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नौ चरणों में 23 से होगी 2580 बंदियों की जेल वापसी

Tue, 16 Feb 2021 02:13 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 16 Feb 2021 02:13 AM IST
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2580 prisoners will be imprisoned from 23 in nine phases
रोहतक। कोरोना काल में जेल से बंदियों को विशेष तौर पर दी गई पैरोल की अवधि खत्म कर दी गई है। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर पंजाब हरियाणा उच्चन्यायालय के न्यायाधीश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति राजन गुप्ता की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी ने जिला कारागार से 2580 बंदियों की पैरोल अवधि 11 माह बाद खत्म करके 23 फरवरी से नौ चरणों में वापसी के आदेश दिए गए हैं। साथ ही एक जेल से दूसरी जेल में स्थानांतरण की भी अनुमति दे दी गई है।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी खत्री सौरभ ने बताया कि जेल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बंदियों का उच्चाधिकार समिति के निर्धारित मापदंड के अनुसार लौटाना सुनिश्चित करें। इन बंदियों की वापसी 23 फरवरी से नौ चरणों में होगी। राज्य स्तर पर गठित हाई पावर कमेटी ने 23 मार्च 2020 को बंदियों को कोरोना संक्रमण के मद्देनजर पैरोल भेजने के निर्देश दिए थे। बैठक में प्रदेश के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, जेल महानिदेशक सेवानिवृत के. सेल्वराज, जिला एवं सत्र न्यायाधीश व हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रमोद गोयल ने भाग लिया।
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सीजेएम ने बताया कि जेल अधिकारियों और स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि एक-दूसरे के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए बंदियों के प्रवेश के समय सख्त परीक्षण और प्रोटोकॉल का पालन करें। यह भी निर्णय लिया गया है कि गत एक फरवरी 2021 को पैरोल अथवा फर्लो पर रिहा किये गये बंदियों को सक्षम प्राधिकारियों द्वारा दी गई पैरोल अथवा फर्लो की अवधि समाप्त होने पर आत्मसमर्पण करना होगा। समिति ने जेल अधिकारियों को सुरक्षा के आधार पर या कोविड-19 के मद्देनजर एक जेल से दूसरी जेल में कैदियों को स्थानांतरण करने की भी अनुमति दी है।
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बंदियों से मुलाकात की भी मिली अनुमति
कोरोना संक्रमण के कारण बंदियों को उनके परिजनों के साथ मिलने अथवा बैठक को निलंबित कर दिया गया था, अब इस कमेटी ने बंदियों को परिजनों के साथ एक सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक फिर से मुलाकात करने की अनुमति प्रदान की है। विचाराधीन कैदियों और दोषियों को भी हर शनिवार को अपने वकीलों से मिलने की अनुमति दी है। विचाराधीन बंदी एक माह में दो बार परिवार के सदस्यों से मिलेंगे, जबकि दोषियों को एक माह में एक बार मिलने की अनुमति होगी। इस दौरान कोरोना से बचाव के सुरक्षा उपायों मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी का पालन करना होगा।
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