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जनस्वास् थ्य विभाग कार्यालय के गेट पर जड़ा ताला, मटके फोड़े और एक्सईएन को जबरन पिलाया गंदा पानी
Updated Fri, 07 Jul 2017 01:21 AM IST
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जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय के गेट पर जड़ा ताला, मटके फोड़े और एक्सईएन को जबरन पिलाया गंदा पानी
नारनौल। शहर में गंदे पानी की सप्लाई होना आम बात हो गई है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। एक महीने से गंदे पानी की समस्या से त्रस्त मोहल्ला रावका और खड़खड़ी की महिलाएं वीरवार को आपे से बाहर हो गईं। वे करीब 12 बजे वार्ड नंबर सात के पार्षद सचिन बंसल के नेतृत्व में निजामपुर रोड स्थित जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में पहुंचीं और वहां जमकर हंगामा किया। गुस्साई महिलाओं ने जनस्वास्थ्य विभाग के मुख्य गेट को ताला लगा दिया। इसके बाद विभाग के कार्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया। गुस्साई महिलाओं ने एक्सईएन की टेबल पर मटके फोड़ दिए। महिलाओं का गुस्सा यही शांत नहीं हुआ है और उन्होंने एक्सईएन को घरों में सप्लाई हो रहा गंदा पानी भी पिला दिया। इस दौरान महिलाएं ‘पानी का प्रबंध करो वरना दफ्तर बंद करो’ के नारे लगाती रहीं।
प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग ने उनके मोहल्ले में पानी की नई लाइन डाली है, लेकिन इसे पानी की सप्लाई से नहीं जोड़ा गया है। इस कारण मोहल्लेवासियों ने पुरानी पानी लाइन से कनेक्शन ले रखे हैं। इसमें लाइन में सीवर युक्त गंदा पानी आता है। इसे न तो पिया जा सकता है और न नहाया जा सकता है। इस बारे में वे कई बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। महिलाओं ने बताया कि घरों में गंदे पानी की सप्लाई होने से मजबूरन उन्हें दूर-दराज से कुओं से पानी लाना पड़ता है। वह पानी भी पीने लायक नहीं होता। इस कारण उन्हें हर सप्ताह पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
पंखे और कूलर भी किए बंद
गंदे पानी की समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग पहुंची महिलाओं ने सबसे पहले विभाग के मुख्य गेट को बंद कर दिया। इसके बाद महिलाओं ने कार्यालयों में बैठे कर्मचारियों के पंखों और कूलरों को बंद कर दिया।
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अधिकारियों ने समझाया, पर नहीं मानीं
जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में उपस्थित एसडीओ और अन्य कर्मचारियों ने हंगामा कर रहीं महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाओं ने उनकी एक नहीं सुनी। इसके बाद महिलाएं एक्सईएन कार्यालय पहुंच गई।
बोतलों में भरकर लाई थीं पानी
गुस्साई महिलाओं ने पहले एक्सईएन कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। इसके बाद कार्यालय में पहुंच गईं। वहां बैठे एक्सईएन रवींद्र गोठवाल कुछ समझ पाते इससे पहले महिलाओं ने उनकी टेबल और फर्श पर मटके फोड़ दिए। महिलाओं ने अपने घर से बोतलों में भरकर लाया गया सीवर युक्त गंदा पानी एक्सईएन को पिलाया। इस दौरान कहा कि वे ही गंदा पानी क्यों पीये, अधिकारी क्यों नहीं।
गंदा पानी पीने से फैल रही बीमारियां
इस दौरान महिलाओं ने बताया कि मोहल्ले में सीवर युक्त गंदा पानी सप्लाई होने से बीमारियां फैल रही हैं। मजबूरन उन्हें गंदा पानी पीना पड़ रहा है। इससे मोहल्ले में उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
बार-बार दी शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
वार्ड नंबर सात के पार्षद सचिन बंसल ने बताया कि गंदे पानी की सप्लाई और विभाग की नई लाइन को चालू करने, पंजाबी चौक और मोहन की दुकान, महता चौक से मोहल्ला खड़खड़ी के शिव मंदिर तक पानी की लाइन अतिशीघ्र डलवाने की मांग विभाग से कई बार की जा चुकी है। हर बार अधिकारी उन्हें केवल आश्वासन ही देते हैं। इस कारण मजबूरन मोहल्ले की महिलाओं को मटका फोड़ प्रदर्शन करना पड़ा।
एक्सईएन ने मौके पर जाकर करवाया कार्य शुरू
गुस्साई महिलाओं की मांग पर एक्सईएन रवींद्र गोठवाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने गंदा पानी आने का कारण पता लगाना शुरू करवाया। जनस्वास्थ्य विभाग की टीम शाम तक नई लाइन को चालू करने में लगी थी।
कई मोहल्ले में आ रहा महीनों से गंदा पानी
नारनौल। शहर में गंदे पानी की आपूर्ति मोहल्ला नई सराय, रविदास मंदिर मार्ग, पुरानी सराय, मीरा जी आदि में भी हो रही है। यहां की महिलाओं ने भी करीब एक माह पूर्व एक्सईएन कार्यालय में प्रदर्शन किया था। उस वक्त उन्हें एक्सईएन नहीं मिले थे। इस बारे में यहां के लोग कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं।
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नारनौल। शहर में गंदे पानी की सप्लाई होना आम बात हो गई है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। एक महीने से गंदे पानी की समस्या से त्रस्त मोहल्ला रावका और खड़खड़ी की महिलाएं वीरवार को आपे से बाहर हो गईं। वे करीब 12 बजे वार्ड नंबर सात के पार्षद सचिन बंसल के नेतृत्व में निजामपुर रोड स्थित जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में पहुंचीं और वहां जमकर हंगामा किया। गुस्साई महिलाओं ने जनस्वास्थ्य विभाग के मुख्य गेट को ताला लगा दिया। इसके बाद विभाग के कार्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया। गुस्साई महिलाओं ने एक्सईएन की टेबल पर मटके फोड़ दिए। महिलाओं का गुस्सा यही शांत नहीं हुआ है और उन्होंने एक्सईएन को घरों में सप्लाई हो रहा गंदा पानी भी पिला दिया। इस दौरान महिलाएं ‘पानी का प्रबंध करो वरना दफ्तर बंद करो’ के नारे लगाती रहीं।
प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग ने उनके मोहल्ले में पानी की नई लाइन डाली है, लेकिन इसे पानी की सप्लाई से नहीं जोड़ा गया है। इस कारण मोहल्लेवासियों ने पुरानी पानी लाइन से कनेक्शन ले रखे हैं। इसमें लाइन में सीवर युक्त गंदा पानी आता है। इसे न तो पिया जा सकता है और न नहाया जा सकता है। इस बारे में वे कई बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। महिलाओं ने बताया कि घरों में गंदे पानी की सप्लाई होने से मजबूरन उन्हें दूर-दराज से कुओं से पानी लाना पड़ता है। वह पानी भी पीने लायक नहीं होता। इस कारण उन्हें हर सप्ताह पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
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पंखे और कूलर भी किए बंद
गंदे पानी की समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग पहुंची महिलाओं ने सबसे पहले विभाग के मुख्य गेट को बंद कर दिया। इसके बाद महिलाओं ने कार्यालयों में बैठे कर्मचारियों के पंखों और कूलरों को बंद कर दिया।
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अधिकारियों ने समझाया, पर नहीं मानीं
जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में उपस्थित एसडीओ और अन्य कर्मचारियों ने हंगामा कर रहीं महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाओं ने उनकी एक नहीं सुनी। इसके बाद महिलाएं एक्सईएन कार्यालय पहुंच गई।
बोतलों में भरकर लाई थीं पानी
गुस्साई महिलाओं ने पहले एक्सईएन कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। इसके बाद कार्यालय में पहुंच गईं। वहां बैठे एक्सईएन रवींद्र गोठवाल कुछ समझ पाते इससे पहले महिलाओं ने उनकी टेबल और फर्श पर मटके फोड़ दिए। महिलाओं ने अपने घर से बोतलों में भरकर लाया गया सीवर युक्त गंदा पानी एक्सईएन को पिलाया। इस दौरान कहा कि वे ही गंदा पानी क्यों पीये, अधिकारी क्यों नहीं।
गंदा पानी पीने से फैल रही बीमारियां
इस दौरान महिलाओं ने बताया कि मोहल्ले में सीवर युक्त गंदा पानी सप्लाई होने से बीमारियां फैल रही हैं। मजबूरन उन्हें गंदा पानी पीना पड़ रहा है। इससे मोहल्ले में उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
बार-बार दी शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
वार्ड नंबर सात के पार्षद सचिन बंसल ने बताया कि गंदे पानी की सप्लाई और विभाग की नई लाइन को चालू करने, पंजाबी चौक और मोहन की दुकान, महता चौक से मोहल्ला खड़खड़ी के शिव मंदिर तक पानी की लाइन अतिशीघ्र डलवाने की मांग विभाग से कई बार की जा चुकी है। हर बार अधिकारी उन्हें केवल आश्वासन ही देते हैं। इस कारण मजबूरन मोहल्ले की महिलाओं को मटका फोड़ प्रदर्शन करना पड़ा।
एक्सईएन ने मौके पर जाकर करवाया कार्य शुरू
गुस्साई महिलाओं की मांग पर एक्सईएन रवींद्र गोठवाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने गंदा पानी आने का कारण पता लगाना शुरू करवाया। जनस्वास्थ्य विभाग की टीम शाम तक नई लाइन को चालू करने में लगी थी।
कई मोहल्ले में आ रहा महीनों से गंदा पानी
नारनौल। शहर में गंदे पानी की आपूर्ति मोहल्ला नई सराय, रविदास मंदिर मार्ग, पुरानी सराय, मीरा जी आदि में भी हो रही है। यहां की महिलाओं ने भी करीब एक माह पूर्व एक्सईएन कार्यालय में प्रदर्शन किया था। उस वक्त उन्हें एक्सईएन नहीं मिले थे। इस बारे में यहां के लोग कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं।