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अध्यापक ने स्किल पासबुक में जानकारी गलत भरी तो उस पर होगी कार्रवाई: पीके दास
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रोहतक। विद्यार्थी की उन्नति की रिपोर्ट के माध्यम से ही शिक्षक उसका सही आंकलन कर सकता है और समाधान का प्रयास भी होगा। इसके लिए स्किल पासबुक बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन स्किल पासबुक में जो भरा जाए, उसकी जानकारी भी विद्यार्थी को होनी चाहिए। अगर शिक्षक ने गलत जानकारी भरी तो उस पर कार्रवाई होगी। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने शुक्रवार को एमडीयू में आयोजित मंडल स्तरीय स्किल पासबुक कार्यशाला के दौरान यह कहा। वह छह जिलों के 1100 शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि स्किल पासबुक की सत्यता की पुष्टी की जाएगी, जिससे उसमें भरी गई गलत जानकारी पकड़ ली जाएगी। कार्यशाला में अध्यापकों को स्किल पासबुक भरने का डेमो भी दिया गया। अगली कक्षा में दाखिला लेने पर शिक्षक स्किल पासबुक में दी गई जानकारी को विद्यार्थी पर परखेंगे। विद्यार्थी की अध्ययन प्रोग्रेस का आंकलन करना शिक्षक की प्राथमिक भूमिकाओं में से एक है। निरंतर मूल्यांकन से सुधार का होगा। विशिष्ट अतिथि रोहतक मंडल के आयुक्त पंकज यादव ने कहा कि स्किल पासबुक हरियाणा का एक अनूठा कार्यक्रम है। इसके माध्यम से छात्र का मूल्यांकन किया जा सकता है। अध्यापकों को काम करने का नवीनतम तरीका आना चाहिए व साथ ही उसका प्रस्तुतीकरण भी बेहतर होना चाहिए। इस मौके पर उपायुक्त डॉ. यश गर्ग, विद्यालय शिक्षा निदेशालय के अतिरिक्त निदेशक प्रदीप डागर, जिला शिक्षा अधिकारी परमेश्वरी हुड्डा के साथ सभी छह जिलों के शिक्षा अधिकारी व स्कूल मुखिया मौजूद रहे।
स्कूलों में हो भय मुक्त माहौल
स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के लिए भय मुक्त माहौल बनाया। इस तरह के माहौल में बच्चे ज्यादा सीखते हैं। अध्यापक को प्रोफेशनल होना चाहिए। जिससे वह विद्यार्थियों को सही से शिक्षा देकर उन्हें अच्छा नागरिक बनने की प्रेरणा दे सकें।
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प्रदेश के ढाई हजार स्कूलों में लगेगा सोलर सिस्टम, कंप्यूटर शिक्षा नहीं होगी बाधित
प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित किए, लेकिन पता लगा कि अधिकतर गांवों में समय बिजली नहीं आती, जिसके चलते कंप्यूटर वहां की लैब में बंद होकर ही रह गए हैं। इस समस्या को दूर करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने प्रदेश के लगभग ढाई हजार स्कूलों में सोलर सिस्टम लगाने का निर्णय किया है।
विद्यालयों में आयोजित हो रहा है प्रवेश उत्सव
राजकीय विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही थी, जिसे रोकने में कामयाबी मिली। अगला लक्ष्य राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का है। जिसके लिए राजकीय विद्यालय प्रवेशोत्सव मनाने जा रहे हैं। राजकीय विद्यालयों में बैग फ्री एजूकेशन का कांसेप्ट लाया गया। अगला लक्ष्य ट्रांजिशन पीरियड से गुजर रहे विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में जाने से रोकना।
शिक्षा की गुणवत्ता पर रहेगा फोकस
कुछ वर्षों से हो रहे नेशनल एसेसमेंट टेस्ट में 55 प्रतिशत विद्यार्थी ही सही जवाब दे पाते हैं। शिक्षा विभाग का यह प्रयास रहेगा कि इस टेस्ट में राजकीय विद्यालयों का प्रदर्शन सुधरे और यह बढ़कर 75 प्रतिशत से अधिक हो जाए।
मान्यता लेने के लिए आवेदन करने पर सूची से नाम हट जाएगा
शिक्षा विभाग की ओर से गैर मान्यता प्राप्त 1083 स्कूलों की सूची जारी की गई है। सूची में ऐसे स्कूल है, जिन्होंने आज तक मान्यता के लिए आवेदन तक नहीं किया है। अगर स्कूल अब भी मान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन करते हैं तो उनका नाम सूची से हट सकता है।
कैच अप कार्यक्रम में कराई जाएगी अतिरिक्त पढ़ाई
एक अप्रैल से 15 मई तक शिक्षा विभाग द्वारा कैच अप कार्यक्रम चलाया जायेगा। अगर किसी छात्र के कौशल में कोई कमी पाई जाती है तो उक्त छात्र की पिछली कक्षा के पाठ्यक्रम के आधार पर गर्मियों के अवकाश में अतिरिक्त पढ़ाई कराकर अपडेट किया जाएगा।
अप्रैल के अंत तक भेजें स्कॉलरशिप की सूची
स्कॉलरशिप व अन्य सहायता की आवश्यकता वाले छात्रों की सूची देर से भेजी जाती है। जिसकी वजह से सही समय पर योजना का लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे सभी विद्यार्थियों की सूची अप्रैल के अंत तक निदेशालय के पास भेजी जाएं।
ऑफलाइन-ऑनलाइन दोनों तरीके से जमा किए जा रहे फार्म
नियम 134 ए के तहत ऑफलाइन व ऑनलाइन आवेदन फार्म लिए जा रहे हैं। इस दाखिला प्रक्रिया में ऐसेे स्कूलों की सूची ऑनलाइन जारी की जाएगी, जिनमें विद्यार्थियों आवेदन कर सकते हैं। आमतौर पर किसी भी परीक्षा में 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी पास हो जाते हैं, परंतु इस परीक्षा में 55 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी पास माने जाएंगे। इसके साथ ही शिक्षा विभाग ही तय करेगा कि किस स्कूल में विद्यार्थी का दाखिला होगा।
पाठ पढ़ाने के साथ ही अलग-अलग तरीकों से कराया जाएगा रिवाइज
सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का तरीका बदलने वाला है। पहले हर रोज एक विषय का एक पाठ कक्षा में पढ़ा दिया जाता था। जल्द ही एक ऐसा सिस्टम प्रयोग में लाया जाएगा। जिसमें शिक्षक सप्ताह के पहले दिन पढ़ाए गए पाठ को सप्ताह के अन्य दिन अलग-अलग तरीकों से रिवाइज करवाएगा। इस शैक्षणिक सत्र से 11वीं व 12वीं में कुछ नए वोकेशनल कोर्स जोड़े गए हैं।
आचार संहिता के बाद होगी प्राचार्यों व मुखियाओं की नियुक्ति
देश में हर 35 बच्चों पर एक जेबीटी नियुक्त है, परंतु प्रदेश में पहली बार ऐसा है कि हर 25 विद्यार्थियों को एक जेबीटी पढ़ा रहा है। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद प्रदेश के विद्यालयों में प्राचार्यों व मुखियाओं की नियुक्ति की जाएगी।
कन्या स्कूल के जल्द निर्माण को लेकर एसीएस से मिली खरावड़ की पंचायत
इस कार्यक्रम के दौरान जिले के खरावड़ा गांव की पंचायत एसीएस पीके दास से मिली। उनकी मांग थी कि उनके गांव स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के नये भवन के निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करवाया जाए। सरपंच बिजेंद्र मलिक का कहना था कि स्कूल के भवन निर्माण में हो रही देरी के कारण कई छात्राओं का शिक्षा प्रभावित हो रही है। इस पर एसीएस ने पंचायत को भवन निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू करवाने का आश्वासन दिया।
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उन्होंने कहा कि स्किल पासबुक की सत्यता की पुष्टी की जाएगी, जिससे उसमें भरी गई गलत जानकारी पकड़ ली जाएगी। कार्यशाला में अध्यापकों को स्किल पासबुक भरने का डेमो भी दिया गया। अगली कक्षा में दाखिला लेने पर शिक्षक स्किल पासबुक में दी गई जानकारी को विद्यार्थी पर परखेंगे। विद्यार्थी की अध्ययन प्रोग्रेस का आंकलन करना शिक्षक की प्राथमिक भूमिकाओं में से एक है। निरंतर मूल्यांकन से सुधार का होगा। विशिष्ट अतिथि रोहतक मंडल के आयुक्त पंकज यादव ने कहा कि स्किल पासबुक हरियाणा का एक अनूठा कार्यक्रम है। इसके माध्यम से छात्र का मूल्यांकन किया जा सकता है। अध्यापकों को काम करने का नवीनतम तरीका आना चाहिए व साथ ही उसका प्रस्तुतीकरण भी बेहतर होना चाहिए। इस मौके पर उपायुक्त डॉ. यश गर्ग, विद्यालय शिक्षा निदेशालय के अतिरिक्त निदेशक प्रदीप डागर, जिला शिक्षा अधिकारी परमेश्वरी हुड्डा के साथ सभी छह जिलों के शिक्षा अधिकारी व स्कूल मुखिया मौजूद रहे।
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स्कूलों में हो भय मुक्त माहौल
स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के लिए भय मुक्त माहौल बनाया। इस तरह के माहौल में बच्चे ज्यादा सीखते हैं। अध्यापक को प्रोफेशनल होना चाहिए। जिससे वह विद्यार्थियों को सही से शिक्षा देकर उन्हें अच्छा नागरिक बनने की प्रेरणा दे सकें।
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प्रदेश के ढाई हजार स्कूलों में लगेगा सोलर सिस्टम, कंप्यूटर शिक्षा नहीं होगी बाधित
प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित किए, लेकिन पता लगा कि अधिकतर गांवों में समय बिजली नहीं आती, जिसके चलते कंप्यूटर वहां की लैब में बंद होकर ही रह गए हैं। इस समस्या को दूर करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने प्रदेश के लगभग ढाई हजार स्कूलों में सोलर सिस्टम लगाने का निर्णय किया है।
विद्यालयों में आयोजित हो रहा है प्रवेश उत्सव
राजकीय विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही थी, जिसे रोकने में कामयाबी मिली। अगला लक्ष्य राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का है। जिसके लिए राजकीय विद्यालय प्रवेशोत्सव मनाने जा रहे हैं। राजकीय विद्यालयों में बैग फ्री एजूकेशन का कांसेप्ट लाया गया। अगला लक्ष्य ट्रांजिशन पीरियड से गुजर रहे विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में जाने से रोकना।
शिक्षा की गुणवत्ता पर रहेगा फोकस
कुछ वर्षों से हो रहे नेशनल एसेसमेंट टेस्ट में 55 प्रतिशत विद्यार्थी ही सही जवाब दे पाते हैं। शिक्षा विभाग का यह प्रयास रहेगा कि इस टेस्ट में राजकीय विद्यालयों का प्रदर्शन सुधरे और यह बढ़कर 75 प्रतिशत से अधिक हो जाए।
मान्यता लेने के लिए आवेदन करने पर सूची से नाम हट जाएगा
शिक्षा विभाग की ओर से गैर मान्यता प्राप्त 1083 स्कूलों की सूची जारी की गई है। सूची में ऐसे स्कूल है, जिन्होंने आज तक मान्यता के लिए आवेदन तक नहीं किया है। अगर स्कूल अब भी मान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन करते हैं तो उनका नाम सूची से हट सकता है।
कैच अप कार्यक्रम में कराई जाएगी अतिरिक्त पढ़ाई
एक अप्रैल से 15 मई तक शिक्षा विभाग द्वारा कैच अप कार्यक्रम चलाया जायेगा। अगर किसी छात्र के कौशल में कोई कमी पाई जाती है तो उक्त छात्र की पिछली कक्षा के पाठ्यक्रम के आधार पर गर्मियों के अवकाश में अतिरिक्त पढ़ाई कराकर अपडेट किया जाएगा।
अप्रैल के अंत तक भेजें स्कॉलरशिप की सूची
स्कॉलरशिप व अन्य सहायता की आवश्यकता वाले छात्रों की सूची देर से भेजी जाती है। जिसकी वजह से सही समय पर योजना का लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे सभी विद्यार्थियों की सूची अप्रैल के अंत तक निदेशालय के पास भेजी जाएं।
ऑफलाइन-ऑनलाइन दोनों तरीके से जमा किए जा रहे फार्म
नियम 134 ए के तहत ऑफलाइन व ऑनलाइन आवेदन फार्म लिए जा रहे हैं। इस दाखिला प्रक्रिया में ऐसेे स्कूलों की सूची ऑनलाइन जारी की जाएगी, जिनमें विद्यार्थियों आवेदन कर सकते हैं। आमतौर पर किसी भी परीक्षा में 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी पास हो जाते हैं, परंतु इस परीक्षा में 55 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी पास माने जाएंगे। इसके साथ ही शिक्षा विभाग ही तय करेगा कि किस स्कूल में विद्यार्थी का दाखिला होगा।
पाठ पढ़ाने के साथ ही अलग-अलग तरीकों से कराया जाएगा रिवाइज
सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का तरीका बदलने वाला है। पहले हर रोज एक विषय का एक पाठ कक्षा में पढ़ा दिया जाता था। जल्द ही एक ऐसा सिस्टम प्रयोग में लाया जाएगा। जिसमें शिक्षक सप्ताह के पहले दिन पढ़ाए गए पाठ को सप्ताह के अन्य दिन अलग-अलग तरीकों से रिवाइज करवाएगा। इस शैक्षणिक सत्र से 11वीं व 12वीं में कुछ नए वोकेशनल कोर्स जोड़े गए हैं।
आचार संहिता के बाद होगी प्राचार्यों व मुखियाओं की नियुक्ति
देश में हर 35 बच्चों पर एक जेबीटी नियुक्त है, परंतु प्रदेश में पहली बार ऐसा है कि हर 25 विद्यार्थियों को एक जेबीटी पढ़ा रहा है। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद प्रदेश के विद्यालयों में प्राचार्यों व मुखियाओं की नियुक्ति की जाएगी।
कन्या स्कूल के जल्द निर्माण को लेकर एसीएस से मिली खरावड़ की पंचायत
इस कार्यक्रम के दौरान जिले के खरावड़ा गांव की पंचायत एसीएस पीके दास से मिली। उनकी मांग थी कि उनके गांव स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के नये भवन के निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करवाया जाए। सरपंच बिजेंद्र मलिक का कहना था कि स्कूल के भवन निर्माण में हो रही देरी के कारण कई छात्राओं का शिक्षा प्रभावित हो रही है। इस पर एसीएस ने पंचायत को भवन निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू करवाने का आश्वासन दिया।