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Rohtak News: एमबीबीएस परीक्षा में नकल के खेल में 31 और उत्तर पुस्तिकाओं में मिली छेड़छाड़
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रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के एमबीबीएस परीक्षा में नकल के खेल में बड़ा खुलासा हुआ है। विवि प्रशासन को इसी माह जांच में 31 और उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ मिली है। इसके बाद इन विद्यार्थियों को नोटिस जारी कर दिया गया है। ये सभी विद्यार्थी झज्जर के एक निजी मेडिकल कॉलेज के बताए जा रहे हैं। इस नए खुलासे ने इस मामले में बड़े स्तर पर गड़बड़ी के संकेत दे दिए हैं।
स्वास्थ्य विज्ञान विवि में नकल के खेल मामले को लेकर जांच चल रही है। कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने इसके लिए तीन सदयीय विशेष समिति गठित की है। यह समिति पास होने के लिए नकल के खेल में शामिल आराेपियों के पकड़े जाने के बाद गठित की गई है। समिति वर्ष 2020-21 बैच व इसके बाद के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं जांच रही है।
शिकायतकर्ता की ओर से नकल के खेल में और विद्यार्थियों के शामिल होने का दावा किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया। समिति की जांच में यह दावा पुष्ट हो गया है। पिछले कुछ माह में 2,000 से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा चुकी हैं।
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जांच में 31 उत्तर पुस्तिकाओं से पहले की तरह छेड़छाड़ व लिखावट में अंतर पाया गया। फिलहाल, इस बारे में किसी को कुछ नहीं बताया गया है। इसके बाद विवि प्रशासन ने इन 31 विद्यार्थियों को उनका पक्ष जानने के लिए नोटिस जारी
कर दिया है।
समिति ने इन विद्यार्थियों का मामला अगली कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय के ''''बोर्ड ऑफ डिसिप्लिन'''' को भेज दिया है। बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं की जांच फॉरेंसिक या लिखावट विशेषज्ञों से कराएगा। संबंधित छात्रों को बुलाकर उनकी उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ के संबंध में उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
वर्जन
एमबीबीएस परीक्षा में नकल मामले की जांच जारी है। समिति विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर रही है। विवि प्रशासन इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रहा है। परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के साथ किसी भी तरह की गड़बड़ी पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
डाॅ. एचके अग्रवाल, कुलपति, स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय
10 आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जा चुका जेल
स्वास्थ्य विज्ञान विवि में एमबीबीएस के एक विद्यार्थी ने शिकायत दी थी। इसकी जांच में जनवरी 2025 में नकल के खेल का खुलासा हुआ था। इसके बाद पुलिस में शिकायत देकर 41 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। इसमें 24 विद्यार्थी व विवि के 17 कर्मचारी आरोपी हैं। पुलिस ने इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस की ओर से अदालत में 978 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। यह मामला अदालत में विचाराधीन है।
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स्वास्थ्य विज्ञान विवि में नकल के खेल मामले को लेकर जांच चल रही है। कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने इसके लिए तीन सदयीय विशेष समिति गठित की है। यह समिति पास होने के लिए नकल के खेल में शामिल आराेपियों के पकड़े जाने के बाद गठित की गई है। समिति वर्ष 2020-21 बैच व इसके बाद के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं जांच रही है।
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शिकायतकर्ता की ओर से नकल के खेल में और विद्यार्थियों के शामिल होने का दावा किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया। समिति की जांच में यह दावा पुष्ट हो गया है। पिछले कुछ माह में 2,000 से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा चुकी हैं।
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जांच में 31 उत्तर पुस्तिकाओं से पहले की तरह छेड़छाड़ व लिखावट में अंतर पाया गया। फिलहाल, इस बारे में किसी को कुछ नहीं बताया गया है। इसके बाद विवि प्रशासन ने इन 31 विद्यार्थियों को उनका पक्ष जानने के लिए नोटिस जारी
कर दिया है।
समिति ने इन विद्यार्थियों का मामला अगली कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय के ''''बोर्ड ऑफ डिसिप्लिन'''' को भेज दिया है। बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं की जांच फॉरेंसिक या लिखावट विशेषज्ञों से कराएगा। संबंधित छात्रों को बुलाकर उनकी उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ के संबंध में उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
वर्जन
एमबीबीएस परीक्षा में नकल मामले की जांच जारी है। समिति विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर रही है। विवि प्रशासन इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रहा है। परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के साथ किसी भी तरह की गड़बड़ी पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
डाॅ. एचके अग्रवाल, कुलपति, स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय
10 आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जा चुका जेल
स्वास्थ्य विज्ञान विवि में एमबीबीएस के एक विद्यार्थी ने शिकायत दी थी। इसकी जांच में जनवरी 2025 में नकल के खेल का खुलासा हुआ था। इसके बाद पुलिस में शिकायत देकर 41 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। इसमें 24 विद्यार्थी व विवि के 17 कर्मचारी आरोपी हैं। पुलिस ने इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस की ओर से अदालत में 978 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। यह मामला अदालत में विचाराधीन है।