हरियाणा में कोरोना : रोहतक पीजीआई के 22 डॉक्टर संक्रमित, महिला रोग विभाग अलर्ट, 14 ने लगवाया था टीका
- हरियाणा में कोरोना के बढ़ रहे मामले, रोहतक पीजीआई भी चपेट में
- कोरोना संक्रमित डॉक्टरों की बढ़ती संख्या पर महिला रोग विभाग अलर्ट
विस्तार
हरियाणा में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना संक्रमित डॉक्टरों की बढ़ती संख्या का सबसे बड़ा असर पीजीआईएमएस के महिला रोग विभाग पर पड़ा है। विभाग के 19 पीजी डॉक्टर, दो सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर और एक सीनियर डॉक्टर संक्रमित पाए गए हैं। पीजीआईएमएस की चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. पुष्पा दहिया ने बताया कि कि इनमें से 14 डॉक्टरों ने टीकाकरण करवाया था। वहीं बुधवार देर रात गायनी वार्ड में भर्ती तीन मरीज भी पॉजिटिव पाए गए। डॉ. पुष्पा दहिया ने बताया कि जांच में सामने आया कि लेबर रूम ही कोरोना का हॉट स्पॉट बना हुआ है। विभाग के डॉक्टरों को आदेश दिया गया है कि इलेक्टिव सर्जरी की संख्या में कमी लाएं।
22 resident doctors of Obstetrics & Gynecology Department have tested positive for COVID-19 in last 14 days. Of these 22 doctors, 14 had taken vaccine: Dr Pushpa Dahiya, Post-Graduate Institute of Medical Sciences (PGIMS), Rohtak. #Haryana (31/3) pic.twitter.com/UrDbUVV1JJ
— ANI (@ANI) April 1, 2021विज्ञापन
ढिलाई : रैपिड जांच रोकी और नहीं करवाया टीकाकरण
महिला रोग विभाग ने कोरोना संक्रमण काल में ढिलाई बरती और परिणाम सामने आ गया है। सबसे पहले विभाग ने अपने यहां आने वाले मरीजों की रैपिड जांच रोकी, इससे कौन मरीज संक्रमित है या नहीं है पता ही नहीं चल पाया। इसके बाद खास बात यह भी सामने आ रही है कि कई डॉक्टरों ने कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण नहीं कराया है।
अब प्रशासन सवाल पूछ रहा है कि किस-किस ने टीकाकरण नहीं कराया था। निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव ने पहले ही पत्र जारी कर पूछा है कि किस डॉक्टर ने अभी तक टीकाकरण नहीं कराया है और उसकी वजह क्या है। गौरतलब है कि कई विभागों ने निदेशक के आदेशों की अवहेलना करते हुए अभी तक जवाब तक नहीं दिया है। जबकि इसमें कई महत्वपूर्ण विभाग भी शामिल हैं।