फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   जीएसटी पर कपड़ा व्यापारियों में रोष

जीएसटी पर कपड़ा व्यापारियों में रोष

Wed, 28 Jun 2017 01:27 AM IST
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:27 AM IST
विज्ञापन
जीएसटी पर कपड़ा व्यापारियों में रोष
जीएसटी पर कपड़ा व्यापारियों में रोष
विज्ञापन

कहा-आज तक कपड़े पर नहीं लगा है टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
एक जुलाई से लागू होने जा रहे जीएसटी पर कपड़ा व्यापारियों में काफी रोष है। कपड़ा व्यापारी कपड़े को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने की मांग कर रहे हैं। व्यापारियों का तर्क है कि कपड़े पर आज तक टैक्स नहीं लगा है अब सरकार इसे जीएसटी के दायरे में लाकर अनुचित कदम उठा रही है। व्यापारियों का मानना है कि जीएसटी से उनका कारोबार पूरी तरह से प्रभावित होगा।। इतना ही नहीं ग्राहकों को भी इसकी मार झेलनी पड़ेगी। काम का बोझ बढ़ जाएगा। जीएसटी का हिसाब-किताब रखने के लिए अलग से कर्मचारी रखने पर कपड़ा व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। व्यापारियों ने सरकार से कपड़े को जीएसटी में शामिल न करने की मांग की है।
---व्यापारियों से बातचीत ---
1 जीएसटी का हिसाब-किताब काफी कठिन होगा। दुकानदार भी कम पढ़े-लिखे हैं। पिछले 70 सालों से कपड़े पर कभी टैक्स नहीं लगा है। पहली बार सरकार कपड़े पर टैक्स लागू कर रही है। जीएसटी के कारण दुकानदारों को काफी परेशानी होगी। जीएसटी लागू होने के बाद अधिकतर दुकानदार कपड़े का व्यापार बंद कर देंगे।
विज्ञापन

अशोक कुमार, कपड़ा व्यापारी
2 यहां के दुकानदारों के कम पढे-लिखे होने के कारण जीएसटी का कानून समझने में काफी दिक्कत होगी। प्रति माह कपड़े का फैशन बदलता है। जीएसटी लागू होने के बाद सारा नया सामान आएगा है व पुराना सारा सामान बेकार हो जाएगा। दुकानदार के लिए प्रतिमाह हिसाब रखने में भी परेशानी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रमेश, कपड़ा व्यापारी
3 जीएसटी की प्रक्रिया के बारे में अधिकतर दुकानदारों को नहीं पता है। सरकार कपड़ा व्यापारियों पर दवाब डाल रही है। साल में 37 बार हिसाब-किताब देने का मतलब है कि दस दिन में एक बार हिसाब देना होगा। कागजी कार्रवाई का दवाब ज्यादा बढ़ जाएगा जिससे व्यापार बंद करना पड़ सकता है।
प्रकाश, कपड़ा व्यापारी
4 जीएसटी लागू होने के बाद कपड़ा व्यापारी का काम बढ़ जाने के साथ-साथ टेंशन भी बढ़ जाएगी। हर माह में नया स्टॉक आएगा। जिसके बाद पुराने स्टॉक का नुकसान दुकानदार को झेलना पड़ेगा। जीएसटी की प्रकिया के कारण दुकानदारों का कपड़ा व्यापार बंद हो जाएगा।
दीपक, कपड़ा व्यापारी
5 जीएसटी के कारण लोगों को नये फैशन के कपड़े दुकानों पर बहुत कम मात्रा में मिलेंगे। जीसएटी लागू होने का असर ग्राहकों पर भी पड़ेगा। जीएसटी का हिसाब-किताब रखने के लिए अलग से वर्कर रखना पड़ेगा। जीएसटी से दुकानदार पर काम का प्रेशर पड़ेगा व परेशानी

बढ़ेगी।
संजीव, कपड़ा व्यापारी
6 पिछले 70 सालों में आज तक कभी कपड़े पर टैक्स नहीं लगा है। सरकार कपड़ा व्यापारियों पर काम का बोझ डालने का काम कर रही है। व्यापारियों को जीएसटी के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ेगी। दुकानदार पर हिसाब-किताब का प्रेशर काफी बढ़ जाएगा। जिससे दुकानदारों को कारोबार बंद करने को मजबूर होना पड़ सकता है।
मनफूल रावलधिया ,कपड़ा व्यापारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed