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Rohtak News: 56 में 37 प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट मिले
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मनोज कुमार रोहतक। जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों का चुनाव परिणाम में नोटा भी ज्यादा प्रभावी रहा है। 56 में 37 प्रत्याशियों को नोटा से भी कम मत मिले हैं। इस बार विस चुनाव में 56 प्रत्याशियों में केवल 19 को ही नोटा से ज्यादा वोट मिले हैं। हालांकि 1644 मतदाताओं ने नोटा का बंटन दबाया है। नोटा के पक्ष में मतदान से साफ है कि जिले के काफी प्रत्याशी लोगों को पसंद नहीं आए।
जिले में गढ़ी-सांपला किलोई, रोहतक, महम और कलानौर चार विधानसभा सीट हैं। इनमें 56 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे। रोहतक में 15, गढ़ी-सापंला किलोई में 9, महम में 19 और कलानौर से 13 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे। 37 प्रत्याशियों को नोटा से भी कम मत मिले। इनमें रोहतक में 569, गढ़ी-सांपला किलोई में 313, महम में 353 और कलानौर में 429 लोगों ने नोटा का बंटन दबाया।
क्या है नोटा का अर्थ
भारत में मतदान में विकल्प के रूप में नोटा काे लागू करने से पहले यह विश्व के अमेरिका, कोलंबिया, यूक्रेन, रूस, बांग्लादेश, ब्राजील, फिनलैंड, स्पेन, फ्रांस, चिली, स्वीडन, बेल्जियम, ग्रीस (13) देशों में जाना जाता था। इसमें मतदाता को यदि कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं है तो वह विरोध स्वरूप नोटा का बटन दबाकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हैं।
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पहले ही राउंड से बढ़ने लगा था नोटा
विधानसभा चुनाव की मतगणना शुरू होने के पहले राउंड से ही नोटा आने लगा था। नोटा की संख्या को देखते हुए राजनीतिक पार्टियों के लोग भी चकित थे। चूंकि रोहतक में इस बार काफी संख्या में नोटा ने बढ़त ली है।
वर्जन
चुनाव मैदान में 56 प्रत्याशी थे, 37 को नोटा ने हराया है। केवल नेताओं को ही नहीं बल्कि राजनीतिक पार्टियों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनको अपना आचरण सुधारकर जनता के हित में काम करना चाहिए।
नवीन जयहिंद, जय हिंद सेना सुप्रीमो।
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जिले में गढ़ी-सांपला किलोई, रोहतक, महम और कलानौर चार विधानसभा सीट हैं। इनमें 56 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे। रोहतक में 15, गढ़ी-सापंला किलोई में 9, महम में 19 और कलानौर से 13 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे। 37 प्रत्याशियों को नोटा से भी कम मत मिले। इनमें रोहतक में 569, गढ़ी-सांपला किलोई में 313, महम में 353 और कलानौर में 429 लोगों ने नोटा का बंटन दबाया।
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क्या है नोटा का अर्थ
भारत में मतदान में विकल्प के रूप में नोटा काे लागू करने से पहले यह विश्व के अमेरिका, कोलंबिया, यूक्रेन, रूस, बांग्लादेश, ब्राजील, फिनलैंड, स्पेन, फ्रांस, चिली, स्वीडन, बेल्जियम, ग्रीस (13) देशों में जाना जाता था। इसमें मतदाता को यदि कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं है तो वह विरोध स्वरूप नोटा का बटन दबाकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हैं।
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पहले ही राउंड से बढ़ने लगा था नोटा
विधानसभा चुनाव की मतगणना शुरू होने के पहले राउंड से ही नोटा आने लगा था। नोटा की संख्या को देखते हुए राजनीतिक पार्टियों के लोग भी चकित थे। चूंकि रोहतक में इस बार काफी संख्या में नोटा ने बढ़त ली है।
वर्जन
चुनाव मैदान में 56 प्रत्याशी थे, 37 को नोटा ने हराया है। केवल नेताओं को ही नहीं बल्कि राजनीतिक पार्टियों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनको अपना आचरण सुधारकर जनता के हित में काम करना चाहिए।
नवीन जयहिंद, जय हिंद सेना सुप्रीमो।