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Rohtak News: गुणवत्ता मानकों पर 22 सैंपल फेल, दो पर चल रहा एडीसी कोर्ट में मुकदमा
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रोहतक। खाद्य व औषधी नियंत्रण विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता व मिलावट को लेकर बीते छह माह में अभियान चलाकर 69 से ज्यादा सैंपल लिए हैं। इनमें से 22 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर फेल आए हैं। यह सैंपल वनीला आइसक्रीम, ग्रीन चटनी, कुल्फी, बेसन, खोया, दूध, कुट्टू, पनीर, घी, दूध के लिए गए। इनमें से ज्यादातर सैंपल शहरी इलाके से लिए गए। कई सैंपल दूसरी बार भी प्रतिष्ठानों पर जाकर विभाग की टीम ने लिए हैं। इसमें से ज्यादातर सैंपल सही मिले। दो प्रतिष्ठानों के सैंपल दूसरी बार भी गुणवत्ता जांच में भी पूरी तरह से फेल आए। इसके बाद प्रतिष्ठान पर एडीसी कोर्ट में मुकदमा चलाया जा रहा है। अन्य लिए सैंपल की जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
आलू पर मसाला और मिट्टी की शिकायत पर लिए सैंपल
केमिकल मसाले वाले आलू की शिकायत को लेकर बीते दिन विभाग ने मंडी का औचक निरीक्षण किया। यहां से आलू के तीन सैंपल लिए। सब्जी में आलू की सबसे ज्यादा खपत होती है। व्यापारी अधिक दिनों तक आलू को कोल्ड स्टोर में रखते हैं। आलू को अधिक दिनों खराब होने से बचाने के लिए केमिकल युक्त मसाला और मिट्टी का प्रयोग करते हैं। इसके बाद यह आलू दुकानों और मंडियों से होते हुए घर तक पहुंचता है। जो कि स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। ऐसे में सैंपल रिपोर्ट आने के बाद गुणवत्ता मानक में कमी मिलने पर विभाग कार्रवाई करेगा।
इस माह इतने लिए सैंपल
माह सैंपल
जून 5
जुलाई 8
अगस्त 10
सितंबर 13
अक्तूबर 18
नवंबर 15
-- -वर्जन
विभाग लोगों की स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है। इसी के मद्देनजर अभियान चलाया जा रहा है। अक्तूबर से तीन माह दुग्ध व इससे निर्मित पदार्थों के अभियान चलाकर सैंपल लिए जा रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थ की साफ-सफाई व गुणवत्ता है। इसी को लेकर लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की भी जांच की जा रही है। रजिस्ट्रेशन न होने पर एक लाख तक जुर्माना लगाया जा सकता है और लाइसेंस न होने पर जुर्माना व सजा दोनों का ही प्रावधान है। ऐसे में ऑनलाइन विभाग की साइट पर जाकर बड़ी आसानी से रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। जो कि बहुत की कम शुल्क में प्राप्त हो जाती है।
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-डॉ. योगेश कादियान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि विभाग।
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आलू पर मसाला और मिट्टी की शिकायत पर लिए सैंपल
केमिकल मसाले वाले आलू की शिकायत को लेकर बीते दिन विभाग ने मंडी का औचक निरीक्षण किया। यहां से आलू के तीन सैंपल लिए। सब्जी में आलू की सबसे ज्यादा खपत होती है। व्यापारी अधिक दिनों तक आलू को कोल्ड स्टोर में रखते हैं। आलू को अधिक दिनों खराब होने से बचाने के लिए केमिकल युक्त मसाला और मिट्टी का प्रयोग करते हैं। इसके बाद यह आलू दुकानों और मंडियों से होते हुए घर तक पहुंचता है। जो कि स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। ऐसे में सैंपल रिपोर्ट आने के बाद गुणवत्ता मानक में कमी मिलने पर विभाग कार्रवाई करेगा।
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इस माह इतने लिए सैंपल
माह सैंपल
जून 5
जुलाई 8
अगस्त 10
सितंबर 13
अक्तूबर 18
नवंबर 15
विभाग लोगों की स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है। इसी के मद्देनजर अभियान चलाया जा रहा है। अक्तूबर से तीन माह दुग्ध व इससे निर्मित पदार्थों के अभियान चलाकर सैंपल लिए जा रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थ की साफ-सफाई व गुणवत्ता है। इसी को लेकर लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की भी जांच की जा रही है। रजिस्ट्रेशन न होने पर एक लाख तक जुर्माना लगाया जा सकता है और लाइसेंस न होने पर जुर्माना व सजा दोनों का ही प्रावधान है। ऐसे में ऑनलाइन विभाग की साइट पर जाकर बड़ी आसानी से रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। जो कि बहुत की कम शुल्क में प्राप्त हो जाती है।
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-डॉ. योगेश कादियान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि विभाग।