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Updated Tue, 27 Jun 2017 12:47 AM IST
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विस्फोटक सामग्री पास आते ही सायरन बजाएगा अवनीत का रोबोट
देवेंद्र यादव
नारनौल।
बस, ट्रेन या सार्वजनिक स्थानों पर यदि कोई आतंकवादी विस्फोटक सामग्री रखे और तुरंत सायरन बज जाए तो कई लोगों की जान बच सकती है। ऐसा हो सकता है एक उपकरण से। महेंद्रगढ़ जिले के गांव दोंगली निवासी 11वीं कक्षा के छात्र अवनीत का दावा है कि उसने एक ऐसा माइन डिटेक्टर रोबोट का परीक्षण किया है, जो विस्फोटक सामग्री के नजदीक आते ही सायरन बजाना शुरू कर देगा। इस रोबोट के निर्माण पर करीब छह हजार रुपये का खर्च आया है। अब यह उपकरण 1500 रुपये में तैयार किया जा सकता है। इससे पहले अवनीत कीटनाशक का छिड़काव करने के लिए सोलर उपकरण का आविष्कार करके अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुका है।
अवनत के पिता अमर सिंह की आर्थिक स्थिति बहुत बेहतर नहीं है। भूजल के अभाव में खेतीबाड़ी का काम ठप हो गया तो उन्होंने अवनीत का दाखिला सीनियर सेकेंडरी स्कूल कमानियां में करवा दिया। प्रतिभा सुविधा संपन्न संस्थान की मोहताज नहीं होती, इसे अवनीत ने साबित कर दिखाया है। खिलौने देखकर कुछ बनाने की ललक पैदा हुई तो सोलर उपकरण के बाद माइन डिटेक्टर रोबोट बना डाला। शुरूआत में उसने बैटरी से चलने वाला कार का मॉडल बनाया था। इसे देखकर उसके साइंस टीचर संगीत कुमार हैरान रह गए थे। उन्होंने अवनीत से बड़े मॉडल बनाने की प्रेरणा दी। इसके बाद अवनीत में मॉडल निर्माण का जनून पैदा हो गया। पिछले महीने सोलर उपकरण बनाकर प्रदेश स्तर पर छाप छोड़ी थी। शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा और अन्य अधिकारियों ने प्रशंसा पत्र देकर उसका हौसला बढ़ाया था।
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सरकार से नहीं मिल रही मदद
अवनीत ने बताया कि टीचर संगीत कुमार से मॉडल बनाने की प्रेरणा मिली है। ड्रोन रोबोट और सोलर कार बनाने का इरादा है, लेकिन आर्थिक तंगी बाधा बनी हुई है। सरकार से मदद मिलने पर देश की सुरक्षा संबंधित कई उपकरणों का आविष्कार कर सकता हूं।
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जापान के साइंस टेक्नालाजी स्पर्धा में शामिल होने का निमंत्रण
अवनीत ने बताया कि जापान के साइंस टेक्नालाजी स्पर्धा में शामिल होने का निमंत्रण मिला था। लेकिन आयु छोटी होने के कारण प्रोग्राम रद्द हो गया। अब अगले साल की स्पर्धा में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। अवनीत की इच्छा देश की सुरक्षा में सकारात्मक सहयोग देने की है।
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जमीन बेचनी पड़ी तो बेचूंगा : पिता
पिता सुधीर सिंह ने बताया कि अवनीत को साइंस उपकरण बनाने की ललक है। उसकी प्रतिभा का उपयोग करने के लिए पूरा सहयोग दे रहा हूं। विभिन्न उपकरणों के आविष्कारों में धन की कमी आड़े नहीं आने दूंगा। इसके लिए यदि जमीन भी बेचनी पड़ी तो बेच दूंगा।
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देवेंद्र यादव
नारनौल।
बस, ट्रेन या सार्वजनिक स्थानों पर यदि कोई आतंकवादी विस्फोटक सामग्री रखे और तुरंत सायरन बज जाए तो कई लोगों की जान बच सकती है। ऐसा हो सकता है एक उपकरण से। महेंद्रगढ़ जिले के गांव दोंगली निवासी 11वीं कक्षा के छात्र अवनीत का दावा है कि उसने एक ऐसा माइन डिटेक्टर रोबोट का परीक्षण किया है, जो विस्फोटक सामग्री के नजदीक आते ही सायरन बजाना शुरू कर देगा। इस रोबोट के निर्माण पर करीब छह हजार रुपये का खर्च आया है। अब यह उपकरण 1500 रुपये में तैयार किया जा सकता है। इससे पहले अवनीत कीटनाशक का छिड़काव करने के लिए सोलर उपकरण का आविष्कार करके अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुका है।
अवनत के पिता अमर सिंह की आर्थिक स्थिति बहुत बेहतर नहीं है। भूजल के अभाव में खेतीबाड़ी का काम ठप हो गया तो उन्होंने अवनीत का दाखिला सीनियर सेकेंडरी स्कूल कमानियां में करवा दिया। प्रतिभा सुविधा संपन्न संस्थान की मोहताज नहीं होती, इसे अवनीत ने साबित कर दिखाया है। खिलौने देखकर कुछ बनाने की ललक पैदा हुई तो सोलर उपकरण के बाद माइन डिटेक्टर रोबोट बना डाला। शुरूआत में उसने बैटरी से चलने वाला कार का मॉडल बनाया था। इसे देखकर उसके साइंस टीचर संगीत कुमार हैरान रह गए थे। उन्होंने अवनीत से बड़े मॉडल बनाने की प्रेरणा दी। इसके बाद अवनीत में मॉडल निर्माण का जनून पैदा हो गया। पिछले महीने सोलर उपकरण बनाकर प्रदेश स्तर पर छाप छोड़ी थी। शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा और अन्य अधिकारियों ने प्रशंसा पत्र देकर उसका हौसला बढ़ाया था।
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सरकार से नहीं मिल रही मदद
अवनीत ने बताया कि टीचर संगीत कुमार से मॉडल बनाने की प्रेरणा मिली है। ड्रोन रोबोट और सोलर कार बनाने का इरादा है, लेकिन आर्थिक तंगी बाधा बनी हुई है। सरकार से मदद मिलने पर देश की सुरक्षा संबंधित कई उपकरणों का आविष्कार कर सकता हूं।
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जापान के साइंस टेक्नालाजी स्पर्धा में शामिल होने का निमंत्रण
अवनीत ने बताया कि जापान के साइंस टेक्नालाजी स्पर्धा में शामिल होने का निमंत्रण मिला था। लेकिन आयु छोटी होने के कारण प्रोग्राम रद्द हो गया। अब अगले साल की स्पर्धा में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। अवनीत की इच्छा देश की सुरक्षा में सकारात्मक सहयोग देने की है।
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जमीन बेचनी पड़ी तो बेचूंगा : पिता
पिता सुधीर सिंह ने बताया कि अवनीत को साइंस उपकरण बनाने की ललक है। उसकी प्रतिभा का उपयोग करने के लिए पूरा सहयोग दे रहा हूं। विभिन्न उपकरणों के आविष्कारों में धन की कमी आड़े नहीं आने दूंगा। इसके लिए यदि जमीन भी बेचनी पड़ी तो बेच दूंगा।