षेत्र में रह रही थी। आठ माह के गर्भ के चलते महिला एक सप्ताह से पीजीआई में भर्ती थी। यहां रविवार देर रात उसने एक लड़की को जन्म दिया लेकिन इस दौरान निशा की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष के लोगों पर इलाज में लापरवाही और देरी का आरोप लगाकर हमला कर दिया। झगड़े की सूचना पाकर पीजीआई थाने से पुलिस भी मौके पर पहुंची। देर रात तक दोनों पक्षों को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे थे। निशा के पति सचिन और अन्य परिजनों ने बताया कि महिला की हालात गंभीर थी, इसके लिए निशा के मायके वालों को बता दिया था। लेबर रूम के बाहर हंगामे के बाद दोनों पक्षों को पुलिस थाने ले गई। पोस्टमार्टम होने के बाद पता चल सकेगा कि गलती किसकी है।
विज्ञापन