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Updated Sat, 17 Jun 2017 02:27 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
गुजरात के गोचर बोर्ड की तर्ज पर हरियाणा में बनाने की मांग को लेकर अनशन कर रहे संत गोपालदास ने शुक्रवार को जल का भी त्याग कर दिया है। उन्होंने अमेरिक संत डेनियल डिवाइन को जबरदस्ती दिल्ली ले जाने के विरोध में जल का त्याग किया है। संत का कहना है कि डेनियल को ले जाने से पहले सरकार ने कोई नोटिस नहीं दिया है। जिस तरह से संत डिवाइन को ले जाया गया है, उससे वे बहुत नाराज है।
मानसरोवर पार्क में पिछले 15 दिनों से आमरण अनशन कर रहे संत गोपालदास ने डेनियल पर वीजा को लेकर की गई कार्रवाई का विरोध जताया है। उन्होंने प्रशासन पर उसे गलत तरीके और जबरन उठाकर ले जाने का भी आरोप लगाया है। संत ने कहा कि डेनियल के पास 2018 तक का मल्टीपल वीजा है। इसके बावजूद शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे व्यक्ति को उठाकर ले जाया गया है। एक विदेशी संत के साथ ऐसा स्वभाव हमारे देश के लचर कानून और खराब व्यवस्था को दर्शाता है। संत ने कहा कि मौजूदा सरकार संतों के प्रयास से ही बनी है, लेकिन सत्ता मिलने के बाद उसे संतों या गाय की कोई फिक्र तक नहीं है। दोपहर बाद संत ने विश्व हिंदू परिषद का प्रतिनिधिमंडल भी समर्थन देने के लिए पहुंचा।
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रोहतक।
गुजरात के गोचर बोर्ड की तर्ज पर हरियाणा में बनाने की मांग को लेकर अनशन कर रहे संत गोपालदास ने शुक्रवार को जल का भी त्याग कर दिया है। उन्होंने अमेरिक संत डेनियल डिवाइन को जबरदस्ती दिल्ली ले जाने के विरोध में जल का त्याग किया है। संत का कहना है कि डेनियल को ले जाने से पहले सरकार ने कोई नोटिस नहीं दिया है। जिस तरह से संत डिवाइन को ले जाया गया है, उससे वे बहुत नाराज है।
मानसरोवर पार्क में पिछले 15 दिनों से आमरण अनशन कर रहे संत गोपालदास ने डेनियल पर वीजा को लेकर की गई कार्रवाई का विरोध जताया है। उन्होंने प्रशासन पर उसे गलत तरीके और जबरन उठाकर ले जाने का भी आरोप लगाया है। संत ने कहा कि डेनियल के पास 2018 तक का मल्टीपल वीजा है। इसके बावजूद शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे व्यक्ति को उठाकर ले जाया गया है। एक विदेशी संत के साथ ऐसा स्वभाव हमारे देश के लचर कानून और खराब व्यवस्था को दर्शाता है। संत ने कहा कि मौजूदा सरकार संतों के प्रयास से ही बनी है, लेकिन सत्ता मिलने के बाद उसे संतों या गाय की कोई फिक्र तक नहीं है। दोपहर बाद संत ने विश्व हिंदू परिषद का प्रतिनिधिमंडल भी समर्थन देने के लिए पहुंचा।
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