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करोड़ों खर्च करने के बाद भी लाइनलोस नहीं हो रहा कम
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:44 AM IST
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करोड़ों खर्च करने के बाद भी लाइनलोस नहीं हो रहा कम
महेंद्रगढ़। प्रदेश सरकार द्वारा करोड़ों खर्च करने के बाद भी जिले में लाइनलोस कम नहीं हुआ है। लाइन लोस कम करने के लिए सरकार ने दो वर्ष पूर्व ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना का उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लाइनलोस कम कर उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक बिजली देना था। किंतु यह योजना सही ढंग से क्रियान्वित नहीं हो पा रही है। जिन गांवों में जगमग योजना के तहत काम हो चुका है उनमें लगभग 60 प्रतिशत लाइनलोस चल रहा है। महेंद्रगढ़ बिजली निगम के राधा फीडर पर जगमग योजना का 100 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है लेकिन यहां पर लगभग 68 प्रतिशत लाइनलोस चल रहा है। इसके अलावा मांडोला फीडर में लाइनलोस 55 प्रतिशत है। इसके अलावा बेरी फीडर में 41 प्रतिशत लाइनलोस है।
तीसरे फेज के कार्यों के लिए टेंडर जारी
महेंद्रगढ़ निगम की ओर से क्षेत्र में जगमग गांव योजना पर करोड़ रुपये लगाए जा रहे हैं। जगमग योजना के दो फेज पर कार्य हो चुका है जबकि तीसरे फेज के कार्यों का टेंडर किया जा चुका है। चौथे फेज के लिए लगभग 21 करोड़ रुपये का एस्टिमेट बनाकर भेजा जा चुका है। शुरुआत में जगमग योजना का बहुत से स्थानों पर विरोध भी हुआ था। लगभग तीन माह पूर्व सतनाली में इस योजना का विरोध हुआ और बिजली निगम ने क्षेत्र को मात्र 8 घंटे बिजली देनी शुरू कर दी थी।
लगभग 60 प्रतिशत है लाइनलोस
बिजली निगम ने प्रथम चरण में मांडोला फीड पर काम शुरू किया था जिसका 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में बेरी, भगडाना एवं राधा फीडर पर काम शुरू किया गया था। बेरी में 80 प्रतिशत तथा राधा फीडर में 100 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है जबकि गांव भगडाना में अभी यह काम अधूरा है। जून में पॉवर हाउस महेंद्रगढ़ से मांडोला फीडर में 2.86 लाख यूनिट भेजी गई थी जबकि सोल्ड यूनिट 1 लाख 27 हजार के लगभग मापी गई है। बेरी फीडर में 6 लाख 21 हजार यूनिट भेजी जाती है जबकि सोल्ड यूनिट 3 लाख 64 हजार मापी गई है। महेंद्रगढ़ पावर हाउस से राधा को 1 लाख 73 हजार यूनिट बिजली सप्लाई होती है जबकि सोल्ड यूनिट लगभग 50 हजार दिखाई गई है।
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पिछली योजनाएं भी रहीं फेल
आपको बता दें कि लाइनलोस कम करने के लिए हर सरकार नयी-नयी योजना लागू करती है। हुड्डा सरकार ने अपने पहले कार्यालय में काले मीटरों के स्थान पर कम्प्यूटराइज मीटर घरों के बाहर लगावाए थे। इस योजना के तहत भी कई जिले ऐसे थे जहां काले मीटरों को उखाड़ा नहीं गया। हुड्डा सरकार ने अपनी दूसरी योजना में पिल्लर बाक्स सिस्टम शुरू किया था। इस योजना पर भी हुड्डा सरकार ने अरबों रुपये खर्च कर दिए थे किंतु यह योजना भी सिरे नहीं चढ़ पाई। अब खट्टर सरकार ने 2015 में म्हारा गांव जगमग गांव योजना शुरू की थी। यह योजना भी सिरे नहीं चढ़ पा रही है।
पहले मांडोला गांव में लाइनलोस 80 प्रतिशत था जगमग योजना शुरू होने से 52 प्रतिशत रह गया है। अभी एक गांव में काम शेष है। जगमग योजना से निश्चित रूप से लाइनलोस कम हुआ है। -एसडीओ विजयपाल बिजली निगम महेंद्रगढ़
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महेंद्रगढ़। प्रदेश सरकार द्वारा करोड़ों खर्च करने के बाद भी जिले में लाइनलोस कम नहीं हुआ है। लाइन लोस कम करने के लिए सरकार ने दो वर्ष पूर्व ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना का उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लाइनलोस कम कर उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक बिजली देना था। किंतु यह योजना सही ढंग से क्रियान्वित नहीं हो पा रही है। जिन गांवों में जगमग योजना के तहत काम हो चुका है उनमें लगभग 60 प्रतिशत लाइनलोस चल रहा है। महेंद्रगढ़ बिजली निगम के राधा फीडर पर जगमग योजना का 100 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है लेकिन यहां पर लगभग 68 प्रतिशत लाइनलोस चल रहा है। इसके अलावा मांडोला फीडर में लाइनलोस 55 प्रतिशत है। इसके अलावा बेरी फीडर में 41 प्रतिशत लाइनलोस है।
तीसरे फेज के कार्यों के लिए टेंडर जारी
महेंद्रगढ़ निगम की ओर से क्षेत्र में जगमग गांव योजना पर करोड़ रुपये लगाए जा रहे हैं। जगमग योजना के दो फेज पर कार्य हो चुका है जबकि तीसरे फेज के कार्यों का टेंडर किया जा चुका है। चौथे फेज के लिए लगभग 21 करोड़ रुपये का एस्टिमेट बनाकर भेजा जा चुका है। शुरुआत में जगमग योजना का बहुत से स्थानों पर विरोध भी हुआ था। लगभग तीन माह पूर्व सतनाली में इस योजना का विरोध हुआ और बिजली निगम ने क्षेत्र को मात्र 8 घंटे बिजली देनी शुरू कर दी थी।
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लगभग 60 प्रतिशत है लाइनलोस
बिजली निगम ने प्रथम चरण में मांडोला फीड पर काम शुरू किया था जिसका 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में बेरी, भगडाना एवं राधा फीडर पर काम शुरू किया गया था। बेरी में 80 प्रतिशत तथा राधा फीडर में 100 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है जबकि गांव भगडाना में अभी यह काम अधूरा है। जून में पॉवर हाउस महेंद्रगढ़ से मांडोला फीडर में 2.86 लाख यूनिट भेजी गई थी जबकि सोल्ड यूनिट 1 लाख 27 हजार के लगभग मापी गई है। बेरी फीडर में 6 लाख 21 हजार यूनिट भेजी जाती है जबकि सोल्ड यूनिट 3 लाख 64 हजार मापी गई है। महेंद्रगढ़ पावर हाउस से राधा को 1 लाख 73 हजार यूनिट बिजली सप्लाई होती है जबकि सोल्ड यूनिट लगभग 50 हजार दिखाई गई है।
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पिछली योजनाएं भी रहीं फेल
आपको बता दें कि लाइनलोस कम करने के लिए हर सरकार नयी-नयी योजना लागू करती है। हुड्डा सरकार ने अपने पहले कार्यालय में काले मीटरों के स्थान पर कम्प्यूटराइज मीटर घरों के बाहर लगावाए थे। इस योजना के तहत भी कई जिले ऐसे थे जहां काले मीटरों को उखाड़ा नहीं गया। हुड्डा सरकार ने अपनी दूसरी योजना में पिल्लर बाक्स सिस्टम शुरू किया था। इस योजना पर भी हुड्डा सरकार ने अरबों रुपये खर्च कर दिए थे किंतु यह योजना भी सिरे नहीं चढ़ पाई। अब खट्टर सरकार ने 2015 में म्हारा गांव जगमग गांव योजना शुरू की थी। यह योजना भी सिरे नहीं चढ़ पा रही है।
पहले मांडोला गांव में लाइनलोस 80 प्रतिशत था जगमग योजना शुरू होने से 52 प्रतिशत रह गया है। अभी एक गांव में काम शेष है। जगमग योजना से निश्चित रूप से लाइनलोस कम हुआ है। -एसडीओ विजयपाल बिजली निगम महेंद्रगढ़