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Rohtak News: ठेका कर्मचारियों के एचकेआरएन में जाने से हर साल बचेंगे 41.41 लाख रुपये

Mon, 26 May 2025 03:56 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 26 May 2025 03:56 AM IST
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41.41 lakh rupees will be saved every year by contract employees going to HKRN
रोहतक।
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स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस) में कर्मचारियों के वेतन घोटाले में नया खुलासा हुआ है।
विवि प्रशासन ने माना है कि ठेकेदार से कर्मचारियों के एचकेआरएन (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) में पोर्ट होने पर विवि को हर माह तीन लाख 45 हजार 128 रुपये बचेंगे। यह राशि हर वर्ष 41.41 लाख रुपये बनती है। इस संबंध में डायरेक्टर डीएमईआर (मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट हरियाणा) को पत्र भेजा गया है।
एचकेआरएन को यूएचएस की ओर से भेजे गए जवाब में एचकेआरएन पोर्टल ओपन करने की अपील की गई है। पत्र में संस्थान में ठेके के तहत काम रहे 1271 कर्मचारियों को वेतन के लिए हर माह तीन करोड़ 19 लाख 58 हजार 211 रुपये दिए जा रहे हैं।
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इसमें 962 बैरर के लिए दो करोड़ 32 लाख 92 हजार 717 रुपये, 55 डाटा एंट्री ऑपरेटर के 16 लाख 12 हजार 872 रुपये व 254 मिसलीनियर कर्मचारियों के लिए 70 लाख 52 हजार 622 रुपये शामिल हैं, जबकि इन कर्मचारियों के एचकेआरएन में शामिल होने पर विवि को हर माह तीन करोड़ 16 लाख, 13 हजार 83 रुपये ही देने होंगे।
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विवि को हर माह तीन लाख 45 हजार 128 रुपये बचेंगे। यह राशि 41.41 लाख रुपये सालाना बनती है। ऐसे में इन कर्मचारियों के लिए किसी तरह के अतिरिक्त बजट की भी आवश्यकता नहीं होगी। संस्थान की लेखा शाखा ने खर्च संबंधी इस जानकारी की जांच की है।
उन्हें ठेकेदार को कर्मचारियों की विभिन्न सेवाओं के लिए हर माह तीन करोड़ 19 लाख 58 हजार 211 रुपये का भुगतान करना पड़ता है। इन कर्मचारियों के एचकेआरएन (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) में जाने के बाद तीन करोड़ 16 लाख 13 हजार 83 रुपये खर्च देना होगा।

सीवीओ कर रहे है मामले की जांच
संस्थान में कर्मचारियों के वेतन घोटाले का मामला सीवीओ (चीफ विजिलेंस ऑफिसर) के पास है। सीवीओ डॉ. कुंदन मित्तल मामले की जांच कर रहे हैं। उनका कहना है कर्मचारियों ने शिकायत दी है। उनसे मिले दस्तावेजों की जांच की जा रही है। ठेकेदार से भी बात की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।


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ठेके के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को एचकेआरएन में लिया जाना चाहिए। इस बारे में विवि ने डीएमईआर को एचकेआरएन पोर्टल खोलने की अपील की है। इससे विवि को भी 3.45 लाख रुपये मासिक वित्तीय लाभ होगा।
डॉ. एचके अग्रवाल, कुलपति, यूएचएस।
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