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हिहि
Updated Fri, 23 Jun 2017 01:12 AM IST
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बिजली का खंभा तोड़ मिठाई की दुकान में घुसा डंपर
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर से निकलने वाले पत्थरों से लदे सैकड़ों की संख्या में डंपर शहरवासियों के लिए यमदूत बन चुके हैं। शाम ढलते ही शहर की सड़कों पर अनियंत्रित होकर चलने वाले डंपर दीवार तोड़कर घरों और दुकानों में घुस रहे हैं। वीरवार अल सुबह दो बजे रोडवेज बस स्टैंड के पास एक डंपर मिठाई की दुकान में घुस गया। शहर के बीच में वाहन की स्पीड इतनी ज्यादा थी कि डंपर बिजली का खंभा तोड़कर दुकान में जा घुसा। खंभा टूटने से आसपास के क्षेत्र में करीब 18 घंटे बिजली बाधित रही। टूटे खंभे को बदलने के लिए पुलिस को घंटों तक यातायात का रूट बदलना पड़ा। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले भी एक डंपर पास में ही रोडवेज कार्यशाला की दीवार तोड़कर चौकीदार के कमरे में घुस गया था। गनीमत यह रही कि उस समय कमरे में कोई कर्मचारी नहीं सो रहा था। अमूमन यहां पर चार से पांच कर्मचारी चौबीस घंटे तैनात रहते हैं। इधर पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर फरार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
तीन महीने पहले भी घर में घुस चुका है डंपर
यह पहली या दूसरी घटना नहीं है। जब डंपर दीवार तोड़कर दुकान या घर में घुसा हो। करीब तीन महीने पहले भी एक डंपर नाई वाली चौक पर एक घर की दीवार तोड़कर घर में घुस गया था। घटना के समय पर पूरा परिवार घर के अंदर सो रहा था। परिवार के लोग दूसरे कमरे में होने के कारण बड़ा हादसा होने से टल गया था। वहीं बीते अक्तूबर माह में ही रोडवेज बस स्टैंड पर रात करीब 11 बजे एक डंपर का एक्सल टूटने से बड़ा हादसा होते होते बच गया। जिस तरह से अब आए दिन शहर के बीच से गुजरने वाले डंपरों से दुर्घटनाएं हो रही हैं, लोगों में रोष बढ़ने लगा है। यदि समय रहते प्रशासन ने इसकी सुध नहीं ली तो कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
राजनीतिक प्रभाव के चलते बच जाते हैं कार्रवाई से
शाम ढलते ही शहर के नाई वाली चौक हो या फिर बस स्टैंड कहीं पर भी पुलिस वाला दिखाई नहीं देता है। ऐसे में डंपर चालक बेखौफ होकर वाहनों को शहर के बीच से लेकर जाते हैं। इतना ही नहीं पुलिस की इक्का-दुक्का कार्रवाई को छोड़ दिया जाए तो डंपर चालकों पर कार्रवाई नहीं होती है। इसका बड़ा कारण डंपर मालिकों की पहुंच सरकार में होना है। उल्लेखनीय है कि अधिकतर डंपरों के मालिक नेता ही हैं।
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यह पहली बार नहीं है। जब कोई डंपर दीवार तोड़कर दुकान के अंदर घुसा हो। शाम ढलते ही डंपर यमदूत बन सड़कों से होकर निकलते हैं। स्पीड इतनी ज्यादा रहती है कि काई भी आगे आ जाए तो ब्रेक लगाने के बावजूद भी डंपर नहीं रूकेगा। डंपर चालकों में पुलिस का भय नहीं है। - मनोज कुमार, दुकानदार
रात के समय सड़क से पुलिस कर्मी नदारद रहते हैं। दिन के समय आम आदमी को रोककर उनके चालान काटकर पुलिस अपनी पीठ थपथपाती है। लेकिन ऊपर तक पहुंच रखने वाले डंपर मालिकों और चालकों के खिलाफ कार्रवाई से कतराती है। चालकों के मन में कोई खौफ नहीं होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। -राजेश कौशिक, शहरवासी
वीरवार को बस स्टैंड पर डंपर द्वारा बिजली का खंभा तोड़ने कारण यातायात बंद कर दिया गया। इससे हमें बस स्टैंड पर बस के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घंटों इंतजार के बावजूद भी यहां पर कोई बस नहीं आई। डंपर चालकों के खिलाफ ठीक से कार्रवाई की जाए तो हालात सुधर सकते हैं। - कमल, छात्र
बिजली का खंभा टूटने के कारण शाम तक बिजली नहीं आई। जिसके चलते पूरे दिन भारी समस्या का सामना करना पड़ा। सात बजते ही दुकान के सामने से डंपर गुजरने लगते हैं। डंपरों के डर से शाम को दुकानें भी जल्द बंद करनी पड़ रही हैं। न जाने कब डंपर हमारी दुकान में घुस जाए। बस स्टैंड पर शाम के समय पुलिस वाले भी नहीं दिखाई देते। जिसके चलते चालकों के मन में कोई खौफ नहीं रहता है। इस कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। - अंकित गुप्ता, दुकानदार बस स्टैंड
खंभा बदलने में समय लगा। डंपर की टक्कर से खंभा पूरी तरह से टूट गया था। वहीं लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसे ठीक किया है। शीघ्र ही बिजली सुचारु कर दी जाएगी। - सत्यवीर यादव, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम, रेवाड़ी
डंपर को कब्जे में लेकर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। मामला की जांच जारी है। शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी। कर्मवीर खटाणा, एसएचओ, सिटी थाना
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर से निकलने वाले पत्थरों से लदे सैकड़ों की संख्या में डंपर शहरवासियों के लिए यमदूत बन चुके हैं। शाम ढलते ही शहर की सड़कों पर अनियंत्रित होकर चलने वाले डंपर दीवार तोड़कर घरों और दुकानों में घुस रहे हैं। वीरवार अल सुबह दो बजे रोडवेज बस स्टैंड के पास एक डंपर मिठाई की दुकान में घुस गया। शहर के बीच में वाहन की स्पीड इतनी ज्यादा थी कि डंपर बिजली का खंभा तोड़कर दुकान में जा घुसा। खंभा टूटने से आसपास के क्षेत्र में करीब 18 घंटे बिजली बाधित रही। टूटे खंभे को बदलने के लिए पुलिस को घंटों तक यातायात का रूट बदलना पड़ा। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले भी एक डंपर पास में ही रोडवेज कार्यशाला की दीवार तोड़कर चौकीदार के कमरे में घुस गया था। गनीमत यह रही कि उस समय कमरे में कोई कर्मचारी नहीं सो रहा था। अमूमन यहां पर चार से पांच कर्मचारी चौबीस घंटे तैनात रहते हैं। इधर पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर फरार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
तीन महीने पहले भी घर में घुस चुका है डंपर
यह पहली या दूसरी घटना नहीं है। जब डंपर दीवार तोड़कर दुकान या घर में घुसा हो। करीब तीन महीने पहले भी एक डंपर नाई वाली चौक पर एक घर की दीवार तोड़कर घर में घुस गया था। घटना के समय पर पूरा परिवार घर के अंदर सो रहा था। परिवार के लोग दूसरे कमरे में होने के कारण बड़ा हादसा होने से टल गया था। वहीं बीते अक्तूबर माह में ही रोडवेज बस स्टैंड पर रात करीब 11 बजे एक डंपर का एक्सल टूटने से बड़ा हादसा होते होते बच गया। जिस तरह से अब आए दिन शहर के बीच से गुजरने वाले डंपरों से दुर्घटनाएं हो रही हैं, लोगों में रोष बढ़ने लगा है। यदि समय रहते प्रशासन ने इसकी सुध नहीं ली तो कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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राजनीतिक प्रभाव के चलते बच जाते हैं कार्रवाई से
शाम ढलते ही शहर के नाई वाली चौक हो या फिर बस स्टैंड कहीं पर भी पुलिस वाला दिखाई नहीं देता है। ऐसे में डंपर चालक बेखौफ होकर वाहनों को शहर के बीच से लेकर जाते हैं। इतना ही नहीं पुलिस की इक्का-दुक्का कार्रवाई को छोड़ दिया जाए तो डंपर चालकों पर कार्रवाई नहीं होती है। इसका बड़ा कारण डंपर मालिकों की पहुंच सरकार में होना है। उल्लेखनीय है कि अधिकतर डंपरों के मालिक नेता ही हैं।
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यह पहली बार नहीं है। जब कोई डंपर दीवार तोड़कर दुकान के अंदर घुसा हो। शाम ढलते ही डंपर यमदूत बन सड़कों से होकर निकलते हैं। स्पीड इतनी ज्यादा रहती है कि काई भी आगे आ जाए तो ब्रेक लगाने के बावजूद भी डंपर नहीं रूकेगा। डंपर चालकों में पुलिस का भय नहीं है। - मनोज कुमार, दुकानदार
रात के समय सड़क से पुलिस कर्मी नदारद रहते हैं। दिन के समय आम आदमी को रोककर उनके चालान काटकर पुलिस अपनी पीठ थपथपाती है। लेकिन ऊपर तक पहुंच रखने वाले डंपर मालिकों और चालकों के खिलाफ कार्रवाई से कतराती है। चालकों के मन में कोई खौफ नहीं होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। -राजेश कौशिक, शहरवासी
वीरवार को बस स्टैंड पर डंपर द्वारा बिजली का खंभा तोड़ने कारण यातायात बंद कर दिया गया। इससे हमें बस स्टैंड पर बस के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घंटों इंतजार के बावजूद भी यहां पर कोई बस नहीं आई। डंपर चालकों के खिलाफ ठीक से कार्रवाई की जाए तो हालात सुधर सकते हैं। - कमल, छात्र
बिजली का खंभा टूटने के कारण शाम तक बिजली नहीं आई। जिसके चलते पूरे दिन भारी समस्या का सामना करना पड़ा। सात बजते ही दुकान के सामने से डंपर गुजरने लगते हैं। डंपरों के डर से शाम को दुकानें भी जल्द बंद करनी पड़ रही हैं। न जाने कब डंपर हमारी दुकान में घुस जाए। बस स्टैंड पर शाम के समय पुलिस वाले भी नहीं दिखाई देते। जिसके चलते चालकों के मन में कोई खौफ नहीं रहता है। इस कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। - अंकित गुप्ता, दुकानदार बस स्टैंड
खंभा बदलने में समय लगा। डंपर की टक्कर से खंभा पूरी तरह से टूट गया था। वहीं लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसे ठीक किया है। शीघ्र ही बिजली सुचारु कर दी जाएगी। - सत्यवीर यादव, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम, रेवाड़ी
डंपर को कब्जे में लेकर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। मामला की जांच जारी है। शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी। कर्मवीर खटाणा, एसएचओ, सिटी थाना