{"_id":"6a91ef1dcf9b42f18209820d","slug":"sisters-sweat-drenched-journey-amidst-the-crowd-rohtak-news-c-200-1-bgh1002-126646-2026-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: भीड़ में पसीने से तर हुआ बहनों का सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: भीड़ में पसीने से तर हुआ बहनों का सफर
विज्ञापन
फोटो 81: बहादुरगढ़ के पुराने बस स्टैंड पर बसों का इंतजार करती महिलाएं। संवाद
- फोटो : Samvad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहादुरगढ़। रक्षाबंधन पर रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भीड़ उमड़ी। बहनों को गर्मी और भीड़ के बीच पसीने से तर होकर सफर करना पड़ा। रेलवे स्टेशनों पर भीड़ रही। बसों में अधिक भीड़ होने के कारण कई यात्रियों ने मेट्रो से सफर पूरा किया।
शहर की नई बस्ती निवासी पिंकी, ईशा, राखी, कृष्णा और सैनीपुरा कॉलोनी निवासी शीला देवी, प्रमिला, कमलेश, संगीता व मोनिका ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं के लिए हरियाणा सरकार की ओर से 27 अगस्त दोपहर 12 बजे से 28 अगस्त रात 12 बजे तक निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई थी। हालांकि, बहादुरगढ़ क्षेत्र में कई रूटों पर काफी देर तक बसें नहीं मिलने के कारण महिलाएं इस सुविधा का अपेक्षित लाभ नहीं उठा सकीं।
मजबूरी में महिलाओं, बच्चों और अन्य यात्रियों को दूसरे साधनों से सफर करना पड़ा। पुराने बस स्टैंड के पास अधिक भीड़ होने और बसों में सीटें नहीं मिलने के कारण कई महिलाओं व अन्य यात्रियों ने ऑटो और ई-रिक्शा से नए बस स्टैंड तक पहुंचकर वहां से बस पकड़ी। इसके लिए उन्हें प्रति सवारी 15 से 20 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े।
विज्ञापन
महिलाओं ने कहा कि शहर से दूर नया बस स्टैंड तो बना दिया गया, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए परिवहन विभाग को पर्याप्त संख्या में सिटी बसों की सुविधा उपलब्ध करवानी चाहिए, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।
विज्ञापन
शहर की नई बस्ती निवासी पिंकी, ईशा, राखी, कृष्णा और सैनीपुरा कॉलोनी निवासी शीला देवी, प्रमिला, कमलेश, संगीता व मोनिका ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं के लिए हरियाणा सरकार की ओर से 27 अगस्त दोपहर 12 बजे से 28 अगस्त रात 12 बजे तक निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई थी। हालांकि, बहादुरगढ़ क्षेत्र में कई रूटों पर काफी देर तक बसें नहीं मिलने के कारण महिलाएं इस सुविधा का अपेक्षित लाभ नहीं उठा सकीं।
विज्ञापन
मजबूरी में महिलाओं, बच्चों और अन्य यात्रियों को दूसरे साधनों से सफर करना पड़ा। पुराने बस स्टैंड के पास अधिक भीड़ होने और बसों में सीटें नहीं मिलने के कारण कई महिलाओं व अन्य यात्रियों ने ऑटो और ई-रिक्शा से नए बस स्टैंड तक पहुंचकर वहां से बस पकड़ी। इसके लिए उन्हें प्रति सवारी 15 से 20 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े।
विज्ञापन
महिलाओं ने कहा कि शहर से दूर नया बस स्टैंड तो बना दिया गया, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए परिवहन विभाग को पर्याप्त संख्या में सिटी बसों की सुविधा उपलब्ध करवानी चाहिए, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।

फोटो 81: बहादुरगढ़ के पुराने बस स्टैंड पर बसों का इंतजार करती महिलाएं। संवाद- फोटो : Samvad