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15 विभाग कर सकेंगे ओवरलोडिंग पर चालान
Updated Wed, 10 Jan 2018 01:29 AM IST
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15 विभाग कर सकेंगे ओवरलोडिंग पर चालान
चरखी दादरी।
ओवरलोडिंग के खेल को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने 15 विभागों को वाहनों के चालान के अधिकार दे दिए हैं। सरकार के निर्देशों पर डीसी विजय कुमार सिद्प्पा ने मंगलवार को जिले के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों को सरकार के नए नियमों की जानकारी दी और चालान करने के दायरे में शामिल विभाग के अधिकारियों को ई-चालान बुक डाउनलोड करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि अगर कोई भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीसी ने कहा कि दादरी जिला में 12 माइनिंग जोन हैं, जिनसे हर रोज हजारों ट्रक माल लेकर दिल्ली व आसपास के जिलों की ओर जाते हैं। क्षेत्र की जनता की बार-बार ओवरलोडिंग पर आने वाली शिकायतों के चलते सरकार द्वारा नए नियम लागू करते हुए 15 विभागों के अधिकारियों को ओवरलोड के चालान करने के अधिकारी दिए हैं। उपायुक्त ने बताया कि संबंधित विभागों के सभी अधिकारी अपने मोबाइल में ई-चालान का एप डाउनलोड करके सरकार की हिदायतों की पालना करें। सभी अधिकारी हर रोज अपने चालान की रिपोर्ट बनाकर समय-समय पर उपायुक्त कार्यालय में भेजते रहें। अगर किसी अधिकारी ओवरलोडिंग मामले के संबंध में लापरवाही बरती तो उस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि ओवरलोडिंग से संबंधित मामले में अगर किसी कर्मचारी या अधिकारी के पैसे की लेन-देन में संलिप्त होने की कोई शिकायत मिलती है तो इसकी सूचना उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक को दें। इसके अलावा आम नागरिकों से भी किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा ओवरलोडिंग पर भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग ने कहा कि चेकिंग के दौरान अगर कोई ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भागता है तो रोड बाधित करने संबंधित धाराएं भी लगाई जाएंगी। इसके अलावा ओवरलोडिंग की चेकिंग के लिए जाने वाली हर टीम की सुरक्षा व सहायता के लिए एक पुलिस टीम भी उनके साथ रहेगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ओवरलोड वाहनों की चेकिंग पर जाने वाली सभी टीमों के लिए पुलिस के दस कर्मचारियों की एक विशेष टीम 24 घंटे तैयार रहेगी। इस विशेष टीम का एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया जाएगा, जब किसी भी टीम को ओवरलोडिंग की चेकिंग पर जाना हो तो नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी से संपर्क कर सहायता के लिए एक पुलिस टीम अपने साथ ले जा सकते हैं।
इन विभागों को सौंपी है जिम्मेवारी
उपायुक्त ने बताया कि ओवरलोडिंग पर लगाम के लिए पुलिस अधिक्षक, अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, तहसीलदार, खनन विभाग, आबकारी एवं कराधान विभाग, बिक्री कर विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, वन विभाग, पंचायती राज, सड़क एवं भवन निर्माण विभाग तथा रोडवेज महाप्रबंधक सहित 15 विभागों के अधिकारियों को चालान के विशेष अधिकार दिए गए हैं। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अजय सिंह तोमर, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार, वन अधिकारी जयपाल राठी, भवन एवं सड़क निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता उदयवीर झांझड़िया, रोडवेज महाप्रबंधक अनिल नागर सहित अनेक विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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चरखी दादरी।
ओवरलोडिंग के खेल को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने 15 विभागों को वाहनों के चालान के अधिकार दे दिए हैं। सरकार के निर्देशों पर डीसी विजय कुमार सिद्प्पा ने मंगलवार को जिले के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों को सरकार के नए नियमों की जानकारी दी और चालान करने के दायरे में शामिल विभाग के अधिकारियों को ई-चालान बुक डाउनलोड करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि अगर कोई भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीसी ने कहा कि दादरी जिला में 12 माइनिंग जोन हैं, जिनसे हर रोज हजारों ट्रक माल लेकर दिल्ली व आसपास के जिलों की ओर जाते हैं। क्षेत्र की जनता की बार-बार ओवरलोडिंग पर आने वाली शिकायतों के चलते सरकार द्वारा नए नियम लागू करते हुए 15 विभागों के अधिकारियों को ओवरलोड के चालान करने के अधिकारी दिए हैं। उपायुक्त ने बताया कि संबंधित विभागों के सभी अधिकारी अपने मोबाइल में ई-चालान का एप डाउनलोड करके सरकार की हिदायतों की पालना करें। सभी अधिकारी हर रोज अपने चालान की रिपोर्ट बनाकर समय-समय पर उपायुक्त कार्यालय में भेजते रहें। अगर किसी अधिकारी ओवरलोडिंग मामले के संबंध में लापरवाही बरती तो उस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि ओवरलोडिंग से संबंधित मामले में अगर किसी कर्मचारी या अधिकारी के पैसे की लेन-देन में संलिप्त होने की कोई शिकायत मिलती है तो इसकी सूचना उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक को दें। इसके अलावा आम नागरिकों से भी किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा ओवरलोडिंग पर भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग ने कहा कि चेकिंग के दौरान अगर कोई ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भागता है तो रोड बाधित करने संबंधित धाराएं भी लगाई जाएंगी। इसके अलावा ओवरलोडिंग की चेकिंग के लिए जाने वाली हर टीम की सुरक्षा व सहायता के लिए एक पुलिस टीम भी उनके साथ रहेगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ओवरलोड वाहनों की चेकिंग पर जाने वाली सभी टीमों के लिए पुलिस के दस कर्मचारियों की एक विशेष टीम 24 घंटे तैयार रहेगी। इस विशेष टीम का एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया जाएगा, जब किसी भी टीम को ओवरलोडिंग की चेकिंग पर जाना हो तो नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी से संपर्क कर सहायता के लिए एक पुलिस टीम अपने साथ ले जा सकते हैं।
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इन विभागों को सौंपी है जिम्मेवारी
उपायुक्त ने बताया कि ओवरलोडिंग पर लगाम के लिए पुलिस अधिक्षक, अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, तहसीलदार, खनन विभाग, आबकारी एवं कराधान विभाग, बिक्री कर विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, वन विभाग, पंचायती राज, सड़क एवं भवन निर्माण विभाग तथा रोडवेज महाप्रबंधक सहित 15 विभागों के अधिकारियों को चालान के विशेष अधिकार दिए गए हैं। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अजय सिंह तोमर, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार, वन अधिकारी जयपाल राठी, भवन एवं सड़क निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता उदयवीर झांझड़िया, रोडवेज महाप्रबंधक अनिल नागर सहित अनेक विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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