फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   आत्महत्या-फाइल नंबर-दो

आत्महत्या-फाइल नंबर-दो

Thu, 13 Dec 2018 02:23 AM IST
Updated Thu, 13 Dec 2018 02:23 AM IST
विज्ञापन
आत्महत्या-फाइल नंबर-दो
आत्महत्या फाइल नंबर-दो
विज्ञापन

सल्फास खाने से 35 मिनट पहले स्टोर इंचार्ज ने बेटे को कॉल कर दी थी आत्महत्या करने की जानकारी
-बोला-बेटा मैं दोनों सुपरवाइजर से परेशान होकर आत्महत्या कर रहा हूं, बेटे ने परिजनों को सूचना दी
-परिजनों ने अस्पताल के कर्मचारी को जानकारी दी
-कर्मचारी जब तक पहुंचते तब तक सल्फास का सेवन कर चुका था स्टोर इंचार्ज
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। हैलो अशोक बेटा मैं तेरा पापा बोल रहा हूं। हॉस्टल के सुपरवाइजर मुझ पर झूठा गबन और चोरी का आरोप लगा रहे हैं। जिससे मैं पूरी तरह से परेशान हूं। आज तो चोरी का आरोप लगाते हुए मेरी अलमारी की भी तलाशी ली गई। परेशान होकर मैं आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी आवाज की रिकार्डिंग भी कर लो। ताकि पुलिस को सुपरवाइजरों के बारे में जानकारी दे सको। उक्त बातें सल्फास खाने से 35 मिनट पहले स्टोर इंचार्ज ने कॉल कर अपने बड़े बेटे अशोक से कहीं थी। वह फिलहाल दिल्ली में नौकरी कर रहा है।
रविंद्र के भाई अजमेर ने बताया कि करीब 9 बजकर 25 मिनट पर उसने भी रविंद्र से मोबाइल पर बात की थी। रविंद्र से गुरुग्राम रिश्तेदारी में चलने को कहा था पर उसने जरूरी काम होने की बात कहते हुए जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद 9 बजकर 35 मिनट पर रविंद्र ने बड़े बेटे दिल्ली में सीए अशोक के पास कॉल की थी तथा दोनों सुपरवाइजरों द्वारा परेशान करने का आरोप लगाया था। करीब दो मिनट तक बेटे से बात की थी। इसी बीच अशोक ने घर पर कॉल कर पिता द्वारा आत्महत्या की बात करने की जानकारी दी। जिस पर परिजनों ने हॉस्टल के कर्मचारी रोशन को मामले की जानकारी दी। रोशन ने रविंद्र को उसके कमरे और अन्य स्थानों पर तलाश किया पर उसका कोई पता नहीं लग सका। बाद में स्टोर में ही रविंद्र सल्फास खाने के बाद पड़ा मिला। उसने दीवार पर भी सुपरवाइजरों के बारे में लिखा देखा।
विज्ञापन

----
पिता पहले बताते तो नौकरी ही नहीं करने देते
पिता की मौत के बाद उसके बेटे का रो-रोकर बुरा हाल था। बेटे ने बताया कि पूर्व में पिता ने परिवार के किसी भी सदस्य को सुपरवाइजरों की वजह से परेशान रहने के बारे में नहीं बताया था। वरना उन्हें नौक री ही नहीं करने देते।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed